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आलू उत्पादकों को नही देना होगा मंडी टैक्स
Updated Wed, 19 Jul 2017 01:38 AM IST
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आलू उत्पादकों को नही देना होगा मंडी टैक्स
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़
आलू के अत्यधिक उत्पादन और उसके बाद मांग में कमी के चलते हो रही समस्या के मद्देनजर योगी सरकार ने नई प्रोत्साहन नीति जारी की है। इसके तहत मंडी शुल्क बेअसर कर दिया गया है तो किसानों को राज्य की सीमा के अंतर्गत 300 किमी से अधिक दूरी तक आलू बेचने ले जाने पर परिवहन भाड़े में 50 फीसदी सब्सिडी देने के आदेश दिए हैं।
शासन के विशेष सचिव डा. नीरज शुक्ला ने मंडी निदेशक को जारी पत्र में कहा कि राज्य की सीमा से बाहर अन्य प्रदेशों में आलू बेचने के लिए परिवहन भाड़े पर परिवहन भाड़ा अनुदान दिया जाएगा।
राज्य के अंदर व बाहर आलू भेजने पर 50 रुपये प्रति कुंतल की दर से अथवा वास्तविक रूप से खर्च परिवहन भाड़े का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, पर मंडी शुल्क एवं विकास सेस की छूट प्रदान की जाएगी। देश से बाहर भेजने पर 200 रुपये प्रति कुतंल की दर से अथवा परिवहन भाड़े का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, की दर से परिवहन भाड़ा प्रदान किया जाएगा। यदि निर्यात किया जाने वाला आलू ताज ब्रांड होगा तो ब्रांड प्रमोशन नीति के अंतर्गत मंडी परिषद द्वारा ऐसे आलू पर 50 रुपये प्रति कुंतल की दर से अतिरिक्त ब्रांड प्रमोशन अनुदान मिलेगा।
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विशेष सचिव ने मंडी परिषद को 1000 टन आलू भंडारण क्षमता वाले अस्थाई यार्डों की स्थापना के भी निर्देश दिए हैं। हाफेड, मंडी एवं एपीडा को प्रमुख आलू उत्पादक व भंडारण वाले क्षेत्रों में बायर सेलर मीट कराने को भी कहा गया है। यही नहीं पटेटो फेसिलिटेशन सोसाइटी की सदस्यता से वंचित व आलू निर्यात के इच्छुक आलू निर्यातक एवं उत्पादकों को सोसाइटी की सदस्यता दिलाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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परिवहन के लिए यह कागजात जरूरी
अलीगढ़। आलू बेचने ले जाते समय उत्पादक को अपने खसरा, खतौनी की सत्य प्रति, परिवहन बुकिंग के मूल प्रपत्र, संबंधित कोल्ड स्टोरेज की रसीद साथ रखना अनिवार्य होगा। बिक्री के बाद अनुदान प्राप्त करने के लिए इन सभी प्रपत्रों को मंडी परिषद को प्रस्तुत करना होगा। भुगतान डिजीटल पेमेंट के माध्यम से होगा। राज्य के अंदर 300 किमी से अधिक दूरी पर आलू बेचने जाते समय मंडी परिषद के प्रपत्र छह आर व नौ आर के साथ परिवहन की बुकिंग की बिल्टी, संबंधित कोल्ड स्टोरेज की मूल रसीद वाहन के साथ ले जानी अनिवार्य है।
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कोल्ड स्टोरेज स्वामियों ने किया स्वागत
अलीगढ़। प्रदेश सरकार की नई नीति का शीतगृह स्वामियों ने स्वागत किया है। अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने कहा कि नई नीति से निश्चित ही आलू उत्पादक किसानों को फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शीतगृह संघ ने सरकार के समक्ष नई नीति बनाने की मांग की थी। सचिव अतुल अग्रवाल, समन्वयक मनोज अग्रवाल ने भी नई नीति का स्वागत किया है।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़
आलू के अत्यधिक उत्पादन और उसके बाद मांग में कमी के चलते हो रही समस्या के मद्देनजर योगी सरकार ने नई प्रोत्साहन नीति जारी की है। इसके तहत मंडी शुल्क बेअसर कर दिया गया है तो किसानों को राज्य की सीमा के अंतर्गत 300 किमी से अधिक दूरी तक आलू बेचने ले जाने पर परिवहन भाड़े में 50 फीसदी सब्सिडी देने के आदेश दिए हैं।
शासन के विशेष सचिव डा. नीरज शुक्ला ने मंडी निदेशक को जारी पत्र में कहा कि राज्य की सीमा से बाहर अन्य प्रदेशों में आलू बेचने के लिए परिवहन भाड़े पर परिवहन भाड़ा अनुदान दिया जाएगा।
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राज्य के अंदर व बाहर आलू भेजने पर 50 रुपये प्रति कुंतल की दर से अथवा वास्तविक रूप से खर्च परिवहन भाड़े का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, पर मंडी शुल्क एवं विकास सेस की छूट प्रदान की जाएगी। देश से बाहर भेजने पर 200 रुपये प्रति कुतंल की दर से अथवा परिवहन भाड़े का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, की दर से परिवहन भाड़ा प्रदान किया जाएगा। यदि निर्यात किया जाने वाला आलू ताज ब्रांड होगा तो ब्रांड प्रमोशन नीति के अंतर्गत मंडी परिषद द्वारा ऐसे आलू पर 50 रुपये प्रति कुंतल की दर से अतिरिक्त ब्रांड प्रमोशन अनुदान मिलेगा।
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विशेष सचिव ने मंडी परिषद को 1000 टन आलू भंडारण क्षमता वाले अस्थाई यार्डों की स्थापना के भी निर्देश दिए हैं। हाफेड, मंडी एवं एपीडा को प्रमुख आलू उत्पादक व भंडारण वाले क्षेत्रों में बायर सेलर मीट कराने को भी कहा गया है। यही नहीं पटेटो फेसिलिटेशन सोसाइटी की सदस्यता से वंचित व आलू निर्यात के इच्छुक आलू निर्यातक एवं उत्पादकों को सोसाइटी की सदस्यता दिलाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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परिवहन के लिए यह कागजात जरूरी
अलीगढ़। आलू बेचने ले जाते समय उत्पादक को अपने खसरा, खतौनी की सत्य प्रति, परिवहन बुकिंग के मूल प्रपत्र, संबंधित कोल्ड स्टोरेज की रसीद साथ रखना अनिवार्य होगा। बिक्री के बाद अनुदान प्राप्त करने के लिए इन सभी प्रपत्रों को मंडी परिषद को प्रस्तुत करना होगा। भुगतान डिजीटल पेमेंट के माध्यम से होगा। राज्य के अंदर 300 किमी से अधिक दूरी पर आलू बेचने जाते समय मंडी परिषद के प्रपत्र छह आर व नौ आर के साथ परिवहन की बुकिंग की बिल्टी, संबंधित कोल्ड स्टोरेज की मूल रसीद वाहन के साथ ले जानी अनिवार्य है।
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कोल्ड स्टोरेज स्वामियों ने किया स्वागत
अलीगढ़। प्रदेश सरकार की नई नीति का शीतगृह स्वामियों ने स्वागत किया है। अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने कहा कि नई नीति से निश्चित ही आलू उत्पादक किसानों को फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शीतगृह संघ ने सरकार के समक्ष नई नीति बनाने की मांग की थी। सचिव अतुल अग्रवाल, समन्वयक मनोज अग्रवाल ने भी नई नीति का स्वागत किया है।