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पुष्पांजलि हाइट्स और सीजन्स सील
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 24 May 2015 01:55 AM IST
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दर्जनभर से अधिक छोटे निर्माणों को ध्वस्त करने के बाद यमुना और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे बड़े अवैध निर्माणों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत पुष्पांजलि समूह के दो निर्माणाधीन प्रोजक्ट से हुई है। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने इस समूह के मऊ रोड स्थित पुष्पांजलि हाइट्स और दयालबाग स्थित पुष्पांजलि सीजन्स दोनों को देर शाम सील कर दिया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। कार्यालय बंद होने तक चुनिंदा अधिकारियों के अलावा किसी को इसकी भनक नहीं लगने दी गई। इधर, पुष्पांजलि ग्रुप ने एडीए की इस कार्रवाई को दोषपूर्ण बताया है। यह दोनों मल्टीस्टोरी को एनवायरमेंट क्लीयरेंस न मिलने पर सील किया गया है।
प्रवर्तन टीम प्रभारी राजीव दीक्षित के नेतृत्व में एडीए की टीम शाम लगभग सात बजे दयालबाग स्थित पुष्पांजलि सीजन्स पहुंची। तब तक लेबर और पुष्पांजलि समूह के कर्मचारी जा चुके थे। सुरक्षाकर्मी जब तक पहुंचते एडीए ने बिल्डिंग सील कर दी। इसके बाद टीम मऊ रोड स्थित पुप्पांजलि हाइट्स पहुंची। यहां परिसर के अंदर निर्माणाधीन मॉल और दो टावर (क्रिस्टल और डायमंट टावर) को सील कर दिया। पूरे प्रोजेक्ट को सील नहीं किया गया है। इसके बाकी टावरों के फ्लैट में लोग रह रहे हैं। बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त रुख के बाद एडीए ने यमुना और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहे निर्माणों पर शिकंजा कसना शुरू किया है। इस संबंध में उन्हें 26 मई को ट्रिब्यूनल में जवाब दाखिल करना है।
इनसेट
विरोध की भी गुंजाइश नहीं छोड़ी
एडीए ने इस कार्रवाई को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। अधिकारियों को डर था कि दिन में सूचना लीक हो जाने के बाद किसी दबाव में यह कार्रवाई रुक न जाए। वहीं, एडीए ने विरोध से बचने के लिए शाम का ही वक्त चुना।
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48 घंटे पहले दिया नोटिस
एडीए की इस कार्रवाई पर पुष्पांजलि समूह ने आपत्ति दर्ज की है। समूह के डायरेक्टर मयंक अग्रवाल का कहना है कि दोनों प्रोजेक्ट के लिए एडीए ने सीलिंग का जो आधार बताया है वह गलत है। पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए उन्होंने वर्ष 2014 में ही आवेदन कर दिया है। औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। पर्यावरण विभाग ही विलंब कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार, 105 दिन में पर्यावरण विभाग को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी न करने पर डीम्ड एनओसी मान ली जाती है। मयंक ने कहा कि इसमें पुष्पांजलि समूह का कोई दोष नहीं है। एडीए के नोटिस पर भी आपत्ति दर्ज की है। 21 मई को नोटिस मिला था, जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया है। मगर, इससे पहले ही एडीए ने शनिवार को दोनों मल्टीस्टोरी सील कर दीं।
पुष्पांजलि के इन दोनों मल्टीस्टोरी के निर्माण के संबंध में निर्माणकर्ताओं के पास एनवायरमेंट क्लीरेंस नहीं थी। इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
- राजीव दीक्षित, प्रवर्तन अधिकारी
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प्रवर्तन टीम प्रभारी राजीव दीक्षित के नेतृत्व में एडीए की टीम शाम लगभग सात बजे दयालबाग स्थित पुष्पांजलि सीजन्स पहुंची। तब तक लेबर और पुष्पांजलि समूह के कर्मचारी जा चुके थे। सुरक्षाकर्मी जब तक पहुंचते एडीए ने बिल्डिंग सील कर दी। इसके बाद टीम मऊ रोड स्थित पुप्पांजलि हाइट्स पहुंची। यहां परिसर के अंदर निर्माणाधीन मॉल और दो टावर (क्रिस्टल और डायमंट टावर) को सील कर दिया। पूरे प्रोजेक्ट को सील नहीं किया गया है। इसके बाकी टावरों के फ्लैट में लोग रह रहे हैं। बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त रुख के बाद एडीए ने यमुना और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहे निर्माणों पर शिकंजा कसना शुरू किया है। इस संबंध में उन्हें 26 मई को ट्रिब्यूनल में जवाब दाखिल करना है।
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विरोध की भी गुंजाइश नहीं छोड़ी
एडीए ने इस कार्रवाई को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। अधिकारियों को डर था कि दिन में सूचना लीक हो जाने के बाद किसी दबाव में यह कार्रवाई रुक न जाए। वहीं, एडीए ने विरोध से बचने के लिए शाम का ही वक्त चुना।
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48 घंटे पहले दिया नोटिस
एडीए की इस कार्रवाई पर पुष्पांजलि समूह ने आपत्ति दर्ज की है। समूह के डायरेक्टर मयंक अग्रवाल का कहना है कि दोनों प्रोजेक्ट के लिए एडीए ने सीलिंग का जो आधार बताया है वह गलत है। पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए उन्होंने वर्ष 2014 में ही आवेदन कर दिया है। औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। पर्यावरण विभाग ही विलंब कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार, 105 दिन में पर्यावरण विभाग को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी न करने पर डीम्ड एनओसी मान ली जाती है। मयंक ने कहा कि इसमें पुष्पांजलि समूह का कोई दोष नहीं है। एडीए के नोटिस पर भी आपत्ति दर्ज की है। 21 मई को नोटिस मिला था, जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया है। मगर, इससे पहले ही एडीए ने शनिवार को दोनों मल्टीस्टोरी सील कर दीं।
पुष्पांजलि के इन दोनों मल्टीस्टोरी के निर्माण के संबंध में निर्माणकर्ताओं के पास एनवायरमेंट क्लीरेंस नहीं थी। इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
- राजीव दीक्षित, प्रवर्तन अधिकारी