फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Yuva Diwas

मेहनत और युवा सोच से हासिल किया मुकाम

Mon, 11 Jan 2021 10:17 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 10:17 PM IST
विज्ञापन
Yuva Diwas
मैनपुरी। जोश, मेहनत और नवीन सोच के साथ जिले के युवा ऊंचा मुकाम हासिल कर रहे हैं। युवा प्रतिभाओं ने अपनी लगन से ये साबित कर दिया कि इरादा पक्का होता कुछ भी नामुमकिन नहीं है। कोई नौकरी छोड़कर फूलों की खेती कर रहा है तो कोई खेलकूद में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। ऐसे ही जिले के कुछ युवाओं से रूबरू कराती यह रिपोर्ट....
विज्ञापन

नौकरी से इस्तीफा देकर शुरू की खेती
गांव छिवकरिया निवासी रवि पाल (31) ने मथुरा के सचदेवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से वर्ष 2011 में एमबीए की डिग्री हासिल कर 2013 में नौकरी शुरू कर दी। इसके बाद नोएडा में टाटा मोटर्स के बिजनेस एरिया मैनेजर बन गए। पचास हजार रुपये महीने की नौकरी करने के दौरान रवि एक दिन घूमते-घूमते कृषि विज्ञान केंद्र दिल्ली गए।
विज्ञापन

वहां वैज्ञानिकों से मिले, तो कुछ अलग करने की ठज्ञनी। अपने गांव की माटी में ही खेती कर मुनाफा कमाने का गुर सीखा। वैज्ञानिकों की सलाह पर रवि ने छिवकरिया गांव में फूलों की खेती करने का फैसला लिया। दिसंबर 2014 में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और गांव लौट आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार की 20 बीघा जमीन में से पहली बार में उन्होंने दो बीघा में गेंदे के फूल की खेती की। पांच माह में 75 हजार रुपये की आमदनी हुई, तो हौसला बढ़ा। आज वे दो हेक्टेयर में गेंदा की खेती कर रहे हैं। वर्तमान में मैनपुरी, इटावा, फिरोजाबाद, एटा, ओरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज आदि जिलों के दो सौ से अधिक किसान परिवार उनसे जुड़े हैं।
नेशनल प्रतियोगिता में लिया भाग
गांव लोधीपुर निवासी 27 वर्षीय पारितोष को वर्ष 2017 में पहलीबार सुल्तानपुर में खेली गई यूपी स्टेट वॉलीबाल चैंपियनशिप में पारितोष को प्रतिभाग करने का मौका मिला।
वर्ष 2018 में अयोध्या में खेली गई स्टेट चैंपियनशिप में भाग लिया। वर्ष 2019 में पारितोष को चेन्नई में आयोजित होने वाली नेशनल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। पारितोष का सपना है कि वह इंटरनेशनल वॉलीबॉल भी खेले। इसके लिए वह अपनी पढ़ाई के साथ पूरा ध्यान खेल पर दे रही है।
मेहनत कर पाया 3.75 लाख मासिक पैकेज
किशनी क्षेत्र के गांव दुम्हार निवासी महिपाल सिंह का 32 वर्षीय पुत्र रवि प्रताप सिंह एमबीए कर दक्षिण अफ्रीका के गोवान शहर में 3.75 लाख के मासिक पैकेज पर नौकरी कर रहे हैं।
वर्ष 2011 में नोएडा से एमबीए करने के बाद 2012 में रवि प्रताप ने मात्र 12 हजार के मासिक पैकेज पर गुडगांव की एक कंपनी में नौकरी की। वर्ष 2015 में रवि ने टाटा ग्रुप नोएडा में आठ लाख वार्षिक के पैकेज पर नौकरी की। वर्ष 2018 में उसने दक्षिण अफ्रीका के गोवान में 3.75 लाख मासिक पैकेज पर काम करना शुरू किया।

युवा स्वामी विवेकानंद के पांच सूत्रों को अपनाएं- हरप्रसाद
महावीर इंटर कॉलेज जौहरी नगर के प्रधानाचार्य हरप्रसाद यादव बताते हैं कि स्वामी विवेकानंद ने सफलता के जो पांच सूत्र बताए थे वे बहुत ही आवश्यक और कारगर सिद्ध हुए हैं। इसलिए युवाओं को स्वामी जी के इन संदेशों पर चलना होगा।
लक्ष्य- लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं।
आत्मविश्वास- आत्मविश्वास, सफलता का रहस्य है।
समर्पण- दृढ़ निश्चय ही विजय है।
चरित्र निर्माण- वही समाज उन्नति और उपलब्धियों के चरम शिखर पर पहुंच सकता है जहां व्यक्ति में चरित्र होता है।
संगठन- उत्साही व्यक्तियों का एक छोटा सा समूह इस संसार को बदल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed