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चीखों के बीच बाप-बेटे की चिताएं जलीं
Updated Thu, 13 Jul 2017 01:31 AM IST
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चीखों के बीच जलीं बाप-बेटे की चिताएं
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
गोंडा थाना क्षेत्र के गांव नेहरा में मंगलवार को हुई घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा रहा। डंबर सिंह के घर पर कोहराम मचा रहा। महिलाओं और परिजनों के विलाप और चीखों के बीच डंबर सिंह और उसके बेटे सूरज का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर आत्महत्या करने वाले भूरी सिंह का भी अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन उसके घर पर शांति थी। नाते-रिश्तेदारी से कोई रोने वाला भी नहीं पहुंचा। भूरी सिंह के भाई जगवीर की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। गांव में पुलिस व पीएसी तैनात है।
गांव नेहरा में मंगलवार को ट्रक चालक डंबर सिंह और उसके आठ वर्षीय बेटे सूरज की गांव नगला केशो के भूरी सिंह ने अपने भाई जगवीर सिंह के साथ मिलकर घर में घुसकर लाइसेंसी बंदूक से गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। उधारी व छेड़छाड़ का विवाद बताया गया। हत्या के बाद दोनों भाई भाग गए थे। रास्ते में भूरी सिंह ने इसी बंदूक से खुद को गोली से उड़ा लिया था। इस घटना की रिपोर्ट भूरी सिंह व जगवीर सिंह के खिलाफ दर्ज कराई गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जब नेहरा में पिता-पुत्र के शवों को लाया गया, तो महिलाएं दहाड़े मारकर रोने लगीं। दोनों चिताएं साथ-साथ जली, तो लोगों की रूह कांप उठी। डंबर सिंह के 10 साल के बेटे चिंटू ने दोनों चिताओं को मुखाग्नि दी।
उधर, भूरी सिंह के घर पर सन्नाटा पसरा था। भूरी सिंह का शव लेने के लिए उसका दामाद किडारा निवासी रिंकेश पोस्टमार्टम हाउस आया था। कड़ी सुरक्षा में उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
गोंडा थाना क्षेत्र के गांव नेहरा में मंगलवार को हुई घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा रहा। डंबर सिंह के घर पर कोहराम मचा रहा। महिलाओं और परिजनों के विलाप और चीखों के बीच डंबर सिंह और उसके बेटे सूरज का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर आत्महत्या करने वाले भूरी सिंह का भी अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन उसके घर पर शांति थी। नाते-रिश्तेदारी से कोई रोने वाला भी नहीं पहुंचा। भूरी सिंह के भाई जगवीर की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। गांव में पुलिस व पीएसी तैनात है।
गांव नेहरा में मंगलवार को ट्रक चालक डंबर सिंह और उसके आठ वर्षीय बेटे सूरज की गांव नगला केशो के भूरी सिंह ने अपने भाई जगवीर सिंह के साथ मिलकर घर में घुसकर लाइसेंसी बंदूक से गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। उधारी व छेड़छाड़ का विवाद बताया गया। हत्या के बाद दोनों भाई भाग गए थे। रास्ते में भूरी सिंह ने इसी बंदूक से खुद को गोली से उड़ा लिया था। इस घटना की रिपोर्ट भूरी सिंह व जगवीर सिंह के खिलाफ दर्ज कराई गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जब नेहरा में पिता-पुत्र के शवों को लाया गया, तो महिलाएं दहाड़े मारकर रोने लगीं। दोनों चिताएं साथ-साथ जली, तो लोगों की रूह कांप उठी। डंबर सिंह के 10 साल के बेटे चिंटू ने दोनों चिताओं को मुखाग्नि दी।
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उधर, भूरी सिंह के घर पर सन्नाटा पसरा था। भूरी सिंह का शव लेने के लिए उसका दामाद किडारा निवासी रिंकेश पोस्टमार्टम हाउस आया था। कड़ी सुरक्षा में उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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