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मां तुझे प्रणाम: बलिदानी कैप्टन शुभम के पिता के ये शब्द...रुला देंगे, कहा- मेरी शख्सियत भी बौनी हो गई
Wed, 14 Aug 2024 12:31 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
धर्मेंद्र त्यागी, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 14 Aug 2024 12:31 PM IST
सार
पराक्रम की शौर्य कथा सुनकर वीरांगनाएं और लोगों की आंखें नम हो गईं। मंच पर जब 27 साल की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले कैप्टन शुभम गुप्ता के पिता पहुंचे, तो पूरा प्रांगण वीर सपूत के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद बलिदानी के पिता के शब्द सुनकर हॉल में बैठे हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
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राजौरी के बलिदानी कैप्टन शुभम गुप्ता के पिता और मां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहादत... सिसकियां और सम्मान। तीन घंटे के वीरांगना सम्मान समारोह में सबकुछ रहा। शहादत के जिक्र से वीरांगनाओं की आंखें छलक पड़ीं। अपनों की यादों में सिसकती तो कभी आंसू पोंछतीं। सैनिकों की वीरगाथा सुन लोगों की भी आंखें भर आईं। जोश में भारत माता की जय, वंदे मातरम् के जयकारों से माहौल राष्ट्रमय हो गया।
डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल के सभागार में आयोजित वीरांगना सम्मान समारोह में हॉल ठसाठस भर गया। 1965 के युद्ध से राजोरी हमले तक बलिदानियों के परिजन को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में युवा, महिलाओं और बुजुर्ग, सबने भागीदारी की।
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डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल के सभागार में आयोजित वीरांगना सम्मान समारोह में हॉल ठसाठस भर गया। 1965 के युद्ध से राजोरी हमले तक बलिदानियों के परिजन को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में युवा, महिलाओं और बुजुर्ग, सबने भागीदारी की।
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उनके बलिदान पर गर्व है
खेरिया मोड़ से आईं बबीता यादव पति बीके यादव का मंच से नाम बोले जाते ही फफक पड़ी। आंसूं रोके नहीं रुक रहे थे। सम्मान पाकर बोलीं...बलिदानी की पत्नी हूं। उनका गम जरूर है, लेकिन उनकी वीरता इससे बड़ी है और इस पर गर्व है।
खेरिया मोड़ से आईं बबीता यादव पति बीके यादव का मंच से नाम बोले जाते ही फफक पड़ी। आंसूं रोके नहीं रुक रहे थे। सम्मान पाकर बोलीं...बलिदानी की पत्नी हूं। उनका गम जरूर है, लेकिन उनकी वीरता इससे बड़ी है और इस पर गर्व है।
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देश का बेटा बन गया शुभम
राजौरी के बलिदानी कैप्टन शुभम गुप्ता...मंच से नाम बोलते ही जिंदाबाद के नारे लगने लगे। इनके पिता बसंत गुप्ता बोले, बेटे ने वो कर दिया, जिससे मेरी शख्सियत भी बौनी हो गई। शुभम अब पूरे देश का बेटा बन गया, इससे बड़ा सम्मान पिता के लिए कोई और नहीं। बेटे का नाम आते ही मां पुष्पा गुप्ता फफक पड़ीं। खुद को संभालते हुए बोले, ऐसे बेटे पर मुझे गर्व है।
राजौरी के बलिदानी कैप्टन शुभम गुप्ता...मंच से नाम बोलते ही जिंदाबाद के नारे लगने लगे। इनके पिता बसंत गुप्ता बोले, बेटे ने वो कर दिया, जिससे मेरी शख्सियत भी बौनी हो गई। शुभम अब पूरे देश का बेटा बन गया, इससे बड़ा सम्मान पिता के लिए कोई और नहीं। बेटे का नाम आते ही मां पुष्पा गुप्ता फफक पड़ीं। खुद को संभालते हुए बोले, ऐसे बेटे पर मुझे गर्व है।
शहादत को नमन, बड़ा सम्मान
मधु नगर निवासी रीना देवी बोलीं, पति हरिपाल सिंह की शहादत को 12 साल होने को आए हैं। पाकिस्तान सीमा पर सर्च अभियान में बलिदान हुए थे। उनकी शहादत को पूरा शहर नमन करता है। एक वीर नारी के लिए यह सबसे बड़ा सम्मान है।
मधु नगर निवासी रीना देवी बोलीं, पति हरिपाल सिंह की शहादत को 12 साल होने को आए हैं। पाकिस्तान सीमा पर सर्च अभियान में बलिदान हुए थे। उनकी शहादत को पूरा शहर नमन करता है। एक वीर नारी के लिए यह सबसे बड़ा सम्मान है।