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करोड़ा की जमीन से अवैध कब्जा हटवाया
Updated Thu, 04 Oct 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले में एक कद्दावर सपा नेता, एक पूर्व विधायक के करीबी दबंग दो सगे भाईयों समेत चार लोग फंस गए हैं। इन पर गांव धौर्रामाफी में मरघट व ऊसर भूमि पर 4.94 करोड़ की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से सात दुकानें बनवाने तथा प्लाटिंग करने का आरोप है। इन सभी अतिक्रमणों को बुधवार को तहसील कोल की टीम ने जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। यही नहीं मथुरा रोड पर गांव सहारनपुर में 3.11 करोड़ की स्कूल की भूमि पर बने शंकर ढाबे को भी तोड़कर भूमि को बीएसए की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में तहसील की टीम ने गांव धौर्रा माफी में मरघट की जमीन के खसरा नंबर 535 के रकबा 1270 वर्ग मीटर में बनी सात दुकानों को ध्वस्त करा दिया। इस भूमि की कीमत 16.57 लाख रुपये है। इस भूमि का बैनामा एक नामचीन सपा नेता एवं एक अन्य व्यक्ति के नाम बताया जा रहा है। दूसरी कार्रवाई गांव में ही खसरा नंबर दो के 3460 वर्ग मीटर की ऊसर भूमि पर की गई। यहां एक पूर्व विधायक के करीबी दो सगे भाईयों ने अवैध रूप से प्लाटिंग करा दी थी। जेसीबी की मद्द से उसे भी ध्वस्त करा दिया गया। इस जमीन की कीमत 4.78 करोड़ बताई जा रही है।
इसके पश्चात लोधा ब्लाक के मथुरा रोड स्थित गांव सहारनपुर में सरकारी स्कूल की जमीन गाटा संख्या आठ रकबा 0.207 भूमि पर बने एक अवैध ढाबे को भी जेसीबी की मद्द से ढहा दिया गया। इस जमीन पर रमेश नामक व्यक्ति ने कब्जा कर रखा था। इसकी कीमत 3 करोड़ 11 लाख रुपये है। तहसीलदार गौतम सिंह ने स्वीकार किया कि धौर्रा माफी एवं गांव सहारनपुर में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाए गए हैं। गांव सहारनपुर की स्कूल की भूमि को बीएसए की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
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अलीगढ़। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले में एक कद्दावर सपा नेता, एक पूर्व विधायक के करीबी दबंग दो सगे भाईयों समेत चार लोग फंस गए हैं। इन पर गांव धौर्रामाफी में मरघट व ऊसर भूमि पर 4.94 करोड़ की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से सात दुकानें बनवाने तथा प्लाटिंग करने का आरोप है। इन सभी अतिक्रमणों को बुधवार को तहसील कोल की टीम ने जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। यही नहीं मथुरा रोड पर गांव सहारनपुर में 3.11 करोड़ की स्कूल की भूमि पर बने शंकर ढाबे को भी तोड़कर भूमि को बीएसए की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में तहसील की टीम ने गांव धौर्रा माफी में मरघट की जमीन के खसरा नंबर 535 के रकबा 1270 वर्ग मीटर में बनी सात दुकानों को ध्वस्त करा दिया। इस भूमि की कीमत 16.57 लाख रुपये है। इस भूमि का बैनामा एक नामचीन सपा नेता एवं एक अन्य व्यक्ति के नाम बताया जा रहा है। दूसरी कार्रवाई गांव में ही खसरा नंबर दो के 3460 वर्ग मीटर की ऊसर भूमि पर की गई। यहां एक पूर्व विधायक के करीबी दो सगे भाईयों ने अवैध रूप से प्लाटिंग करा दी थी। जेसीबी की मद्द से उसे भी ध्वस्त करा दिया गया। इस जमीन की कीमत 4.78 करोड़ बताई जा रही है।
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इसके पश्चात लोधा ब्लाक के मथुरा रोड स्थित गांव सहारनपुर में सरकारी स्कूल की जमीन गाटा संख्या आठ रकबा 0.207 भूमि पर बने एक अवैध ढाबे को भी जेसीबी की मद्द से ढहा दिया गया। इस जमीन पर रमेश नामक व्यक्ति ने कब्जा कर रखा था। इसकी कीमत 3 करोड़ 11 लाख रुपये है। तहसीलदार गौतम सिंह ने स्वीकार किया कि धौर्रा माफी एवं गांव सहारनपुर में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाए गए हैं। गांव सहारनपुर की स्कूल की भूमि को बीएसए की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
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