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Agra News: गलत मुद्रा में काम करने से युवा पुलिसकर्मी स्लिप डिस्क से हो रहे पीड़ित
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आगरा। ड्यूटी के दौरान लंबे समय तक खड़े रहने, पैदल गश्त, वाहन चलाने, कंप्यूटर पर कार्य करने, शस्त्र संभालने तथा भार उठाने के दौरान अपनाई जाने वाली सही मुद्रा में काम नहीं करने से युवा पुलिसकर्मियों को हड्डी संबंधी दिक्कतें आ रही हैं।
नेशनल बोन एंड ज्वाइंट डे पर पुलिसकर्मियों को हड्डियों से संबंधित व्यायाम और अन्य जानकारी के लिए पुलिस कमिश्नरेट और आगरा आर्थोपेडिक सोसायटी ने आगरा मूव्स बेटर अभियान की शुरुआत की। इसके तहत मंगलवार को पुलिस लाइंस में स्वस्थ प्रहरी-सशक्त पुलिस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को आपातकालीन जीवनरक्षक तकनीक (सीपीआर) सही कार्य-मुद्रा, हड्डियों और जोड़ों की सुरक्षा के साथ ड्यूटी से संबंधित मांसपेशीय समस्याओं से बचाव के लिए व्यायाम और अन्य जानकारियां दी गईं।
अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल ने कार्यक्रम की शुरुआत के बाद चिकित्सकों से बात की और युवा पुलिसकर्मियों में स्लिप डिस्क, गर्दन, कमर, कंधों और घुटनों में दर्द आदि परेशानियों के होने की जानकारी दी और इससे बचाव के उपाय पूछे। चिकित्सकों ने बताया कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान लंबे समय तक खड़े रहने, शस्त्र संभालने और भार उठाने के काम के दौरान अगर सही मुद्रा अपनाएंगे। काम के बीच कुछ मिनट व्यायाम करते रहेंगे तो इन दिक्कतों से बचाव हो सकेगा।
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कार्यक्रम में डॉ. रजनीश मिश्रा ने सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। सोसाइटी के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने पुलिस वर्क प्लेस एर्गोनॉमिक्स पर बोलते हुए काम के दौरान अपनाई जाने वाली सही कार्य-मुद्राओं की जानकारी दी। ड्यूटी के बीच छोटे विराम, नियमित स्ट्रेचिंग और सही तकनीक अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल, डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास, एडीसीपी अलका सारस्वत और एसीपी सदर राम प्रवेश गुप्ता ने पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य, फिटनेस और कार्यक्षमता से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। विशेषज्ञों ने पुलिसकर्मियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और दर्द की समय रहते पहचान के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सोसायटी के चेयरमैन डॉ. डीवी शर्मा, अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ, डॉ. अशोक विज, डॉ. अनुपम गुप्ता, डॉ. संजीव वोहरा ने सहभागिता की।
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नेशनल बोन एंड ज्वाइंट डे पर पुलिसकर्मियों को हड्डियों से संबंधित व्यायाम और अन्य जानकारी के लिए पुलिस कमिश्नरेट और आगरा आर्थोपेडिक सोसायटी ने आगरा मूव्स बेटर अभियान की शुरुआत की। इसके तहत मंगलवार को पुलिस लाइंस में स्वस्थ प्रहरी-सशक्त पुलिस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को आपातकालीन जीवनरक्षक तकनीक (सीपीआर) सही कार्य-मुद्रा, हड्डियों और जोड़ों की सुरक्षा के साथ ड्यूटी से संबंधित मांसपेशीय समस्याओं से बचाव के लिए व्यायाम और अन्य जानकारियां दी गईं।
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अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल ने कार्यक्रम की शुरुआत के बाद चिकित्सकों से बात की और युवा पुलिसकर्मियों में स्लिप डिस्क, गर्दन, कमर, कंधों और घुटनों में दर्द आदि परेशानियों के होने की जानकारी दी और इससे बचाव के उपाय पूछे। चिकित्सकों ने बताया कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान लंबे समय तक खड़े रहने, शस्त्र संभालने और भार उठाने के काम के दौरान अगर सही मुद्रा अपनाएंगे। काम के बीच कुछ मिनट व्यायाम करते रहेंगे तो इन दिक्कतों से बचाव हो सकेगा।
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कार्यक्रम में डॉ. रजनीश मिश्रा ने सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। सोसाइटी के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने पुलिस वर्क प्लेस एर्गोनॉमिक्स पर बोलते हुए काम के दौरान अपनाई जाने वाली सही कार्य-मुद्राओं की जानकारी दी। ड्यूटी के बीच छोटे विराम, नियमित स्ट्रेचिंग और सही तकनीक अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल, डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास, एडीसीपी अलका सारस्वत और एसीपी सदर राम प्रवेश गुप्ता ने पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य, फिटनेस और कार्यक्षमता से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। विशेषज्ञों ने पुलिसकर्मियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और दर्द की समय रहते पहचान के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सोसायटी के चेयरमैन डॉ. डीवी शर्मा, अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ, डॉ. अशोक विज, डॉ. अनुपम गुप्ता, डॉ. संजीव वोहरा ने सहभागिता की।