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Year Ender 2020: कोरोना महामारी काल में एसएन मेडिकल कॉलेज को मिली 'ऑक्सीजन'
Sun, 27 Dec 2020 12:02 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 27 Dec 2020 12:02 AM IST
सार
- एसएन मेडिकल कॉलेज में महज 20 वेंटीलेटर थे, अब 140 वेंटीलेटर नए मिल गए
- ऑक्सीजन सिलिंडर का झंझट भी खत्म, दोगुनी हुई ऑक्सीजन टैंक की क्षमता
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना वायरस महामारी में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से चली आ रही वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की कमी दूर हुई। ऑक्सीन टैंक की क्षमता दुगनी हुई और गंभीर मरीजों के लिए 140 नए वेंटीलेटर भी मिले हैं। मार्च से पहले एसएन मेडिकल कॉलेज में 20 वेंटिलेटर ही थे। कई बार वेंटीलेटर न मिलने से मरीजों की मौत भी हुई। कोरोना महामारी से निपटने को पीएम केयर फंड से 140 वेंटिलेटर मिले।
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अभी कोविड अस्पताल के आईसीयू में लगाए गए हैं। सामान्य हालत होने पर इन वेंटीलेटरों को सर्जरी, ट्रॉमा, मेडिसिन, कैंसर, बाल रोग और टीबी विभाग में भी दिए जाएंगे। छह हजार किलोलीटर क्षमता के ऑक्सीजन टैंक को बढ़ाकर 10 हजार किलोलीटर किया गया है। इससे गंभीर मरीजों के लिए जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन मिल सकेगी। इमरजेंसी में 42 बेड थे, जिनको बढ़ाकर 60 कर दिया है। इसमें 18 बेड और बढ़ाए गए हैं।
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ये कार्य नहीं हो पाए पूरे:
जिला अस्पताल में नहीं शुरू हो पाई एमआरआई सेवा
- जिला अस्पताल में एक रुपये के पर्चे पर मरीजों के लिए निशुल्क एमआरआई की सेवा शुरू नहीं हो पाई। इसके लिए सेंटर बन गया है। मशीनों की खरीद होना बाकी है। पीपीपी मॉडल पर यह सेवा शुरू होनी है।
एसएन को नहीं मिल सकीं एमबीबीएस की 22 सीटें
- एसएन मेडिकल कॉलेज में शिक्षक, पुस्तकालय और हॉस्टल की कमी के कारण एमबीबीएस कीह 22 सीटें बहाल नहीं हो सकीं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण में हॉस्टल का निर्माण चल रहा है, नई पुस्तकालय का हाल ही में बजट मिला है, चिकित्सा शिक्षकों की कमी भी पूरी नहीं की।
सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण भी नहीं हुआ पूरा
- एसएन में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है। कोरोना महामारी में लगभग पांच महीने तक कार्य बंद रहा। आठ मंजिला इमारत में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, प्लास्टिक सर्जन, किडनी, लिवर समेत अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकेगा।
जिला अस्पताल में नहीं शुरू हो पाई एमआरआई सेवा
- जिला अस्पताल में एक रुपये के पर्चे पर मरीजों के लिए निशुल्क एमआरआई की सेवा शुरू नहीं हो पाई। इसके लिए सेंटर बन गया है। मशीनों की खरीद होना बाकी है। पीपीपी मॉडल पर यह सेवा शुरू होनी है।
एसएन को नहीं मिल सकीं एमबीबीएस की 22 सीटें
- एसएन मेडिकल कॉलेज में शिक्षक, पुस्तकालय और हॉस्टल की कमी के कारण एमबीबीएस कीह 22 सीटें बहाल नहीं हो सकीं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण में हॉस्टल का निर्माण चल रहा है, नई पुस्तकालय का हाल ही में बजट मिला है, चिकित्सा शिक्षकों की कमी भी पूरी नहीं की।
सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण भी नहीं हुआ पूरा
- एसएन में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है। कोरोना महामारी में लगभग पांच महीने तक कार्य बंद रहा। आठ मंजिला इमारत में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, प्लास्टिक सर्जन, किडनी, लिवर समेत अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकेगा।
खंदारी से शुरू हुआ कोरोना संक्रमण गांवों तक पहुंचा
कोरोना वायरस का पहला मामला खंदारी निवासी जूता कारोबारी का परिवार रहा। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक पांच-छह सभी सदस्य संक्रमित हुए। तीन अस्पतालों से यह आसपास के जिलों में फैल गया। मई तक देहातों में भी संक्रमण पहुंच गया। मार्च में 11 मरीज मिले। अप्रैल में तेजी से बढ़े, इस महीने 532 संक्रमित मिले, जून में रफ्तार कम हुई और सितंबर-अक्तूबर में फिर संक्रमण तेजी से बढ़ा और एक बार फिर दिसंबर में संक्रमण में कमी आई।
कोरोना का पहला मरीज: दो मार्च खंदारी निवासी जूता कारोबारी का पांच सदस्यीय पूरा परिवार
एसएन में कोरोना वायरस से संक्रमित भर्ती होने वाला पहला मरीज: सात अप्रैल, आगरा कैंट निवासी युवती
कोरोना वायरस से होने वाली पहली मौत: सात अप्रैल, कमला नगर निवासी 76 साल की वृद्धा
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की मौत:
आगरा: 121
मथुरा: 26
फिरोजाबाद: 25
हाथरस: 13
अलीगढ़: 06
एटा: 05
मैनपुरी: 03
कासगंज: 02
इटावा: 02
हमीरपुर, बदायूं, कुशीनगर, मुरादाबाद और दिल्ली का एक-एक मरीज
कोरोना वायरस का पहला मामला खंदारी निवासी जूता कारोबारी का परिवार रहा। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक पांच-छह सभी सदस्य संक्रमित हुए। तीन अस्पतालों से यह आसपास के जिलों में फैल गया। मई तक देहातों में भी संक्रमण पहुंच गया। मार्च में 11 मरीज मिले। अप्रैल में तेजी से बढ़े, इस महीने 532 संक्रमित मिले, जून में रफ्तार कम हुई और सितंबर-अक्तूबर में फिर संक्रमण तेजी से बढ़ा और एक बार फिर दिसंबर में संक्रमण में कमी आई।
कोरोना का पहला मरीज: दो मार्च खंदारी निवासी जूता कारोबारी का पांच सदस्यीय पूरा परिवार
एसएन में कोरोना वायरस से संक्रमित भर्ती होने वाला पहला मरीज: सात अप्रैल, आगरा कैंट निवासी युवती
कोरोना वायरस से होने वाली पहली मौत: सात अप्रैल, कमला नगर निवासी 76 साल की वृद्धा
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की मौत:
आगरा: 121
मथुरा: 26
फिरोजाबाद: 25
हाथरस: 13
अलीगढ़: 06
एटा: 05
मैनपुरी: 03
कासगंज: 02
इटावा: 02
हमीरपुर, बदायूं, कुशीनगर, मुरादाबाद और दिल्ली का एक-एक मरीज
यह रहे चर्चित मामले:
कोरोना वायरस के इलाज के इंतजाम में फेल होने पर प्राचार्य, सीएमओ हटाए
कोरोना वायरस के इंतजाम और संक्रमण की बढ़ती दर पर एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा और सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स को हटाया गया। डॉ. अनेजा पर तो उपकरण खरीद में धांधली के आरोपों की जांच भी चल रही है। कानपुर मेडिकल कॉलेज के डॉ. संजय काला को एसएन कॉलेज का प्राचार्य बनाया और डॉ. आरसी पांडेय को सीएमओ के तौर पर आगरा भेजा। इनके आने के बाद संक्रमण की दर में एकाएक कमी आई।
दवा लेने आया मरीज गायब, बेसमेंट में मिला शव
एसएन मेडिकल कॉलेज में प्रकाश नगर निवासी मंदिर के महंत फरवरी में दवा लेने आया, रक्त की जांच कराने के लिए वह परिजनों के साथ सात मंजिला इमारत गया, दूसरी मंजिल पर पहुंचने के बाद थकान से आगे नहीं जा पाया तो श्परिजनों ने उसे वहीं बिठा कर जांच कराने गए, लौटकर आए तो वह मिले नहीं। सात दिन बाद बेसमेंट में उनका शव मिला। पुलिस ने जांच भी की, हिंदूवादी संगठनों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन भी किया, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की।
कोरोना वायरस के इलाज के इंतजाम में फेल होने पर प्राचार्य, सीएमओ हटाए
कोरोना वायरस के इंतजाम और संक्रमण की बढ़ती दर पर एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा और सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स को हटाया गया। डॉ. अनेजा पर तो उपकरण खरीद में धांधली के आरोपों की जांच भी चल रही है। कानपुर मेडिकल कॉलेज के डॉ. संजय काला को एसएन कॉलेज का प्राचार्य बनाया और डॉ. आरसी पांडेय को सीएमओ के तौर पर आगरा भेजा। इनके आने के बाद संक्रमण की दर में एकाएक कमी आई।
दवा लेने आया मरीज गायब, बेसमेंट में मिला शव
एसएन मेडिकल कॉलेज में प्रकाश नगर निवासी मंदिर के महंत फरवरी में दवा लेने आया, रक्त की जांच कराने के लिए वह परिजनों के साथ सात मंजिला इमारत गया, दूसरी मंजिल पर पहुंचने के बाद थकान से आगे नहीं जा पाया तो श्परिजनों ने उसे वहीं बिठा कर जांच कराने गए, लौटकर आए तो वह मिले नहीं। सात दिन बाद बेसमेंट में उनका शव मिला। पुलिस ने जांच भी की, हिंदूवादी संगठनों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन भी किया, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की।
एमसीआई के मानक पूरा करना प्राथमिकता: डॉ. संजय काला
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज, ऑपरेशन और जांच में अच्छी स्थिति में हैं। जनवरी में वैक्सीन भी आ जाएगी। ऐसे में 2021 में एमसीआई के मानक पूरा करना प्राथमिकता में रहेगा, जिससे एमबीबीएस की 22 सीट मिल जाएंगे। शिक्षकों की भर्ती करने के साथ पुस्त्कालय का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, हॉस्टल एक महीने में पूरा हो जाएगा।
50 लाख की आबादी का टीकाकरण सुनिश्चित करना: सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि 2021 में कोरोना वायरस का टीकाकरण सबसे बड़ी चुनौती होगी। करीब 50 लाख की आबादी को टीका लगाया जाएगा। इसकी शुरूआत स्वास्थ्य कर्मचारियों से की जाएगी। पूरे साल चरणबद्ध तरीके से सफलतापूर्वक कोरोना का टीका लगाने पर जोर रहेगा।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज, ऑपरेशन और जांच में अच्छी स्थिति में हैं। जनवरी में वैक्सीन भी आ जाएगी। ऐसे में 2021 में एमसीआई के मानक पूरा करना प्राथमिकता में रहेगा, जिससे एमबीबीएस की 22 सीट मिल जाएंगे। शिक्षकों की भर्ती करने के साथ पुस्त्कालय का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, हॉस्टल एक महीने में पूरा हो जाएगा।
50 लाख की आबादी का टीकाकरण सुनिश्चित करना: सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि 2021 में कोरोना वायरस का टीकाकरण सबसे बड़ी चुनौती होगी। करीब 50 लाख की आबादी को टीका लगाया जाएगा। इसकी शुरूआत स्वास्थ्य कर्मचारियों से की जाएगी। पूरे साल चरणबद्ध तरीके से सफलतापूर्वक कोरोना का टीका लगाने पर जोर रहेगा।