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खेती की आधुनिकतम तकनीक से जुडे़ युवा
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
Updated Sat, 27 Jun 2015 02:14 AM IST
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खेती में आधुनिक मशीनों का उपयोग शुरू हो रहा है, लेकिन न तो इन्हें चलाने वाले हैं और न ही कुशलता से प्रयोग करने वाले। टाटा केमिकल्स ने ग्रामीण युवाओं को मशीनरी के इस्तेमाल और नए तौर तरीकों पर आधारित फार्म टेकिभनशियन का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। टाटा के सैफई, मैनपुरी और अलीगढ़ सेंटर पर 25-25 ग्रामीण युवाओं को एक साल की ट्रेनिंग दी जा रही है। शुक्रवार को ट्रेनिंग पूरी करने वाले 38 छात्रों को प्रमाण पत्र मिले।
जयपुर के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चर मार्केटिंग के सहयोग से शुरू किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को फतेहाबाद रोड स्थित अतिथि होटल में आयोजित कार्यक्रम में प्रमाण पत्र दिए गए। टाटा केमिकल्स के हेड सेल्स (नार्थ) दिलीप सिंह, मुख्य वैज्ञानिक डा. सुभेंदु भडरारे, एवीपी एपी सिंह और अजय सेतिया ने युवाओं को एक साल का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र सौंपा। सेंटर फार एग्री साल्यूशन प्रमुख डा. सुभेंदु भडरारे ने बताया कि फार्म टेक्निशियन न केवल कंबाइंड हार्वेस्टर, लेसर लेवलर, सोइंग एंड स्प्रेइंग मशीन को चलाएंगे, बल्कि किसानों को कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर की जानकारी भी देंगे। आलू, धान, गेहूं और मक्का की फसल के लिए बाजार में यूरिया, डीएपी की जगह विशेष खाद आ रही है। आलू बेल्ट की मिट्टी, पानी और उत्पाद का सैंपल लेने के बाद तैयार की गई विशेष खाद में सूक्ष्म पोषक तत्व शामिल किए गए हैं, जो उर्वरा शक्ति और पैदावार दोनों को बढ़ाएंगे। फार्म टेक्निशियन किसानों को उन्नत बीज, उपकरण और खाद के बारे में भी बताएंगे। कार्यक्रम में बीएस चौहान, सीएल सिंह, डा. एसपी सिंह आदि मौजूद रहे।
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जयपुर के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चर मार्केटिंग के सहयोग से शुरू किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को फतेहाबाद रोड स्थित अतिथि होटल में आयोजित कार्यक्रम में प्रमाण पत्र दिए गए। टाटा केमिकल्स के हेड सेल्स (नार्थ) दिलीप सिंह, मुख्य वैज्ञानिक डा. सुभेंदु भडरारे, एवीपी एपी सिंह और अजय सेतिया ने युवाओं को एक साल का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र सौंपा। सेंटर फार एग्री साल्यूशन प्रमुख डा. सुभेंदु भडरारे ने बताया कि फार्म टेक्निशियन न केवल कंबाइंड हार्वेस्टर, लेसर लेवलर, सोइंग एंड स्प्रेइंग मशीन को चलाएंगे, बल्कि किसानों को कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर की जानकारी भी देंगे। आलू, धान, गेहूं और मक्का की फसल के लिए बाजार में यूरिया, डीएपी की जगह विशेष खाद आ रही है। आलू बेल्ट की मिट्टी, पानी और उत्पाद का सैंपल लेने के बाद तैयार की गई विशेष खाद में सूक्ष्म पोषक तत्व शामिल किए गए हैं, जो उर्वरा शक्ति और पैदावार दोनों को बढ़ाएंगे। फार्म टेक्निशियन किसानों को उन्नत बीज, उपकरण और खाद के बारे में भी बताएंगे। कार्यक्रम में बीएस चौहान, सीएल सिंह, डा. एसपी सिंह आदि मौजूद रहे।
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