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विकास कार्यों के ऑडिट में 1.43 करोड़ रुपये का घोटाला, एक ही ठेकेदार से कराया गया 90 प्रतिशत काम
Wed, 03 Feb 2021 11:28 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 11:28 PM IST
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प्रतीकात्मक फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
जवां ब्लाक में वर्ष 2017-18 व 2018-19 में हुए विकास कार्यों के ऑडिट में 1.43 करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ा गया है। इसका उत्तरदायी ब्लाक प्रमुख, खंड विकास अधिकारी अवर अभियंता सहित अन्य अधिकारियों को माना गया है। रिपोर्ट में खास बात यह है कि 90 प्रतिशत काम एक ही ठेकेदार से कराया गया है, जिसे जिला लेखा परीक्षा विभाग के ऑडिट में नियम विरुद्ध बताया गया है। साथ ही इसे राजस्व को क्षति पहुंचाने वाला कृत्य माना गया है। इसके अलावा खैर, गंगीरी, लोधा की सात ग्राम पंचायतों में भी अनियमितता उजागर होने प्रधानों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिला लेखा परीक्षा विभाग की ओर से जिले में कराए जाने वाले विकास कार्यों और उनमें इस्तेमाल की गई धनराशि का ऑडिट किया जाता है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायत ने जवां ब्लाक में वर्ष 2017-18 से 2018-19 हुए कार्यों का ऑडिट किया। ऑडिट की जांच रिपोर्ट में लिखा गया है कि 1.43 करोड़ से अधिक धनराशि से कराए गए कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। ग्राम पंचायत के अधिकारों व शक्तियों का अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कराए गए हैं। कई कार्यों में ग्राम पंचायत, आरईएस, जिला पंचायत आदि से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया गया।
राज्य वित्त आयोग व 13वें वित्त आयोग के तहत हुए कुल कार्यों में भुगतान नियमों का उल्लंघन हुआ है। सभी निर्माण कार्यों में केवल न्यूनतम तीन ही ठेकेदारों द्वारा टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया गया। 90 प्रतिशत कार्य ठेकेदार शमशेर खान द्वारा कराए गए हैं। इस मामले में कार्य प्रभारी, अवर अभियंता व ठेकेदारों की मिलीभगत प्रतीत होती है। इस मामले की रिपोर्ट विभाग की ओर से डीएम को भेज दी गई है।
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जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह के मुताबिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। अनियमितताएं किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होंगी। साथ ही जिला लेखा परीक्षा विभाग की ओर से खैर, गंगीरी, लोधा की सात ग्राम पंचायतों में वर्ष 2013-14 से 2018-19 तक किए गए ऑडिट में विकास कार्योें में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इस पर ग्राम पंचायत मीरपुर दहोड़ा के प्रधान मनवीर सिंह, पुरैनी इस्माइल पुर की प्रधान रुकमणी, डिगसी के प्रधान अमर सिंह, अमरपुर नहरा के प्रधान चंद्रपाल सिंह, फुसावली के प्रधान महेंद्र, ल्हौसरा बिसावन के प्रधान राजेंद्र सिंह, खेड़ा खुशखबर की प्रधान पुष्पा देवी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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जिला लेखा परीक्षा विभाग की ओर से जिले में कराए जाने वाले विकास कार्यों और उनमें इस्तेमाल की गई धनराशि का ऑडिट किया जाता है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायत ने जवां ब्लाक में वर्ष 2017-18 से 2018-19 हुए कार्यों का ऑडिट किया। ऑडिट की जांच रिपोर्ट में लिखा गया है कि 1.43 करोड़ से अधिक धनराशि से कराए गए कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। ग्राम पंचायत के अधिकारों व शक्तियों का अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कराए गए हैं। कई कार्यों में ग्राम पंचायत, आरईएस, जिला पंचायत आदि से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया गया।
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राज्य वित्त आयोग व 13वें वित्त आयोग के तहत हुए कुल कार्यों में भुगतान नियमों का उल्लंघन हुआ है। सभी निर्माण कार्यों में केवल न्यूनतम तीन ही ठेकेदारों द्वारा टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया गया। 90 प्रतिशत कार्य ठेकेदार शमशेर खान द्वारा कराए गए हैं। इस मामले में कार्य प्रभारी, अवर अभियंता व ठेकेदारों की मिलीभगत प्रतीत होती है। इस मामले की रिपोर्ट विभाग की ओर से डीएम को भेज दी गई है।
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जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह के मुताबिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। अनियमितताएं किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होंगी। साथ ही जिला लेखा परीक्षा विभाग की ओर से खैर, गंगीरी, लोधा की सात ग्राम पंचायतों में वर्ष 2013-14 से 2018-19 तक किए गए ऑडिट में विकास कार्योें में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इस पर ग्राम पंचायत मीरपुर दहोड़ा के प्रधान मनवीर सिंह, पुरैनी इस्माइल पुर की प्रधान रुकमणी, डिगसी के प्रधान अमर सिंह, अमरपुर नहरा के प्रधान चंद्रपाल सिंह, फुसावली के प्रधान महेंद्र, ल्हौसरा बिसावन के प्रधान राजेंद्र सिंह, खेड़ा खुशखबर की प्रधान पुष्पा देवी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।