अलीगढ़: विरोध के बीच बंद हुई 100 साल पुरानी सीमा रेलवे क्राॅसिंग, स्थानीय लोगों ने किया विरोध
दिनभर दोनों ओर चहारदीवारी बनाने का काम चलता रहा। रेलवे ट्रैक पर बनी सड़क भी उखाड़ दी गई। देर शाम क्रॉसिंग को पूरी तरह बंद कर दिया गया।
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करीब 100 साल पुराने अलीगढ़ की सीमा रेलवे क्रॉसिंग (गेट संख्या-110) को सोमवार को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया। रेलवे ने क्रॉसिंग के दोनों ओर चहारदीवारी बनाने का काम शुरू कराया, तो स्थानीय लोग विरोध में उतर आए। लोगों ने कहा कि यह मार्ग लंबे समय से आसपास के लोगों के आवागमन का प्रमुख जरिया रहा है।
क्रॉसिंग बंद होने से पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सोमवार सुबह करीब नौ बजे रेलवे अधिकारी क्रेन, जेसीबी और मजदूरों के साथ क्रॉसिंग पर पहुंचे। विरोध की आशंका को देखते हुए आरपीएफ और कई थानों की पुलिस फोर्स भी तैनात की गई थी।
काम शुरू होते ही आसपास के लोग, महिलाएं और अन्य स्थानीय निवासी मौके पर पहुंच गए और रास्ता बंद करने का विरोध किया। अधिकारियों ने लोगों को रेलवे के निर्णय और सुरक्षा कारणों की जानकारी देकर शांत कराया। मौके पर आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त गुलजार सिंह, सीओ सिविल लाइंस सर्वम सिंह, सीओ बन्ना देवी धनंजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइंस सत्यवीर सिंह और स्टेशन अधीक्षक मुकेश कुमार उपाध्याय मौजूद रहे।
सीमा रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद करा दिया गया है। स्थानीय लोगों को समझा-बुझाकर इसे बंद किया गया है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी भी है।-गुलजार सिंह, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ
पैदल रास्ता देने की मांग
विरोध के बाद स्थानीय लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव से मुलाकात की। उन्होंने स्थानीय लोगों, मरीजों और स्कूल जाने वाले बच्चों की समस्याओं का हवाला देते हुए चहारदीवारी के बीच से पैदल रास्ता देने की मांग की। एडीएम ने मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया।
देर शाम पूरी तरह बंद हुई क्रॉसिंग
दिनभर दोनों ओर चहारदीवारी बनाने का काम चलता रहा। रेलवे ट्रैक पर बनी सड़क भी उखाड़ दी गई। देर शाम क्रॉसिंग को पूरी तरह बंद कर दिया गया। रेलवे की रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में घनी आबादी के साथ सीवेज पाइपलाइन, बिजली के तार और अन्य यूटिलिटी लाइनें मौजूद हैं। इनकी जटिलता के कारण यहां आरओबी या अंडरपास बनाना व्यावहारिक नहीं है। फाटक बंद होने के बाद यातायात को कठपुला और जेल फाटक ओवरब्रिज की ओर डायवर्ट किया जाएगा।