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लॉकडाउन में गाजियाबाद से पैदल आंबेडकर नगर जा रहे युवक की रास्ते में मौत
Mon, 04 May 2020 12:12 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 04 May 2020 12:12 AM IST
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यमुना एक्सप्रेसवे पर मिला युवक का शव मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद से पैदल ही अपने घर आंबेडकर नगर जा रहे युवक संदीप (26) की रास्ते में मौत हो गई। रविवार की सुबह करीब छह बजे उसका शव यमुना एक्सप्रेसवे के पास गांव चौगान के समीप झरना नाला पुल पर मिला। वह थकान से चूर हो गया था। खून की उल्टियां होने लगीं। गिरा तो फिर उठा ही नहीं।
छलेसर चौकी प्रभारी विमल कुमार ने बताया कि उसकी जेब में मिले मोबाइल पर फोन करने पर उसके भाई दिलीप ने उसकी पहचान छोटे भाई संदीप (26) पुत्र श्याम निवासी लक्ष्मन गार्डन, साहिबाबाद, गाजियाबाद के रूप में की।
उसने पुलिस को बताया कि वह गाजियाबाद में रहकर पीओपी का कार्य करता था। मूलरूप से आंबेडकर नगर के गांव इस्थरा थाना जहांगारीबाद का है। वह पैदल ही अपने गांव जा रहा था। उसे खून की उल्टी हुई। अकेला ही था, इस कारण पुलिस को तुरंत सूचना नहीं मिली, वरना उसे अस्पताल भेजा जाता।
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छलेसर चौकी प्रभारी विमल कुमार ने बताया कि उसकी जेब में मिले मोबाइल पर फोन करने पर उसके भाई दिलीप ने उसकी पहचान छोटे भाई संदीप (26) पुत्र श्याम निवासी लक्ष्मन गार्डन, साहिबाबाद, गाजियाबाद के रूप में की।
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उसने पुलिस को बताया कि वह गाजियाबाद में रहकर पीओपी का कार्य करता था। मूलरूप से आंबेडकर नगर के गांव इस्थरा थाना जहांगारीबाद का है। वह पैदल ही अपने गांव जा रहा था। उसे खून की उल्टी हुई। अकेला ही था, इस कारण पुलिस को तुरंत सूचना नहीं मिली, वरना उसे अस्पताल भेजा जाता।
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शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के भाई के मुताबिक संदीप बीमार भी रहता था। उसने फोन पर बताया था कि वह घर आएगा। उससे कहा था कि तबीयत का ख्याल रखना लेकिन वह पैदल ही चले जा रहा था।
एक रात रुका था, फिर चल दिया उसके मोबाइल से आखिरी दो कॉल पर पुलिस ने फोन किया। पहली पलवल के चाय वाले की थी। उसने बताया कि संदीप दो दिन पहले उसके पास आया था। उसका बदन थकान से चूर था। सांस फूल रही थी।
उसने बताया था कि उसे टीबी है। इस पर उसे एक रात के लिए रोक लिया था। सुबह होते ही वह घर जाने की जिद करने लगा और ट्रक में बैठ गया। इसके बाद उसने फोन करके बताया कि मथुरा तक ट्रक से आया और फिर पैदल चलने लगा है। दूसरी कॉल उसके भाई की थी। उसने भी यही बताया कि उसे टीबी थी।
एक रात रुका था, फिर चल दिया उसके मोबाइल से आखिरी दो कॉल पर पुलिस ने फोन किया। पहली पलवल के चाय वाले की थी। उसने बताया कि संदीप दो दिन पहले उसके पास आया था। उसका बदन थकान से चूर था। सांस फूल रही थी।
उसने बताया था कि उसे टीबी है। इस पर उसे एक रात के लिए रोक लिया था। सुबह होते ही वह घर जाने की जिद करने लगा और ट्रक में बैठ गया। इसके बाद उसने फोन करके बताया कि मथुरा तक ट्रक से आया और फिर पैदल चलने लगा है। दूसरी कॉल उसके भाई की थी। उसने भी यही बताया कि उसे टीबी थी।