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एक साथ है लोस चुनाव व साया, अब क्या करेंगे भाया
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
इस बार लोकसभा चुनाव गर्मियों में शुरू होने वाले साहलगों के शुरुआती दिनों में पड़ रहे हैं। ऐसे में शुरुआती तीन प्रमुख साये में होने वाली शादियों में परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना पड़ सकता है। सिलिंडर हो या पर्चून का सामान, बारातियों की बस से लेकर बैंड बाजे आदि के आवागमन में फोर्स की काफी रोक टोक रह सकती है। हर स्थिति साफ होने के बाद ही लोग अपने मैरिज होम और गेस्ट हाउस तक पहुंच सकेंगे। वहीं अगर चुनाव में आने वाली फोर्स को अगर सरकारी भवन नहीं मिले तो इन मैरिज होम और गेस्ट हाउस में उनको ठहराया जाएगा।
ऐसे में गेस्ट हाउस से शादी का कार्यक्रम रद्द भी हो सकता है।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि आज (सोमवार) आखिरी साहलग है। इसके बाद गर्मियों के साहलग 16 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। शुरुआती तीन प्रमुख साहलग 16, 17 व 18 अप्रैल को ही हैं। इसके बाद यह साहलग लगातार 11 जुलाई तक चलेंगे। जबकि इस बार लोकसभा चुनाव का मतदान 18 अप्रैल को होना है। ऐसे में 15 तारीख से फोर्स व पैरामिलिट्री फोर्स शहर में आना शुरू कर देगी। यह फोर्स जगह-जगह रुककर आने-जाने वाले वाहन, लोग, भीड़, गाड़ियां, बस आदि पर संदिग्ध नजर से सघन चेकिंग करती रहती है। वहीं फोर्स जगह-जगह अपने तंबू-डेरा भी डाल देती है। अगर शादी होती है तो घुड़चड़ी से लेकर बरात निकालने, बहू विदा करने तक आयोजकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फोर्स सुरक्षा के मद्देनजर तलाशी लेने से चूकती भी नहीं है।
इन तीन दिनों के साहलगों में शादी आयोजित करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि मतदान वाले दिन 18 अप्रैल को गोधुलि फेरों का भी विधान है। ऐसे में दूल्हा-दुल्हनों के फेरे के दौरान मतदान होगा। आयोजक क्या करेंगे, यह भी देखने वाली बात होगी।
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-चुनाव के लिए बाहर से आने वाले फोर्स को सरकारी भवनों में ठहरने की व्यवस्था कराई जाएगी। ऐसे में शादी विवाह समारोहों में कोई बाधा नहीं होगी।
-चंद्रभूषण सिंह डीएम
बैंड-बाजा-बारात के साथ मतदान भी होगा प्रभावित
अलीगढ़। लोकसभा चुनाव से जहां शादियां प्रभावित होती दिख रही हैं। वहीं शादियों के चलते मतदान भी प्रभावित होता दिखाई दे रहा है।
गौरतलब हो कि शादी समारोह में सगे संबधी चाहें कितने भी व्यस्त क्यों न हों, अपने परिवार के विवाह समारोह में सम्मिलित होने के लिए समय निकाल ही लेते हैं। 18 अप्रैल को जहां मतदान हो रहा होगा, वहीं सगे संबंधी अपने परिवार की शादी में जरूर जाएंगे।
अगर शादी खुद के जिले में है तो ठीक है, अगर दूसरे जिले में है तो रिश्तेदार वोट नहीं डालेंगे। वह शादी की तैयारियों के चलते पहले ही जिला छोड़ देंगे। नेताओं के साथ चल रहे कार्यकर्ता भी अपने परिवार से ज्यादा तवज्जो देते हुए नहीं दिखेंगे। तो ऐसे में जहां मतदान से शादी समारोह में कई सारी दिक्कतें आएंगी। वहीं शादियों के चलते मतदान भी कुछ प्रभावित होगा।
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इस बार लोकसभा चुनाव गर्मियों में शुरू होने वाले साहलगों के शुरुआती दिनों में पड़ रहे हैं। ऐसे में शुरुआती तीन प्रमुख साये में होने वाली शादियों में परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना पड़ सकता है। सिलिंडर हो या पर्चून का सामान, बारातियों की बस से लेकर बैंड बाजे आदि के आवागमन में फोर्स की काफी रोक टोक रह सकती है। हर स्थिति साफ होने के बाद ही लोग अपने मैरिज होम और गेस्ट हाउस तक पहुंच सकेंगे। वहीं अगर चुनाव में आने वाली फोर्स को अगर सरकारी भवन नहीं मिले तो इन मैरिज होम और गेस्ट हाउस में उनको ठहराया जाएगा।
ऐसे में गेस्ट हाउस से शादी का कार्यक्रम रद्द भी हो सकता है।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि आज (सोमवार) आखिरी साहलग है। इसके बाद गर्मियों के साहलग 16 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। शुरुआती तीन प्रमुख साहलग 16, 17 व 18 अप्रैल को ही हैं। इसके बाद यह साहलग लगातार 11 जुलाई तक चलेंगे। जबकि इस बार लोकसभा चुनाव का मतदान 18 अप्रैल को होना है। ऐसे में 15 तारीख से फोर्स व पैरामिलिट्री फोर्स शहर में आना शुरू कर देगी। यह फोर्स जगह-जगह रुककर आने-जाने वाले वाहन, लोग, भीड़, गाड़ियां, बस आदि पर संदिग्ध नजर से सघन चेकिंग करती रहती है। वहीं फोर्स जगह-जगह अपने तंबू-डेरा भी डाल देती है। अगर शादी होती है तो घुड़चड़ी से लेकर बरात निकालने, बहू विदा करने तक आयोजकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फोर्स सुरक्षा के मद्देनजर तलाशी लेने से चूकती भी नहीं है।
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इन तीन दिनों के साहलगों में शादी आयोजित करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि मतदान वाले दिन 18 अप्रैल को गोधुलि फेरों का भी विधान है। ऐसे में दूल्हा-दुल्हनों के फेरे के दौरान मतदान होगा। आयोजक क्या करेंगे, यह भी देखने वाली बात होगी।
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-चुनाव के लिए बाहर से आने वाले फोर्स को सरकारी भवनों में ठहरने की व्यवस्था कराई जाएगी। ऐसे में शादी विवाह समारोहों में कोई बाधा नहीं होगी।
-चंद्रभूषण सिंह डीएम
बैंड-बाजा-बारात के साथ मतदान भी होगा प्रभावित
अलीगढ़। लोकसभा चुनाव से जहां शादियां प्रभावित होती दिख रही हैं। वहीं शादियों के चलते मतदान भी प्रभावित होता दिखाई दे रहा है।
गौरतलब हो कि शादी समारोह में सगे संबधी चाहें कितने भी व्यस्त क्यों न हों, अपने परिवार के विवाह समारोह में सम्मिलित होने के लिए समय निकाल ही लेते हैं। 18 अप्रैल को जहां मतदान हो रहा होगा, वहीं सगे संबंधी अपने परिवार की शादी में जरूर जाएंगे।
अगर शादी खुद के जिले में है तो ठीक है, अगर दूसरे जिले में है तो रिश्तेदार वोट नहीं डालेंगे। वह शादी की तैयारियों के चलते पहले ही जिला छोड़ देंगे। नेताओं के साथ चल रहे कार्यकर्ता भी अपने परिवार से ज्यादा तवज्जो देते हुए नहीं दिखेंगे। तो ऐसे में जहां मतदान से शादी समारोह में कई सारी दिक्कतें आएंगी। वहीं शादियों के चलते मतदान भी कुछ प्रभावित होगा।