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Agra News: हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से युवक की मौत, दो घंटे तक हंगामा
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फतेहाबाद। थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी सावराय में मंगलवार सुबह निर्माणाधीन मकान की छत पर ब्रश करते समय युवक हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट आ गया। हाथ झुलसने के बाद युवक छत से नीचे गया। उसकी माैके पर ही माैत हो गई। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। शव गांव पहुंचने पर अंतिम संस्कार को लेकर भी करीब दो घंटे तक विवाद की स्थिति बनी रही। कई थानों के फोर्स ने माैके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
घटना करीब 6 बजे की है। गढ़ी सावराय निवासी उपेंद्र कुशवाहा (28) पुत्र पप्पू अपने निर्माणाधीन मकान की छत पर ब्रश कर रहा था। इसी दौरान उसके चाचा के घर पर आने वाली विद्युत केबल में फाल्ट हो गया। केबल का तार 11 हजार वोल्ट की लाइन के संपर्क में आ गया, जिसकी चपेट में उपेंद्र आ गया। करंट लगने से उसके दोनों हाथ झुलस गए। वह सिर के बल छत से नीचे पक्के खड़ंजे पर गिर गया। गंभीर रूप से घायल उपेंद्र को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उपेंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत से पत्नी शिवानी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके पुत्र दिव्यांश (2) और नौ माह की बेटी मायरा को इस बात का अहसास तक नहीं है कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया है। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में पिछले एक वर्ष से नंगे झूलते तारों को लेकर शिकायत की जा रही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विधायक संग थाने पहुंचे ग्रामीण
दोपहर करीब एक बजे विधायक छोटेलाल वर्मा के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को थाने पर बुलाकर ग्रामीणों की मांगें रखीं। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और मृतक के भाई को संविदा पर नौकरी देने की मांग की। अधिशासी अभियंता तृतीय फतेहाबाद शैलेंद्र कटिहार ने दोनों मांगों को स्वीकार कर लिया। ग्रामीणो ने कहा कि पिछले एक वर्ष से गांव में नंगे झूम रहे तारों को लेकर शिकायत की थी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कभी अधिशासी अभियंता ने शीघ्र नंगे तारों को हटाकर जल्द नई केबल डलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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आगरा-फतेहाबाद मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास
उपेंद्र की मौत के बाद शव गांव आने की सूचना पर ग्रामीणों ने फतेहाबाद-आगरा मार्ग पर पारस डेयरी मोड़ के पास जाम लगाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची फतेहाबाद पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। बमरौली कटारा, बाह और डौकी थाने का पुलिस बल भी बुला लिया गया। पुलिस ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस ने दूसरे रास्ते से शव को घर पहुंचाया।
शव उठाने पर उग्र हुए ग्रामीण
शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के दौरान पुलिस को परिजन और ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। परिजन विद्युत विभाग से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की मांग पर अड़े थे। मांग पूरी होने के बाद भी अन्य मांगों को लेकर शव नहीं उठने दिया गया। अन्य थानों का पुलिस बल बुलाना पड़ा। काफी देर तक बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बनी। पुलिस ने कुछ लोगों की मदद से शव उठाकर ठठरी पर रखने का प्रयास किया तो हंगामा हो गया। इसके बाद पुलिस पीछे हट गई। दोबारा बातचीत के बाद पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए रवाना कराया। परिजन ने बताया कि मृतक के चाचा अहमदाबाद में रहते हैं और फ्लाइट से दिल्ली पहुंच रहे थे। उनके आने का इंतजार किया गया।
सपा नेत्री को अंतिम संस्कार में जाने से रोका
सपा नेत्री रूपाली दीक्षित और महेश सिसोदिया भी गांव पहुंचे। सपा नेत्री रूपाली दीक्षित ने पुलिस पर उन्हें रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा वह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची थीं। परिजन के साथ तहरीर लेकर थाने जा रही थीं, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद, डौकी, बमरौली कटारा और बाह थाने का पुलिस बल पहुंच गया। परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया। समझाकर उन्हें शांत कराया। करीब दो घंटे बाद जनेश्वर घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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घटना करीब 6 बजे की है। गढ़ी सावराय निवासी उपेंद्र कुशवाहा (28) पुत्र पप्पू अपने निर्माणाधीन मकान की छत पर ब्रश कर रहा था। इसी दौरान उसके चाचा के घर पर आने वाली विद्युत केबल में फाल्ट हो गया। केबल का तार 11 हजार वोल्ट की लाइन के संपर्क में आ गया, जिसकी चपेट में उपेंद्र आ गया। करंट लगने से उसके दोनों हाथ झुलस गए। वह सिर के बल छत से नीचे पक्के खड़ंजे पर गिर गया। गंभीर रूप से घायल उपेंद्र को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उपेंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत से पत्नी शिवानी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके पुत्र दिव्यांश (2) और नौ माह की बेटी मायरा को इस बात का अहसास तक नहीं है कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया है। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में पिछले एक वर्ष से नंगे झूलते तारों को लेकर शिकायत की जा रही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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विधायक संग थाने पहुंचे ग्रामीण
दोपहर करीब एक बजे विधायक छोटेलाल वर्मा के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को थाने पर बुलाकर ग्रामीणों की मांगें रखीं। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और मृतक के भाई को संविदा पर नौकरी देने की मांग की। अधिशासी अभियंता तृतीय फतेहाबाद शैलेंद्र कटिहार ने दोनों मांगों को स्वीकार कर लिया। ग्रामीणो ने कहा कि पिछले एक वर्ष से गांव में नंगे झूम रहे तारों को लेकर शिकायत की थी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कभी अधिशासी अभियंता ने शीघ्र नंगे तारों को हटाकर जल्द नई केबल डलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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आगरा-फतेहाबाद मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास
उपेंद्र की मौत के बाद शव गांव आने की सूचना पर ग्रामीणों ने फतेहाबाद-आगरा मार्ग पर पारस डेयरी मोड़ के पास जाम लगाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची फतेहाबाद पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। बमरौली कटारा, बाह और डौकी थाने का पुलिस बल भी बुला लिया गया। पुलिस ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस ने दूसरे रास्ते से शव को घर पहुंचाया।
शव उठाने पर उग्र हुए ग्रामीण
शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के दौरान पुलिस को परिजन और ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। परिजन विद्युत विभाग से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की मांग पर अड़े थे। मांग पूरी होने के बाद भी अन्य मांगों को लेकर शव नहीं उठने दिया गया। अन्य थानों का पुलिस बल बुलाना पड़ा। काफी देर तक बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बनी। पुलिस ने कुछ लोगों की मदद से शव उठाकर ठठरी पर रखने का प्रयास किया तो हंगामा हो गया। इसके बाद पुलिस पीछे हट गई। दोबारा बातचीत के बाद पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए रवाना कराया। परिजन ने बताया कि मृतक के चाचा अहमदाबाद में रहते हैं और फ्लाइट से दिल्ली पहुंच रहे थे। उनके आने का इंतजार किया गया।
सपा नेत्री को अंतिम संस्कार में जाने से रोका
सपा नेत्री रूपाली दीक्षित और महेश सिसोदिया भी गांव पहुंचे। सपा नेत्री रूपाली दीक्षित ने पुलिस पर उन्हें रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा वह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची थीं। परिजन के साथ तहरीर लेकर थाने जा रही थीं, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद, डौकी, बमरौली कटारा और बाह थाने का पुलिस बल पहुंच गया। परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया। समझाकर उन्हें शांत कराया। करीब दो घंटे बाद जनेश्वर घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।