फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Yamuna submergence worth 85 per cent of house demolition: NGT

यमुना डूब क्षेत्र के 85 फीसदी घर ढहाए जाने लायक: एनजीटी

Mon, 07 Nov 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 07 Nov 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
Yamuna submergence worth 85 per cent of house demolition: NGT
प्रतीकात्मक - फोटो : amarujala
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने यमुना के डूब क्षेत्र के अनुचित चिह्निकरण और पिलर लगाए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और शहर प्रशासन की जमकर खिंचाई की है। उसने कहा कि नदी के किनारे के 85 फीसदी निर्माण ढहाए जाने लायक हैं।
विज्ञापन

एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उपस्थित वकील से कहा कि वह सरकार से स्पष्ट निर्देश लेकर आएं कि क्या वह नए सिरे से डूब क्षेत्र का निर्धारण करना चाहती है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी। पीठ ने कहा कि स्थानीय आयुक्त की रिपोर्ट में सरकारी विभागों के कामकाज में भारी खामियों की बात उजागर हुई है। डूब क्षेत्र का अनुचित चिह्निकरण गंभीर मसला है। इसमें कहा गया है कि यमुना नदी के डूब क्षेत्र से विभिन्न रियल एस्टेट परियोजनाओं की दूरी मापने में भी काफी गड़बड़ी की गई है। दावे के उलट यमुना के डूब क्षेत्र में स्थित 85 फीसदी इमारतें ढहाए जाने लायक हैं। एनजीटी ने स्थानीय आयुक्त की रिपोर्ट पर मामले के अन्य पक्षों और विभिन्न रियल एस्टेट कंपनियों से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। पीठ डीके जोशी की याचिका पर सुनवाई कर रही है। पिछले दिनों जोशी का निधन हो गया। उनकी याचिका में आरोप लगाया गया है कि कई बिल्डरों ने डूब क्षेत्र और यहां तक कि नदी में ही इमारतें खड़ी कर दी हैं। बताया जा रहा है कि डूब क्षेत्र में ऐसी 46 बहुमंजिला इमारतें और कालोनियां हैं, जिन पर गाज गिर सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed