{"_id":"617aeb218415e360624107c8","slug":"women-empowerment-mission-shakti-kasganj-news-agr5130560141","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिशन शक्ति : अवसर की समानता प्रदान करना ही नारी सशक्तिकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिशन शक्ति : अवसर की समानता प्रदान करना ही नारी सशक्तिकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। मिशन शक्ति के तहत कोठीवाल आढ़तिया महाविद्यालय में महिला सशक्तीकरण में महात्मा गांधी का योगदान विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीके तोमर ने कहा कि स्त्री से ही मानव जाति का अस्तित्व माना गया है। इस सृजन की शक्ति को विकसित-परिष्कृति कर उसे सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय, विचार, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, अवसर की समानता का सुअवसर प्रदान करना ही नारी सशक्तिकरण है। मिशन शक्ति संयोजिका महाविद्यालय की अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डा. अंजना वशिष्ठ रावत ने कहा कि महात्मा गांधी महिलाओं के सशक्तीकरण के पक्षधर थे। महात्मा गांधी ने यह स्वीकार किया है कि उन्हें अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर चलने की प्रेरणा अपनी मां और पत्नी से मिली। दांडी मार्च और सत्याग्रह महिला कार्यकर्ताओं की वजह से ही सफल हो पाया।
प्रतियोगिता की संयोजिका रेनू पुंढीर ने बताया कि प्रतियोगिता में 19 छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रथम स्थान पर रिया दीक्षित, द्वितीय स्थान पर अदिति चोला, तृतीय स्थान पर साक्षी माहेश्वरी रहीं। दिव्या सिंह व गरिमा सिंह को सांत्वना पुुरस्कार के लिए चयनित किया गया।हेल्थ क्लव प्रभारी डा. सविस्ता अंजुम ने छात्राओं को स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान डॉ. एएम राठी, डॉ. संतोष कुुमार, डॉ. एमएस चंद्रवरिया, डॉ. राधा कृष्ण दीक्षित, डॉ. केके सिंह, डॉ. प्रवीन जादौन, उमेश कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीके तोमर ने कहा कि स्त्री से ही मानव जाति का अस्तित्व माना गया है। इस सृजन की शक्ति को विकसित-परिष्कृति कर उसे सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय, विचार, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, अवसर की समानता का सुअवसर प्रदान करना ही नारी सशक्तिकरण है। मिशन शक्ति संयोजिका महाविद्यालय की अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डा. अंजना वशिष्ठ रावत ने कहा कि महात्मा गांधी महिलाओं के सशक्तीकरण के पक्षधर थे। महात्मा गांधी ने यह स्वीकार किया है कि उन्हें अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर चलने की प्रेरणा अपनी मां और पत्नी से मिली। दांडी मार्च और सत्याग्रह महिला कार्यकर्ताओं की वजह से ही सफल हो पाया।
विज्ञापन
प्रतियोगिता की संयोजिका रेनू पुंढीर ने बताया कि प्रतियोगिता में 19 छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रथम स्थान पर रिया दीक्षित, द्वितीय स्थान पर अदिति चोला, तृतीय स्थान पर साक्षी माहेश्वरी रहीं। दिव्या सिंह व गरिमा सिंह को सांत्वना पुुरस्कार के लिए चयनित किया गया।हेल्थ क्लव प्रभारी डा. सविस्ता अंजुम ने छात्राओं को स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान डॉ. एएम राठी, डॉ. संतोष कुुमार, डॉ. एमएस चंद्रवरिया, डॉ. राधा कृष्ण दीक्षित, डॉ. केके सिंह, डॉ. प्रवीन जादौन, उमेश कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन