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डीएम के लेटर से जेएन मेडिकल कॉलेज के शिक्षक आग बबूला
Updated Thu, 06 Sep 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शिक्षक दिवस के दिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों का मूड खराब हो गया। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के एक पत्र में प्रयोग की गई भाषा से शिक्षक आग बबूला हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं मुख्य चिकित्साधिकारी भी बेहद आहत हैं और वह पत्र का जवाब देने के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं।
मंगलवार (4 सितंबर) को मडराक थाना क्षेत्र स्थित आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर दो बसों की टक्कर में 12 लोगों की मृत्यु हो गई और 25-26 लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने जेएन मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्साधिकारी को एक पत्र लिखा था।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि गंभीर रूप से घायलों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भेजा जा रहा है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को लिखा है कि समस्त घायलों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
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जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं शिक्षकों को अंतिम लाइन (किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी) पर आपत्ति है। उनका कहना है कि एक जिलाधिकारी को ऐसी भाषा का इस्तेमाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मुख्य चिकित्साधिकारी के लिए करना चाहिए।
शिक्षकों का कहना है कि जब भी जरूरत पड़ती है, मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक जी-जान से मरीजों की सेवा करते हैं। कुछ तो गुस्से में दुर्घटना के लिए प्रशासन की लापरवाही को दोषी ठहरा रहे हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. एससी शर्मा ने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज मलखान सिंह चिकित्सालय थोड़े है। जिलाधिकारी की भाषा समझ से परे है। पत्र का जवाब देने के लिए हम कानूनी सलाह ले रहे हैं।
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शिक्षक दिवस के दिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों का मूड खराब हो गया। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के एक पत्र में प्रयोग की गई भाषा से शिक्षक आग बबूला हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं मुख्य चिकित्साधिकारी भी बेहद आहत हैं और वह पत्र का जवाब देने के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं।
मंगलवार (4 सितंबर) को मडराक थाना क्षेत्र स्थित आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर दो बसों की टक्कर में 12 लोगों की मृत्यु हो गई और 25-26 लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने जेएन मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्साधिकारी को एक पत्र लिखा था।
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उन्होंने पत्र में लिखा है कि गंभीर रूप से घायलों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भेजा जा रहा है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को लिखा है कि समस्त घायलों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
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जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं शिक्षकों को अंतिम लाइन (किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी) पर आपत्ति है। उनका कहना है कि एक जिलाधिकारी को ऐसी भाषा का इस्तेमाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मुख्य चिकित्साधिकारी के लिए करना चाहिए।
शिक्षकों का कहना है कि जब भी जरूरत पड़ती है, मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक जी-जान से मरीजों की सेवा करते हैं। कुछ तो गुस्से में दुर्घटना के लिए प्रशासन की लापरवाही को दोषी ठहरा रहे हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. एससी शर्मा ने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज मलखान सिंह चिकित्सालय थोड़े है। जिलाधिकारी की भाषा समझ से परे है। पत्र का जवाब देने के लिए हम कानूनी सलाह ले रहे हैं।