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World Sleep Day 2026: आपको वास्तव में कितनी नींद की जरूरत है?, जानिए उम्र के हिसाब से कितने घंटे सोना चाहिए
Fri, 13 Mar 2026 12:31 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 13 Mar 2026 12:31 PM IST
सार
World Sleep Day 2026: विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य के लिए शरीर की जैविक घड़ी के अनुसार पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। युवाओं को 7 से 8 घंटे और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 5 से 6 घंटे की नींद लेने की सलाह दी गई है।
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नींद
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
शरीर की क्रियाओं का नींद सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बगैर बेहतर स्वास्थ्य नहीं चल सकता। इसका प्रभाव बचपन से बुजुर्ग होने तक पड़ता है। इसके जैविक घड़ी के घटकों का पालन ही शरीर के विकास, मानसिक स्वास्थ्य और ऊर्जा की दिशा को तय करता है। हर उम्र के लिए नींद का समय अलग हो सकता है।
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मानसिक स्वास्थ्य संस्थान निदेशक प्रो. दिनेश राठौर ने बताया कि शरीर के संचालन के लिए प्राकृतिक रूप से दिन रात बनाए गए हैं। शरीर की एक जैविक घड़ी होती है जो संरचना के अनुसार कार्य करती है। उसमें सोने का समय भी आता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए जैविक घड़ी के विपरीत जाकर सोने का समय नहीं अपनाना चाहिए। बेहतर है रात 10 बजे तक सोने के लिए चले जाएं।
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क्योंकि रात 12 बजे के आसपास के समय मेलाटोनिन हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है जो शरीर को गहरी और प्राकृतिक नींद की ओर ले जाती है। नींद के घटक आईएम स्लीप और एनआरईएम 20 मिनट से एक घंटे के चक्र पुनरावृत्ति करने लगते हैं जिनके पूरे होने की प्रक्रिया आदतन बनने के बाद शरीर का सही से विकास, मस्तिष्क बेहतर कार्य और ऊर्जा के साथ काम करते हैं।
शरीर के विकसित होने की उम्र में पूरी नींद आवश्यक
प्रो. राठौर बताते हैं कि शरीर के विकास होने की उम्र में नींद का पूरा होना बेहद जरूरी है। जिस तरह नवजात 18 घंटे की नींद लेता है उसी तरह शारीरिक विकास वाली उम्र में 8 घंटे की नींद का पूरा होना बहुत जरूरी है। नहीं तो शरीर के विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इसी तरह घायल अवस्था से निकलने के लिए नींद पूरी लेना जरूरी है।
प्रो. राठौर बताते हैं कि शरीर के विकास होने की उम्र में नींद का पूरा होना बेहद जरूरी है। जिस तरह नवजात 18 घंटे की नींद लेता है उसी तरह शारीरिक विकास वाली उम्र में 8 घंटे की नींद का पूरा होना बहुत जरूरी है। नहीं तो शरीर के विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इसी तरह घायल अवस्था से निकलने के लिए नींद पूरी लेना जरूरी है।
उम्र बढ़ने के साथ नींद हो रही कम
प्रो. राठौर बताते हैं कि हर उम्र के लिए नींद का समय अलग-अलग हो सकता है। नवजात के लिए 18 घंटे की नींद आवश्यक है। इसके बाद 17 साल तक की उम्र तक 8 घंटे की नींद जरूरी होती है। इसके बाद 18 से 44 साल तक की उम्र में 6 से 7 घंटे नींद पूरी हो जाती है। वहीं 45 से अधिक उम्र में 5 से 6 घंटे में ही नींद पूरी हो जाती है।
प्रो. राठौर बताते हैं कि हर उम्र के लिए नींद का समय अलग-अलग हो सकता है। नवजात के लिए 18 घंटे की नींद आवश्यक है। इसके बाद 17 साल तक की उम्र तक 8 घंटे की नींद जरूरी होती है। इसके बाद 18 से 44 साल तक की उम्र में 6 से 7 घंटे नींद पूरी हो जाती है। वहीं 45 से अधिक उम्र में 5 से 6 घंटे में ही नींद पूरी हो जाती है।
सोने का स्थान मंदिर की तरह हो
प्रो. राठौर कहते हैं जिस स्थान को आपने सोने के लिए तय किया है। उसे मंदिर में जिस तरह आप केवल पूजा के लिए जाते हैं उसी तरह केवल नींद के लिए जाएं। वहां अन्य क्रिया न करें। जैसे लेटते-लेटते पढ़ना, टीवी देखना, मोबाइल चलाना नहीं होना चाहिए। इससे प्राकृतिक नींद नहीं मिल पाती है।
प्रो. राठौर कहते हैं जिस स्थान को आपने सोने के लिए तय किया है। उसे मंदिर में जिस तरह आप केवल पूजा के लिए जाते हैं उसी तरह केवल नींद के लिए जाएं। वहां अन्य क्रिया न करें। जैसे लेटते-लेटते पढ़ना, टीवी देखना, मोबाइल चलाना नहीं होना चाहिए। इससे प्राकृतिक नींद नहीं मिल पाती है।