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नवजात बेटे की जगह बेटी देने पर परिजनों का हंगामा
Updated Tue, 03 Apr 2018 02:16 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय में नवजात बेटे की जगह बेटी देने पर परिजनों ने चिकित्सालय में खूब हंगामा काटा। खबर पाकर मौके पर पुलिस पहुुंच गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। देर रात तक पिछले 24 घंटे में महिला अस्पताल में पैदा हुए बच्चों के परिजनों को पुलिस ने बुलाना शुरू कर दिया है।
महानगर के जमालपुर निवासी जाकिर की पत्नी शबाना (20) को प्रसव पीड़ा होने पर 30 मार्च की रात उसे चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। 31 मार्च रात 1:55 बजे शबाना ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव डॉ. उजमा ने कराया था।
बच्चे का वजन डेढ़ किलो था, इसलिए बच्चे के नाना ताजउद्दीन ने उसे चिकित्सालय नर्सरी में भर्ती करा दिया था। जाकिर ने बताया कि चिकित्सालय से जो जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य कागज मिले हैं, उनमें सेक्स कॉलम में पुरुष लिखा था, जबकि सोमवार को दोपहर 2:30 बजे परिजन को बेटे की जगह बेटी हवाले कर दी गई।
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बेटे को न देख परिजन हतप्रभ रह गए।बेटे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि जब से बच्चा नर्सरी में भेजा गया है, तब से उसे देखने नहीं दिया गया है। परिजनों ने चिकित्सालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हंगामे की खबर पर पुलिस पहुंच गई है, जो मामले की जांच कर रही है।
देर रात बच्ची परिजनों ने वापस कर दी थी, जिसे अस्पताल में ही भरती कर लिया गया है। वहीं बन्नादेवी की रसलगंज चौकी के इंचार्ज ने जांच करते हुए पिछले 24 घंटे में पैदा हुए बच्चों का डाटा लेकर उन्हें बुलाना शुरू कर दिया है। देर रात समाचार लिखे जाने तक शबाना के परिजन अस्पताल में ही मौजूद थे।
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मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय में नवजात बेटे की जगह बेटी देने पर परिजनों ने चिकित्सालय में खूब हंगामा काटा। खबर पाकर मौके पर पुलिस पहुुंच गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। देर रात तक पिछले 24 घंटे में महिला अस्पताल में पैदा हुए बच्चों के परिजनों को पुलिस ने बुलाना शुरू कर दिया है।
महानगर के जमालपुर निवासी जाकिर की पत्नी शबाना (20) को प्रसव पीड़ा होने पर 30 मार्च की रात उसे चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। 31 मार्च रात 1:55 बजे शबाना ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव डॉ. उजमा ने कराया था।
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बच्चे का वजन डेढ़ किलो था, इसलिए बच्चे के नाना ताजउद्दीन ने उसे चिकित्सालय नर्सरी में भर्ती करा दिया था। जाकिर ने बताया कि चिकित्सालय से जो जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य कागज मिले हैं, उनमें सेक्स कॉलम में पुरुष लिखा था, जबकि सोमवार को दोपहर 2:30 बजे परिजन को बेटे की जगह बेटी हवाले कर दी गई।
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बेटे को न देख परिजन हतप्रभ रह गए।बेटे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि जब से बच्चा नर्सरी में भेजा गया है, तब से उसे देखने नहीं दिया गया है। परिजनों ने चिकित्सालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हंगामे की खबर पर पुलिस पहुंच गई है, जो मामले की जांच कर रही है।
देर रात बच्ची परिजनों ने वापस कर दी थी, जिसे अस्पताल में ही भरती कर लिया गया है। वहीं बन्नादेवी की रसलगंज चौकी के इंचार्ज ने जांच करते हुए पिछले 24 घंटे में पैदा हुए बच्चों का डाटा लेकर उन्हें बुलाना शुरू कर दिया है। देर रात समाचार लिखे जाने तक शबाना के परिजन अस्पताल में ही मौजूद थे।