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नवजात का जल्द डीएनए टेस्ट कराने को भेजा पत्र
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:12 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाल, अलीगढ़।
जिला महिला अस्पताल में लिंग विवाद के चलते परिवार के अस्वीकार का शिकार हुई नवजात बच्ची का मामला डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के इंतजार में उलझ गया है।
डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के लिए स्वयं अस्पताल की सीएमएस ने लखनऊ में टेस्ट करने वाली संस्था से संपर्क किया, लेकिन वहां पर टेस्ट की लंबी लिस्ट होने का हवाला दिया। जिसके बाद सीएमएस ने एसएसपी से प्राथमिकता पत्र लिखवा कर लखनऊ टेस्ट करने वाली संस्था के पास भेजा है।
मोहनलाल गौतम जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान ने बताया कि लेबर रूम में डिलीवरी के बाद त्रुटिवश फीमेल की जगह मेल लिख जाने से एक परिवार को लग रहा है कि यह बेटी उनकी नहीं है।
इसलिए डीएनए टेस्ट कराया गया है, लेकिन वहां पर कतार बहुत लंबी होने के चलते समय लग रहा है। इस समय बच्ची जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी से पत्र लिखवाया है कि यह संवेदनशील मामला है इसलिए इस सैंपल की जांच प्राथमिकता पर करें। इसके बाद यह पत्र लखनऊ भेजा गया है।
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जिला महिला अस्पताल में लिंग विवाद के चलते परिवार के अस्वीकार का शिकार हुई नवजात बच्ची का मामला डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के इंतजार में उलझ गया है।
डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के लिए स्वयं अस्पताल की सीएमएस ने लखनऊ में टेस्ट करने वाली संस्था से संपर्क किया, लेकिन वहां पर टेस्ट की लंबी लिस्ट होने का हवाला दिया। जिसके बाद सीएमएस ने एसएसपी से प्राथमिकता पत्र लिखवा कर लखनऊ टेस्ट करने वाली संस्था के पास भेजा है।
मोहनलाल गौतम जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान ने बताया कि लेबर रूम में डिलीवरी के बाद त्रुटिवश फीमेल की जगह मेल लिख जाने से एक परिवार को लग रहा है कि यह बेटी उनकी नहीं है।
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इसलिए डीएनए टेस्ट कराया गया है, लेकिन वहां पर कतार बहुत लंबी होने के चलते समय लग रहा है। इस समय बच्ची जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी से पत्र लिखवाया है कि यह संवेदनशील मामला है इसलिए इस सैंपल की जांच प्राथमिकता पर करें। इसके बाद यह पत्र लखनऊ भेजा गया है।
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