बीहड़ में मुख्यमंत्री योगी की सुरक्षा को लेकर छूट रहा अफसरों का पसीना, ये है कार्यक्रम
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि विसर्जन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई बड़े नेता बटेश्वर आ सकते हैं। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पुलिस-प्रशासन के सामने सबसे बड़ी दिक्कत बीहड़ में सीएम की सुरक्षा को लेकर आ रही है। मंगलवार को अधिकारी रूट मैप तैयार करने में जुटे रहे।
मुख्यमंत्री योगी के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंगलवार को बटेश्वर में पसीना बहाया। अटलजी के पैतृक घर के अवशेष स्थल, स्मृति स्थल, यज्ञ स्थल, बटेश्वर घाट आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान अफसर बीहड़ में सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
सबसे पहले अफसर अटल जी के पैतृक निवास स्थान पर पहुंचे। चारों ओर से यमुना के बीहड़ से घिरे इस क्षेत्र में सुरक्षा की योजना तैयार की गई। इसके बाद यज्ञ स्थल पर गए। एक ओर से यमुना, दो ओर से बीहड़ और शौरीपुर की सड़क के बीच स्थित यज्ञ स्थल और कोठी (स्मृति स्थल) पर सुरक्षा को लेकर सबसे ज्यादा पसोपेश में दिखे।
बटेश्वर घाट पर अस्थि विसर्जन को लेकर भी सुरक्षा की रणनीति बनाई गई। वहीं, बटेश्वर के खांद में हेलीपैड स्थल तय कर दिया गया है। मुख्यमंत्री 23 अगस्त की शाम को भी आ सकते हैं। इसको ध्यान में रखकर तैयारियां की जा रही हैं। इस दौरान एसपी प्रोटोकॉल डॉ. एमपी सिंह, एसपी यातायात प्रशांत कुमार प्रसाद, एसपी पूर्वी नित्यानंद राय, एसडीएम अरुण कुमार यादव आदि मौजूद रहे।
बटेश्वर घाट पर होगा अस्थि विसर्जन
अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों का विसर्जन उनके पैतृक गांव बटेश्वर में यमुना के घाट पर किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अटल की स्मृतियों को सहेजने के साथ-साथ बटेश्वर के विकास के लिए कई घोषणाएं कर सकते हैं। इसके लिए प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं। अस्थि कलश 23 या 24 अगस्त को बटेश्वर पहुंचेगा।
अटल जी का पैतृक घर बटेश्वर में है। वर्तमान में यह पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। अब इस स्थल को अटल म्यूजियम के रूप में विकसित करने की तैयारी है। जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने इसके लिए निर्माण विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है। साथ ही राजस्व विभाग से इस घर का पुराना रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। यह किसके नाम दर्ज है और इसका कितना क्षेत्रफल है आदि पड़ताल की जा रही है।
क्रांति स्थल और यज्ञ स्थल को संवारने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही बटेश्वर से जुड़ी अटलजी की स्मृतियों को सहेजने तथा इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए क्या-क्या किया जा सकता है। इसका खाका तैयार किया जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री 24 अगस्त को अस्थि विसर्जन के दौरान अटल स्मृति स्थलों के साथ ही घाटों और क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए करोड़ों रुपये की घोषणाएं कर सकते हैं।