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जिला पंचायत अध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री के खिलाफ खोला मोर्चा, बताया धनगर समाज का सौदागर

Mon, 11 Feb 2019 10:18 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 11 Feb 2019 10:18 AM IST
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Zila Panchayat president charge allegations against minister sp singh baghel
राकेश बघेल ने खोला एसपी सिंह बघेल के खिलाफ मोर्चा

आगरा में जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल ने अपनी ही पार्टी की प्रदेश सरकार में पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री एसपी सिंह बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा है कि एसपी सिंह बघेल के जाति प्रमाणपत्र फर्जी हैं। मूलरूप से ठाकुर जाति के एसपी सिंह बघेल सरकारी नौकरी पाने के लिए पहले ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) और फिर राजनीतिक लाभ के लिए एससी (अनुसूचित जाति) बने।

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रविवार को संजय प्लेस स्थित एक होटल में मीडिया से मुखातिब जिला पंचायत अध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री को धनगर समाज का सौदागर कहा। बोले, बार-बार दल बदलने वाले एसपी सिंह बघेल अब भाजपा छोड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य पदाधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाने का दावा किया है। 
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राकेश बघेल ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा की टीसी के अनुसार, सत्यपाल सिंह बघेल (एसपी सिंह बघेल) ठाकुर जाति के सिकरवार गोत्र के थे। बाद में जब उत्तर प्रदेश में आए तो पाल, बघेल, गड़रिया बन गए। इसी के आधार पर ओबीसी का सर्टिफिकेट बनवा लिया और पहले पुलिस और बाद में इसी प्रमाणपत्र के आधार पर आगरा कॉलेज में प्रोफेसर बन गए। इसके बाद टूंडला सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के लिए एससी का सर्टिफिकेट बनवा लिया।

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जांच कराने की मांग

जिला पंचायत अध्यक्ष ने उनकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि आखिर एक व्यक्ति के इतने प्रमाणपत्र कैसे बन गए। राकेश बघेल ने कहा कि इतना ही नहीं एसपी सिंह बघेल खुद को धनगर समाज के स्वयंभू नेता मानकर इनका सौदा करते रहे। दल बदल-बदलकर इन्हें बेचते रहे। 

इतना ही नहीं, उन्होंने भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे एसपी सिंह बघेल पर जल्द ही पार्टी छोड़ने का भी आरोप लगाया। कहा कि वह अपनी पत्नी को फिरोजाबाद सीट से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहते हैं, इसलिए धनगर समाज को गुमराह कर रहे हैं। राकेश बघेल ने कहा कि धनगर समाज उनकी हकीकत जान गया है। इसलिए अब उनके बहकावे में नहीं आने वाला।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भी आए मैदान में

प्रेसवार्ता के दौरान मौजूद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश बघेल ने भी एसपी सिंह बघेल पर निशाना साधा। कहा कि वो शुरू से ही उनका पार्टी में आने को लेकर विरोध करते रहे हैं। यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि एसपी सिंह बघेल के जाति प्रमाणपत्र का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। इसमें वह कैबिनेट मंत्री के ठाकुर होने के संबंध में भी साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। 

उन्होंने भी एसपी सिंह बघेल पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने और धनगर समाज को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि एसपी सिंह बघेल ही धनगर जाति के अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र नहीं बनवा पा रहे। वह इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे।
 

कठेरिया पीछे हटे

इससे पहले अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कठेरिया और प्रदेश सरकार में कैबिनेट एसपी सिंह बघेल के बीच भी विवाद छिड़ चुका है। उन्होंने पिछले दिनों एत्मादपुर क्षेत्र में आयोजित पाल-बघेल सम्मेलन के दौरान एसपी सिंह बघेल के खिलाफ मंच से ही मोर्चा खोल दिया था। मगर, इसके बाद वह पीछे हट गए थे। अब जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल सामने आ गए हैं।
 

राकेश बघेल के मुंह में डा. रामशंकर कठेरिया के शब्द थे। कठेरिया की विनाशकाले विपरीत बुद्धि वाली स्थिति है। वह पूरी तरह से भाजपा द्वारा पोषित हैं। इसलिए उनको घमंड नहीं करना चाहिए। क्योंकि उनकी स्वयं की जाति के तो सिर्फ 922 वोट हैं। देश की जनता घमंडियों को बर्दाश्त नहीं करती। वह सिर्फ शहर के 12-14 उद्योगपतियों से ही घिरे हुए हैं। गरीब जनता से दूर हो गए हैं। - प्रो. एसपी सिंह बघेल, पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री, प्रदेश सरकार

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