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गर्भवती ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म, चिकित्सक ने नहीं किया प्रसूता को भर्ती
Thu, 20 Jun 2019 11:18 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 20 Jun 2019 11:18 AM IST
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
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रुनकता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से नर्स ने रुपये न देने पर प्रसव पीड़ा से कराहती गर्भवती को भगा दिया। 20 मीटर चलने पर गर्भवती का सड़क पर ही प्रसव हो गया। नर्स की सेवाएं समाप्त करते हुए प्रभारी चिकित्सक और फार्मासिस्ट को हटा दिया है।
लखनपुर निवासी श्याम सिंह अपनी पत्नी नैना को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पीएचसी लेकर पहुंचा। श्याम सिंह का आरोप है कि यहां तैनात नर्स सरिता सिंह ने उसे अस्पताल में भर्ती करने से पहले खर्चा मांगा। उसने रुपये न होने की बात कही, तो कहीं और ले जाने को कहा।
पत्नी की हालत खराब होने की दुहाई देते हुए 102 एंबुलेंस बुलवाने को कहा। इस पर उसे फटकारते हुए भगा दिया। सुनवाई न होने पर श्याम गर्भवती पत्नी को पैदल लेकर ही जाने लगा। पीएचसी से करीब 20 मीटर दूर रास्ते में नैना का प्रसव हो गया। यह देख ग्रामीण जुट गए और उसे दोबारा पीएचसी लेकर पहुंचे।
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लखनपुर निवासी श्याम सिंह अपनी पत्नी नैना को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पीएचसी लेकर पहुंचा। श्याम सिंह का आरोप है कि यहां तैनात नर्स सरिता सिंह ने उसे अस्पताल में भर्ती करने से पहले खर्चा मांगा। उसने रुपये न होने की बात कही, तो कहीं और ले जाने को कहा।
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पत्नी की हालत खराब होने की दुहाई देते हुए 102 एंबुलेंस बुलवाने को कहा। इस पर उसे फटकारते हुए भगा दिया। सुनवाई न होने पर श्याम गर्भवती पत्नी को पैदल लेकर ही जाने लगा। पीएचसी से करीब 20 मीटर दूर रास्ते में नैना का प्रसव हो गया। यह देख ग्रामीण जुट गए और उसे दोबारा पीएचसी लेकर पहुंचे।
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स्टाफ नर्स ने फिर भी प्रसूता को भर्ती नहीं किया और मोबाइल देखती रही। लोगों के हंगामा शुरू करने पर उसे भर्ती कर लिया। मामले की जानकारी पर सीएमओ ने तत्काल एमओआईसी डॉ. नंदन सिंह को 102 एंबुलेंस पीएचसी पर भेजने को कहा। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस को फोन कर जच्चा-बच्चा को एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती करवाया।
इसके बाद एमओआइसी मामले की जांच करने पीएचसी पहुंचे। यहां स्थानीय लोग और पीड़ित से बात कर रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने कार्रवाई की। एसएन में जच्चा-बच्चा को देखकर उसका हाल भी जाना।
डॉ. मुकेश वत्स, मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि नर्स की घोर लापरवाही सामने आई है। इसकी सेवा समाप्त कर दी हैं। पीएचसी प्रभारी डॉ. सुप्रिया जैन और फार्मासिस्ट सोनू गोयल की भी शिकायत की है। इनको तत्काल प्रभाव से यहां से हटा दिया गया है। शासन को भी रिपोर्ट भेजी है।
इसके बाद एमओआइसी मामले की जांच करने पीएचसी पहुंचे। यहां स्थानीय लोग और पीड़ित से बात कर रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने कार्रवाई की। एसएन में जच्चा-बच्चा को देखकर उसका हाल भी जाना।
डॉ. मुकेश वत्स, मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि नर्स की घोर लापरवाही सामने आई है। इसकी सेवा समाप्त कर दी हैं। पीएचसी प्रभारी डॉ. सुप्रिया जैन और फार्मासिस्ट सोनू गोयल की भी शिकायत की है। इनको तत्काल प्रभाव से यहां से हटा दिया गया है। शासन को भी रिपोर्ट भेजी है।
सीएमओ को जानकारी होने पर उन्होंने एमओआईसी डॉ. नंदन सिंह को तत्काल 102 एंबुलेंस भेजने और जांच के निर्देश दिए। जज्चा-बच्चा को एसएन में भर्ती करवाया।
जांच के लिए पहुंचे एमओआइसी को स्थानीय निवासी शिवपाल सिंह और अन्नू सिकरवार ने बताया कि यह नर्स बिना रुपये लिए प्रसव नहीं कराती है। यहां पर तैनात डॉ. सुप्रिया जैन भी देर से आती हैं।
फार्मासिस्ट सोनू गोयल भी मरीजों से अभद्रता करता है। एमओआईसी डॉ. नंदन सिंह ने इनकी रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को सौंप दी। देर रात सीएमओ ने इस पर कार्रवाई करते हुए प्रभारी डॉ. सुप्रिया जैन और फार्मासिस्ट को भी हटा दिया है।
जांच के लिए पहुंचे एमओआइसी को स्थानीय निवासी शिवपाल सिंह और अन्नू सिकरवार ने बताया कि यह नर्स बिना रुपये लिए प्रसव नहीं कराती है। यहां पर तैनात डॉ. सुप्रिया जैन भी देर से आती हैं।
फार्मासिस्ट सोनू गोयल भी मरीजों से अभद्रता करता है। एमओआईसी डॉ. नंदन सिंह ने इनकी रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को सौंप दी। देर रात सीएमओ ने इस पर कार्रवाई करते हुए प्रभारी डॉ. सुप्रिया जैन और फार्मासिस्ट को भी हटा दिया है।