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आंख के आपरेशन को मांगे रुपये, नहीं दिए तो सरकारी अस्पताल में मरीज के साथ हुआ ये
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 12 Oct 2017 02:20 PM IST
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अांख का अापरेशन
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के जिला अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां मोतियाबिंद का आपरेशन कराने आए मरीज से रुपये मांगे गए। बेचारा गरीब रुपये नहीं दे पाया तो डाक्टरों ने ऐसी लापरवाही की कि उसकी आज तक रोशनी ही नहीं आई है।
बताया गया है कि आगरा के बुंदू कटरा निवासी वीरेंद्र सिंह का मोतियाबिंद आपरेशन हुआ। इसके बाद आंख की रोशनी चली गई है। मरीज ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों पर गलत आपरेशन करने का आरोप लगाया है। जिला अस्पताल में आलाधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में अब मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
पेशे से मजदूर वीरेंद्र (42) ने जिला अस्पताल में जांच कराई थी। इस पर चिकित्सकों ने मोतियाबिंद बताते हुए आपरेशन को कहा। चार जुलाई को चिकित्सकों ने आपरेशन कर दिया। इसके बाद भी रोशनी नहीं आई। आंख में दर्द भी रहने लगा
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बताया गया है कि आगरा के बुंदू कटरा निवासी वीरेंद्र सिंह का मोतियाबिंद आपरेशन हुआ। इसके बाद आंख की रोशनी चली गई है। मरीज ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों पर गलत आपरेशन करने का आरोप लगाया है। जिला अस्पताल में आलाधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में अब मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
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पेशे से मजदूर वीरेंद्र (42) ने जिला अस्पताल में जांच कराई थी। इस पर चिकित्सकों ने मोतियाबिंद बताते हुए आपरेशन को कहा। चार जुलाई को चिकित्सकों ने आपरेशन कर दिया। इसके बाद भी रोशनी नहीं आई। आंख में दर्द भी रहने लगा
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इस पर वीरेंद्र जिला अस्पताल में दोबारा दिखाने आए तो बताया कि रोशनी आने में डेढ़ महीने तक समय लग जाता है। बताए समय के बाद फिर मरीज जिला अस्पताल जांच के लिए पहुंचा। जांच के बाद एसएन मेडिकल कालेज के लिए भेज दिया।
यहां जांच के बाद बताया कि आपरेशन के दौरान ही आंख में संक्रमण फैल गया है। आंख खराब हो चुकी है। पीड़ित की पत्नी मधु ने बताया कि पति मजदूरी करते थे। डाक्टरों ने आपरेशन के लिए 1200 रुपये मांगे थे जो हम नहीं दे पाए।
अब आंख की रोशनी जाने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। दो छोटी बच्चियां हैं। इन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायती पत्र भेजकर लापरवाही बरतने वाले डाक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है।
यहां जांच के बाद बताया कि आपरेशन के दौरान ही आंख में संक्रमण फैल गया है। आंख खराब हो चुकी है। पीड़ित की पत्नी मधु ने बताया कि पति मजदूरी करते थे। डाक्टरों ने आपरेशन के लिए 1200 रुपये मांगे थे जो हम नहीं दे पाए।
अब आंख की रोशनी जाने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। दो छोटी बच्चियां हैं। इन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायती पत्र भेजकर लापरवाही बरतने वाले डाक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है।