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अस्पतालों में एआरवी का संकट गहराया
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:16 AM IST
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हाथरस।
जिले में एआरवी का संकट फिर से गहरा गया है। जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुत्ता काटे के शिकार मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। एआरवी न होने की वजह से मरीजों को निजी रूप से महंगी उपचार कराना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि जिले के स्वास्थ्य अधिकारी बार बार दवा भेजने वाली कंपनी से एआरवी वैक्सीन की डिमांड कई बार कर चुके हैं, लेकिन कंपनी की ओर से वैक्सीन नहीं आ पा रही। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तो पहले से ही एआरवी की किल्लत चल रही है, लेकिन अब जिला अस्पताल में भी बुधवार को एआरवी खत्म हो गए। ऐसे में अब एआरवी का संकट जिलेभर में गहरा गया है।
कुत्ता काटे के शिकार मरीज परेशान हैं। बुधवार को भी कई मरीज जिला अस्पताल एआरवी लगवाने पहुंचे, लेकिन उनके एआरवी नहीं लग सकी। सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि साढ़े तीन हजार एआरवी की डिमांड एआरवी भेजने वाली कंपनी को भेजी गई है, लेकिन सप्लाई नहीं भेजी गई है, लेकिन जल्द ही एआरवी के आने की उम्मीद है, जिससे मरीजों को राहत मिल जाएगी।
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जिले में एआरवी का संकट फिर से गहरा गया है। जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुत्ता काटे के शिकार मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। एआरवी न होने की वजह से मरीजों को निजी रूप से महंगी उपचार कराना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि जिले के स्वास्थ्य अधिकारी बार बार दवा भेजने वाली कंपनी से एआरवी वैक्सीन की डिमांड कई बार कर चुके हैं, लेकिन कंपनी की ओर से वैक्सीन नहीं आ पा रही। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तो पहले से ही एआरवी की किल्लत चल रही है, लेकिन अब जिला अस्पताल में भी बुधवार को एआरवी खत्म हो गए। ऐसे में अब एआरवी का संकट जिलेभर में गहरा गया है।
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कुत्ता काटे के शिकार मरीज परेशान हैं। बुधवार को भी कई मरीज जिला अस्पताल एआरवी लगवाने पहुंचे, लेकिन उनके एआरवी नहीं लग सकी। सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि साढ़े तीन हजार एआरवी की डिमांड एआरवी भेजने वाली कंपनी को भेजी गई है, लेकिन सप्लाई नहीं भेजी गई है, लेकिन जल्द ही एआरवी के आने की उम्मीद है, जिससे मरीजों को राहत मिल जाएगी।
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