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छह हजार राशन उपभोक्ता संदेह के दायरे में
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:04 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिले में छह हजार राशन उपभोक्ता संदेह के दायरे में आ गया है। इन लोगों ने पिछले तीन माह से राशन नहीं उठाया है। पिछले दिनों कराये गए स्टाक एवं उपभोक्ताओं के सर्वे में यह हकीकत सामने आई है। इसके बाद अब पूर्ति विभाग इन लोगों की कुंडली खंगालने में जुट गया है।
पिछले दिनों पूर्ति विभाग ने पाक्सी की चेकिंग के दौरान राशन डीलरों के यहां स्टाक समेत अन्य बिंदुओं पर जांच की थी। जांच में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई कि छह हजार उपभोक्ताओं ने पिछले तीन माह से राशन ही नहीं उठाया है। इससे पूर्ति अफसरों के कान खड़े हो गए।
जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि इन सभी उपभोक्ताओं की जांच करायी जा रही है। यह पता किया जा रहा है कि उन्होंने किन परिस्थितियों में राशन नहीं उठाया है।
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वे जीवित भी हैं या नहीं, कहीं वे फर्जी उपभोक्ता तो नहीं हैं या फिर उन्हें राशन की जरूरत नहीं है अथवा उनका स्थानांतरण जनपद से बाहर हो गया है। इन बिंदुओं पर संबंधित पूर्ति निरीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है। यदि कोई भी अपात्र अथवा मृतक या स्थानांतरित पाया गया तो उपभोक्ता सूची से उसका नाम काट दिया जाएगा।
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जिले में छह हजार राशन उपभोक्ता संदेह के दायरे में आ गया है। इन लोगों ने पिछले तीन माह से राशन नहीं उठाया है। पिछले दिनों कराये गए स्टाक एवं उपभोक्ताओं के सर्वे में यह हकीकत सामने आई है। इसके बाद अब पूर्ति विभाग इन लोगों की कुंडली खंगालने में जुट गया है।
पिछले दिनों पूर्ति विभाग ने पाक्सी की चेकिंग के दौरान राशन डीलरों के यहां स्टाक समेत अन्य बिंदुओं पर जांच की थी। जांच में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई कि छह हजार उपभोक्ताओं ने पिछले तीन माह से राशन ही नहीं उठाया है। इससे पूर्ति अफसरों के कान खड़े हो गए।
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जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि इन सभी उपभोक्ताओं की जांच करायी जा रही है। यह पता किया जा रहा है कि उन्होंने किन परिस्थितियों में राशन नहीं उठाया है।
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वे जीवित भी हैं या नहीं, कहीं वे फर्जी उपभोक्ता तो नहीं हैं या फिर उन्हें राशन की जरूरत नहीं है अथवा उनका स्थानांतरण जनपद से बाहर हो गया है। इन बिंदुओं पर संबंधित पूर्ति निरीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है। यदि कोई भी अपात्र अथवा मृतक या स्थानांतरित पाया गया तो उपभोक्ता सूची से उसका नाम काट दिया जाएगा।