{"_id":"5ad11ca94f1c1b9d098b46b3","slug":"111523653801-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ में तीन साल से एनसीसी कैडेट्स को नाश्ते का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ में तीन साल से एनसीसी कैडेट्स को नाश्ते का इंतजार
Updated Sat, 14 Apr 2018 02:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
तीन साल से डीएस कॉलेज में 8 उप्र बटालियन एनसीसी कैडेट्स को नाश्ते का इंतजार है। दरअसल, हर कैडेट को हर परेड के लिए 15 रुपये नाश्ते के लिए निर्धारित हैं। हर कैडेट के खाते में यह रुपये पहुंचने थे, जो तीन सालों से नहीं पहुंचा है।
समय से पूरी नहीं हुई कागजी कार्रवाई भी
हर कैडेट को एक सत्र में 40 में से 30 परेड करनी होती हैं। 30 परेड के हिसाब से हर कैडेट को 450 रुपये मिलते हैं, जो सीधे कैडेट के खाते में रुपये भेजने का प्रावधान है। उत्तर प्रदेश शासन ने यह व्यवस्था चार साल पहले लागू की थी, मगर इन रुपये के लिए कैडेट तीन साल से इंतजार कर रहे हैं।
रुपये हासिल करने के लिए 35 परेड का रोजाना के हिसाब से हस्ताक्षर कराकर प्रपत्र दो प्रतियों में बटालियन से मंगाया जाता है। उससे पहले नमूना हस्ताक्षर की प्रतियां मंगाई जाती हैं। इस कार्य में 300 पेपर 450 रुपये प्रति कैडेट को भुगतान के लिए प्रस्तुत करनी होती है। वहीं, पुलिस वेरीफिकेशन में स्टूडेंट को रुपये खर्च करने पड़ते हैं। हालांकि, 8 उप्र बटालियन एनसीसी कार्यालय से खाते में रुपये न पहुंचने की वजह समय से कागजी कार्रवाई पूरी न होना बताया गया है।
विज्ञापन
कैडेट को तीन साल से नाश्ते के नाम पर उनके खाते में रुपये नहीं भेजे गए हैं। 31 मार्च वित्तीय वर्ष है, लेकिन 15 मार्च से पहले प्रपत्र एनसीसी कार्यालय में जमा करा कर देते हैं। इसके बाद वहां से कहा जाता है कि जनवरी में जमा करना चाहिए था। - डॉ. हेम प्रकाश, डीएस कॉलेज।
जिले में हैं ब्वॉयज के 1878 कैडेट
डीएस, एसवी, एएमयू समेत इंटर कॉलेज में सीनियर डिवीजन में 1078 कैडेट हैं, जबकि जूनियर डिवीजन में 800 कैडेट हैं।
विज्ञापन
तीन साल से डीएस कॉलेज में 8 उप्र बटालियन एनसीसी कैडेट्स को नाश्ते का इंतजार है। दरअसल, हर कैडेट को हर परेड के लिए 15 रुपये नाश्ते के लिए निर्धारित हैं। हर कैडेट के खाते में यह रुपये पहुंचने थे, जो तीन सालों से नहीं पहुंचा है।
समय से पूरी नहीं हुई कागजी कार्रवाई भी
हर कैडेट को एक सत्र में 40 में से 30 परेड करनी होती हैं। 30 परेड के हिसाब से हर कैडेट को 450 रुपये मिलते हैं, जो सीधे कैडेट के खाते में रुपये भेजने का प्रावधान है। उत्तर प्रदेश शासन ने यह व्यवस्था चार साल पहले लागू की थी, मगर इन रुपये के लिए कैडेट तीन साल से इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
रुपये हासिल करने के लिए 35 परेड का रोजाना के हिसाब से हस्ताक्षर कराकर प्रपत्र दो प्रतियों में बटालियन से मंगाया जाता है। उससे पहले नमूना हस्ताक्षर की प्रतियां मंगाई जाती हैं। इस कार्य में 300 पेपर 450 रुपये प्रति कैडेट को भुगतान के लिए प्रस्तुत करनी होती है। वहीं, पुलिस वेरीफिकेशन में स्टूडेंट को रुपये खर्च करने पड़ते हैं। हालांकि, 8 उप्र बटालियन एनसीसी कार्यालय से खाते में रुपये न पहुंचने की वजह समय से कागजी कार्रवाई पूरी न होना बताया गया है।
विज्ञापन
कैडेट को तीन साल से नाश्ते के नाम पर उनके खाते में रुपये नहीं भेजे गए हैं। 31 मार्च वित्तीय वर्ष है, लेकिन 15 मार्च से पहले प्रपत्र एनसीसी कार्यालय में जमा करा कर देते हैं। इसके बाद वहां से कहा जाता है कि जनवरी में जमा करना चाहिए था। - डॉ. हेम प्रकाश, डीएस कॉलेज।
जिले में हैं ब्वॉयज के 1878 कैडेट
डीएस, एसवी, एएमयू समेत इंटर कॉलेज में सीनियर डिवीजन में 1078 कैडेट हैं, जबकि जूनियर डिवीजन में 800 कैडेट हैं।