{"_id":"5bb52c87867a557fe510256a","slug":"11538600071-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशा वर्करों ने की मानदेय में से पैसा काटने की शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशा वर्करों ने की मानदेय में से पैसा काटने की शिकायत
Updated Thu, 04 Oct 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़। स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्करों को दिए जाने वाले मानदेय में से पैसे काट लेने की शिकायत के बाद पल्स पोलियो पर्यवेक्षक त्रिलोकी नाथ गौड़ ने एडी हेल्थ को प्रकरण से अवगत कराया है। जिसके बाद स्पष्ट किया गया है कि आशा वर्कर के मानदेय में से कोई पैसा नहीं कटेगा और उन्हें निर्धारित दो हजार रुपये ही दिए जाएंगे।
त्रिलोकी नाथ गौड़ ने बताया कि सन 2013 में भारत सरकार ने फैसला लिया था कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत देश में 9.1 लाख आशाओं के पद मंजूर हैं, लेकिन केबल 8.7 लाख आशाएं काम कर रही हैं। सन 2013 में आशाओं को एक हजार रुपये प्रति माह देने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। सन 2014-15 में तय किया गया था कि एक हजार रुपये फिक्स मानदेय दिया जाएगा। इसका पहले दिए जाने वाले मानदेय से कोई लेना देना नहीं है। दो हजार रुपये आशा को मिलेंगे।
विज्ञापन
अलीगढ़। स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्करों को दिए जाने वाले मानदेय में से पैसे काट लेने की शिकायत के बाद पल्स पोलियो पर्यवेक्षक त्रिलोकी नाथ गौड़ ने एडी हेल्थ को प्रकरण से अवगत कराया है। जिसके बाद स्पष्ट किया गया है कि आशा वर्कर के मानदेय में से कोई पैसा नहीं कटेगा और उन्हें निर्धारित दो हजार रुपये ही दिए जाएंगे।
त्रिलोकी नाथ गौड़ ने बताया कि सन 2013 में भारत सरकार ने फैसला लिया था कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत देश में 9.1 लाख आशाओं के पद मंजूर हैं, लेकिन केबल 8.7 लाख आशाएं काम कर रही हैं। सन 2013 में आशाओं को एक हजार रुपये प्रति माह देने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। सन 2014-15 में तय किया गया था कि एक हजार रुपये फिक्स मानदेय दिया जाएगा। इसका पहले दिए जाने वाले मानदेय से कोई लेना देना नहीं है। दो हजार रुपये आशा को मिलेंगे।
विज्ञापन