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गोवंश के लिए बनेंगी 25 गोशालाएं
Updated Wed, 14 Nov 2018 02:07 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अब गोमाता भूखी प्यासी नहीं घूमेंगी। जिले में 25 स्थानों पर गोशालाओं का निर्माण होगा। यह निर्देश जारी करते हुए डीएम ने अफसरों को स्थान चिन्हित करने के आदेश दिये हैं। सीवीओ को इसका नोडल अफसर बनाया गया है।
इस मामले में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्राें में चारागाह की जगहों को उनकी अध्यक्षता में गठित गो रक्षा समिति के माध्यम से गोशाला के रूप में विकसित किया जाय। गोशाला के उपयोग में ली जाने वाली जमीन का स्वामित्व ग्राम समाज का रखा जाय। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि चारागाह की जमीनों का तत्काल चिन्हांकन कर तारों की चारदीवारी बनायी जायतथा टीन शेड डालकर गोवंश को उसमें रखा जाय। उनके चारे के लिए भी टीन शेड का निर्माण कराया जाय। गोशालाओं के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो भी गोशालाएं निरात्रित गोवंश को लेने की पेशकश करेंगी, उन्हें जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। सभी गोशाला संचालक जिला स्तर पर बनाई गई गोवंश समिति के आजीवन सदस्य होंगे। सीडीओ ने शहरी क्षेत्र में घूमने वाले गोवंश को गोशालाओं को देने को कहा। जिलास्तर पर बनाई गई समिति में अफसर और गोवंश की रक्षा के इच्छुक लोगों को सदस्यता दिलाने का सुझाव दिया। उन्होंने सीवीओ को आवारा गोवंश की जानकारी देने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अफसर व गोशाला संचालक मौजूद थे।
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अब गोमाता भूखी प्यासी नहीं घूमेंगी। जिले में 25 स्थानों पर गोशालाओं का निर्माण होगा। यह निर्देश जारी करते हुए डीएम ने अफसरों को स्थान चिन्हित करने के आदेश दिये हैं। सीवीओ को इसका नोडल अफसर बनाया गया है।
इस मामले में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्राें में चारागाह की जगहों को उनकी अध्यक्षता में गठित गो रक्षा समिति के माध्यम से गोशाला के रूप में विकसित किया जाय। गोशाला के उपयोग में ली जाने वाली जमीन का स्वामित्व ग्राम समाज का रखा जाय। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि चारागाह की जमीनों का तत्काल चिन्हांकन कर तारों की चारदीवारी बनायी जायतथा टीन शेड डालकर गोवंश को उसमें रखा जाय। उनके चारे के लिए भी टीन शेड का निर्माण कराया जाय। गोशालाओं के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो भी गोशालाएं निरात्रित गोवंश को लेने की पेशकश करेंगी, उन्हें जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। सभी गोशाला संचालक जिला स्तर पर बनाई गई गोवंश समिति के आजीवन सदस्य होंगे। सीडीओ ने शहरी क्षेत्र में घूमने वाले गोवंश को गोशालाओं को देने को कहा। जिलास्तर पर बनाई गई समिति में अफसर और गोवंश की रक्षा के इच्छुक लोगों को सदस्यता दिलाने का सुझाव दिया। उन्होंने सीवीओ को आवारा गोवंश की जानकारी देने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अफसर व गोशाला संचालक मौजूद थे।
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