{"_id":"5a2af0294f1c1ba7678c0738","slug":"11512763433-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग संकाय में नए पाठ्यक्रमों की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंजीनियरिंग संकाय में नए पाठ्यक्रमों की जरूरत
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:33 AM IST
विज्ञापन
इंजीनियरिंग संकाय में नए पाठ्यक्रमों की आवश्यकता
ब्यरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि इंजीनियरिंग संकाय में नए पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है।
शुक्रवार को प्रो. तारिक मंसूर एएमयू के जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा जेएन मेडिकल कॉलेज आडिटोरियम में ‘नौकरी तथा कार्य के वातावरण का मानवीयकरण’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोन्सिन, अमरीका के प्रो. अरुण गर्ग को इरगोनोमिक्स में महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
स्वास्थ्य खराब होने के कारण प्रो. गर्ग स्वयं कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। कुलपति प्रो. मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय के नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेज में एक से बढ़कर एक प्रतिष्ठित विभाग है लेकिन सौर ऊर्जा आटीर्फिशियल इंटेलीजेंस तथा इंडस्ट्रियल सेफ्टी जैसे नए पाठ्यक्रम प्रारंभ करके हमें आगे बढ़ना है। अमरीका के प्रो. लुईस ई फ्राइंड तीन दिवसीय कांफ्रेंस में इंडस्ट्री में कर्मचारियों की सेफ्टी के मामले, मानवीय पहलुओं की प्रासंगिकता तथा इरगोनोमिक्स की प्रासंगिकता पर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। डीआरडीओ के निदेशक डायरेक्टर जरनल प्रो. जकुआम अहमद ने कहा कि कार्य का वातावरण तेजी से बदल रहा है। इंडियन सोसायटी ऑफ ऐरगोनोमिक्स के अध्यक्ष प्रो. एके गांगुली ने कहा कि नौकरी तथा कार्य के वातावरण का मानवीयकरण के विषय पर वर्ष 2001 में मुंबई में कांफ्रेंस आयोजित हुई थी। एएमयू में 2017 में आयोजित होने वाली कांफ्रेंस तक एक शानदार सफर तय किया है। कार्यक्रम को प्रिंसिपल प्रो. एमएम सुफियान बेग, प्रो. अलतमिश सिद्दीकी, प्रो. एम मुजम्मिल, प्रो. आबिद अली खां, डॉ. परवीन फारूकी आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन
ब्यरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि इंजीनियरिंग संकाय में नए पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है।
शुक्रवार को प्रो. तारिक मंसूर एएमयू के जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा जेएन मेडिकल कॉलेज आडिटोरियम में ‘नौकरी तथा कार्य के वातावरण का मानवीयकरण’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोन्सिन, अमरीका के प्रो. अरुण गर्ग को इरगोनोमिक्स में महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
स्वास्थ्य खराब होने के कारण प्रो. गर्ग स्वयं कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। कुलपति प्रो. मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय के नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेज में एक से बढ़कर एक प्रतिष्ठित विभाग है लेकिन सौर ऊर्जा आटीर्फिशियल इंटेलीजेंस तथा इंडस्ट्रियल सेफ्टी जैसे नए पाठ्यक्रम प्रारंभ करके हमें आगे बढ़ना है। अमरीका के प्रो. लुईस ई फ्राइंड तीन दिवसीय कांफ्रेंस में इंडस्ट्री में कर्मचारियों की सेफ्टी के मामले, मानवीय पहलुओं की प्रासंगिकता तथा इरगोनोमिक्स की प्रासंगिकता पर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। डीआरडीओ के निदेशक डायरेक्टर जरनल प्रो. जकुआम अहमद ने कहा कि कार्य का वातावरण तेजी से बदल रहा है। इंडियन सोसायटी ऑफ ऐरगोनोमिक्स के अध्यक्ष प्रो. एके गांगुली ने कहा कि नौकरी तथा कार्य के वातावरण का मानवीयकरण के विषय पर वर्ष 2001 में मुंबई में कांफ्रेंस आयोजित हुई थी। एएमयू में 2017 में आयोजित होने वाली कांफ्रेंस तक एक शानदार सफर तय किया है। कार्यक्रम को प्रिंसिपल प्रो. एमएम सुफियान बेग, प्रो. अलतमिश सिद्दीकी, प्रो. एम मुजम्मिल, प्रो. आबिद अली खां, डॉ. परवीन फारूकी आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन