शस्त्र लाइसेंस के लिए अब लगाने होंगे पौधे, पर्यावरण बचाने को जिलाधिकारी ने की पहल
कासगंज में पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल की है। डीएम ने शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया में एक नई कड़ी जोड़ी है। आवेदन करने वाले लोगों को पहले दस पौधे लगाने होंगे और फिर उसका प्रमाण पत्र पत्रावली में प्रस्तुत करना होगा। जिन लोगों को शस्त्र लाइसेंस जारी हो जाएंगे उनका नवीनीकरण भी पौधों की देखरेख पर होगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए शासन-प्रशासन पहल कर रहा है, लेकिन पौधरोपण कम और वृक्षों का कटान अधिक हो रहा है। जिससे वातावरण में अवांछनीय परिवर्तन हो रहे हैं। इस चिंताजनक विषय पर डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने एक नई पहल की है।
पर्यावरण को संरक्षण देने वाले लोग ही अब शस्त्र लाइसेंस का आवेदन कर सकेंगे। डीएम ने स्पष्ट किया कि पौधेरोपित कर उसका प्रमाण पत्रावली के साथ प्रस्तुत करें उसके बाद ही शस्त्र लाइसेंस देने पर विचार किया जाएगा।
जिन लोगों के शस्त्र लाइसेंस जारी हो जाएंगे उनकी जिम्मेदारी तो और भी बढ़ जाएगी। नवीनीकरण के दौरान शस्त्र लाइसेंस धारकों को इस बात का प्रमाण देना होगा कि वह पोषित हैं या नहीं। उसके बाद ही नवीनीकरण होगा।
नवीनीकरण के दौरान जो लाइसेंस धारक लगाए पौधों के पोषित होने का प्रमाण प्रस्तुत नहीं करेंगे उनकी मुसीबत बढ़ जाएगी। प्रशासन उनके लाइसेंस निरस्त कर देगा। उसके बाद उनका शस्त्र अवैध हो जाएगा।
कासगंज जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि शस्त्र लाइसेंस आवेदक पौधे लगाकर आवेदन करें। पौधों को पोषित करने का शपथ पत्र दाखिल करें। उसके बाद उनकी पत्रावली पर विचार किया जाएगा कि आवेदन को लाइसेंस दिया जा सकता है या नहीं।
आंकड़े की नजर से
- 10 पौधे लगाने होंगे प्रत्येक आवेदक को।
- 1000 से अधिक पत्रावली प्रक्रियाधीन।