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अबकी बार वोटों के ध्रुवीकरण का हिस्सा बनेंगे होली मिलन समारोह
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखें तय कर दी हैं। ऐसे में नामांकन और चुनाव प्रचार की शुरुआत में होली का त्यौहार बीच में आ रहा है। ऐसे में अब राजनैतिक टिप्पणियों के बीच प्रत्येक कार्यक्रम में वोटों का ध्रुवीकरण प्रारंभ हो जाएगा। नेता अपने प्रचार के लिए अपने नुमाइंदों के नाम से विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित करवाएंगे। जिससे उनका प्रचार हो सके। ऐसे में होली के त्यौहार के समय शहर में आयोजित होने वाले होली मिलन समारोह वोटों के ध्रुवीकरण का हिस्सा भी बनेंगे।
बता दें कि होली से कुछ दिन पहले और कुछ दिन बाद तक शहर में होली मिलन समारोह आयोजित होते हैं। लेकिन इस बार होली लोक सभा चुनाव के बीच में हैं। होली के तुरंत बाद नामांकन प्रारंभ हो जाएगा। नामांकन के साथ चुनाव प्रचार भी तेज रफ्तार पकड़ेगा। ऐसे में प्रत्याशी, विभिन्न राजनैतिक पार्टियां, पार्टी कार्यकर्ता तथा नेताओं के नुमाइंदे अपने प्रचार के लिए तरह-तरह के तरकीबें प्रयोग में लाएंगे।
जगह-जगह आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में राजनैतिक टिप्पणियां प्रारंभ होने लग जाएंगी। ऐसे में होली मिलन समारोह के जरिए वोटों के ध्रुवीकरण के प्रयास भी प्रारंभ हो जाएंगे। जबकि प्रत्याशी अपने नुमाइंदों के जरिए भी होली मिलन समारोह आयोजित करवाएंगे। ऐसे में इस बार के होली मिलन समारोह राजनीति का अखाड़ा भी बनेंगे।
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हर कार्यक्रम की वीडियो ग्राफी कराई जाएगी। किसी भी कार्यक्रम में राजनैतिक व्यक्तियों की मौजूदगी मिलती है या चुनाव प्रचार मिलता है तो तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - चंद्रभूषण सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी।
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चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखें तय कर दी हैं। ऐसे में नामांकन और चुनाव प्रचार की शुरुआत में होली का त्यौहार बीच में आ रहा है। ऐसे में अब राजनैतिक टिप्पणियों के बीच प्रत्येक कार्यक्रम में वोटों का ध्रुवीकरण प्रारंभ हो जाएगा। नेता अपने प्रचार के लिए अपने नुमाइंदों के नाम से विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित करवाएंगे। जिससे उनका प्रचार हो सके। ऐसे में होली के त्यौहार के समय शहर में आयोजित होने वाले होली मिलन समारोह वोटों के ध्रुवीकरण का हिस्सा भी बनेंगे।
बता दें कि होली से कुछ दिन पहले और कुछ दिन बाद तक शहर में होली मिलन समारोह आयोजित होते हैं। लेकिन इस बार होली लोक सभा चुनाव के बीच में हैं। होली के तुरंत बाद नामांकन प्रारंभ हो जाएगा। नामांकन के साथ चुनाव प्रचार भी तेज रफ्तार पकड़ेगा। ऐसे में प्रत्याशी, विभिन्न राजनैतिक पार्टियां, पार्टी कार्यकर्ता तथा नेताओं के नुमाइंदे अपने प्रचार के लिए तरह-तरह के तरकीबें प्रयोग में लाएंगे।
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जगह-जगह आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में राजनैतिक टिप्पणियां प्रारंभ होने लग जाएंगी। ऐसे में होली मिलन समारोह के जरिए वोटों के ध्रुवीकरण के प्रयास भी प्रारंभ हो जाएंगे। जबकि प्रत्याशी अपने नुमाइंदों के जरिए भी होली मिलन समारोह आयोजित करवाएंगे। ऐसे में इस बार के होली मिलन समारोह राजनीति का अखाड़ा भी बनेंगे।
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हर कार्यक्रम की वीडियो ग्राफी कराई जाएगी। किसी भी कार्यक्रम में राजनैतिक व्यक्तियों की मौजूदगी मिलती है या चुनाव प्रचार मिलता है तो तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - चंद्रभूषण सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी।