{"_id":"666bcd10719524e3f90dd50d","slug":"yamuna-water-is-not-even-suitable-for-bathing-ganga-dussehra-hindi-news-2024-06-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Ganga Dussehra: दम तोड़ रही है आगरा की जीवन रेखा 'यमुना'... आचमन तो दूर, नहाने लायक भी नहीं पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ganga Dussehra: दम तोड़ रही है आगरा की जीवन रेखा 'यमुना'... आचमन तो दूर, नहाने लायक भी नहीं पानी
Fri, 14 Jun 2024 10:24 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 14 Jun 2024 10:24 AM IST
सार
गंगा दशहरा पर्व पर यमुना में स्नान करने की सोच रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मथुरा के शाहपुर में नदी सबसे गंदी है। हालांकि आगरा में कैलाश और बटेश्वर पर प्रदूषण कम है, लेकिन वाटरवर्क्स से ताज तक यमुना दोगुनी मैली है।
विज्ञापन
यमुना नदी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगा दशहरा पर्व पर गंगा और यमुना नदी में स्नान करने की प्रथा है। मगर, यहां यमुना नदी का पानी नहाने लायक है और न ही आचमन के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यमुना नदी के पानी का सैंपल जांचा तो यह सिंचाई और मछली पालन के साथ सिर्फ औद्योगिक उपयोग के लायक ही बचा है। कैलाश घाट के मुकाबले ताजमहल पर यमुना नदी का पानी दोगुने से ज्यादा प्रदूषित है।
ताजमहल के पास दशहरा घाट है, लेकिन गंगा दशहरा पर इस घाट पर नहाने के लायक पानी नहीं है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सैंपल की जांच में यहां यमुना का पानी प्रदूषित पाया गया है। कैलाश घाट में प्रवेश के साथ ही यमुना का पानी ठीक है, लेकिन जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से ताजमहल के बीच बड़े नालों के जरिए घुल रहे सीवर के कारण यमुना का पानी बेहद प्रदूषित हो चुका है।
मंटोला नाले से 100 एमएलडी सीवर डिस्चार्ज के कारण ताजमहल के दशहरा घाट पर नदी बेहद मैली पाई गई है। मथुरा के शाहपुर, विश्राम घाट, गोकुल बैराज और डाउनस्ट्रीम में यमुना का पानी सिर्फ औद्योगिक उपयोग के लायक ही बचा है। यमुना के पानी में सीवर की मात्रा सबसे खराब गुणवत्ता के पानी मुकाबले भी 26 गुणा ज्यादा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ताजमहल के पास दशहरा घाट है, लेकिन गंगा दशहरा पर इस घाट पर नहाने के लायक पानी नहीं है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सैंपल की जांच में यहां यमुना का पानी प्रदूषित पाया गया है। कैलाश घाट में प्रवेश के साथ ही यमुना का पानी ठीक है, लेकिन जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से ताजमहल के बीच बड़े नालों के जरिए घुल रहे सीवर के कारण यमुना का पानी बेहद प्रदूषित हो चुका है।
विज्ञापन
मंटोला नाले से 100 एमएलडी सीवर डिस्चार्ज के कारण ताजमहल के दशहरा घाट पर नदी बेहद मैली पाई गई है। मथुरा के शाहपुर, विश्राम घाट, गोकुल बैराज और डाउनस्ट्रीम में यमुना का पानी सिर्फ औद्योगिक उपयोग के लायक ही बचा है। यमुना के पानी में सीवर की मात्रा सबसे खराब गुणवत्ता के पानी मुकाबले भी 26 गुणा ज्यादा है।
विज्ञापन
आगरा और मथुरा में ऐसा मिला यमुना जल
जगह डीओ बीओडी कॉलिफार्म फीकल कॉलीफार्म
बटेश्वर 7.50 8.40 11,000 6800
ताजमहल 6 9.60 26,000 13,000
कैलाश 6.6 9.60 14,000 6800
मथुरा शाहपुर 4 15.20 1,20,000 49,000
विश्राम घाट 4.40 12.80 1,10,000 33,000
डाउनस्ट्रीम 4.20 14.60 1,30,000 34,000
जगह डीओ बीओडी कॉलिफार्म फीकल कॉलीफार्म
बटेश्वर 7.50 8.40 11,000 6800
ताजमहल 6 9.60 26,000 13,000
कैलाश 6.6 9.60 14,000 6800
मथुरा शाहपुर 4 15.20 1,20,000 49,000
विश्राम घाट 4.40 12.80 1,10,000 33,000
डाउनस्ट्रीम 4.20 14.60 1,30,000 34,000
ऐसा होना चाहिए था पानी
तत्व श्रेणी ए श्रेणी बी श्रेणी सी
डीओ 6 5 4
बीओडी 2 3 3
कॉलिफाॅर्म 50 500 5000
तत्व श्रेणी ए श्रेणी बी श्रेणी सी
डीओ 6 5 4
बीओडी 2 3 3
कॉलिफाॅर्म 50 500 5000
ये है नदी के पानी का मानक
कैटेगरी उपयोग
ए- पीने के लायक
बी- नहाने के लिए
सी- ट्रीटमेंट के बाद पीने लायक
डी- मछलियों, जानवरों के लिए
ई- सिंचाई, फैक्ट्री के उपयोग में
कैटेगरी उपयोग
ए- पीने के लायक
बी- नहाने के लिए
सी- ट्रीटमेंट के बाद पीने लायक
डी- मछलियों, जानवरों के लिए
ई- सिंचाई, फैक्ट्री के उपयोग में
पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि यमुना नदी में जब तक नालों के जरिए सीवर पहुंच रहा है, तब तक नदी की हालत कैसे ठीक होगी। जलनिगम के इंजीनियरों के कारण यमुना की यह हालत हुई है। यह दुखद पहलू है कि साल में एक दिन भी यमुना नहाने लायक नहीं है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि यमुना में सीवर और औद्योगिक अपशिष्ट आने के कारण इससे नहाना हानिकारक है। त्वचा संबंधी कई रोग जैसे खुजली, रूखापन, एलर्जी, पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।