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नसबंदी के बाद भी महिला ने दिया बच्चे को जन्म
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
Updated Sun, 06 May 2018 03:20 PM IST
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डेमो फोटो
यूपी के कासगंज जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां नसबंदी के बाद भी एक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया।मामले में पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के गांव मिजखुरानी निवासी सुरेश चंद्र के पांच पुत्री और दो पुत्र हैं। इसके बाद उसने परिवार नियोजन अपनाने का निर्णय लिया। उसने अपनी पत्नी बेबी की 22 नबंबर 2016 को रजमऊ स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी करा दी।
नसबंदी के बाद भी उसकी पत्नी में गर्भवती हो गई। पत्नी के गर्भवती होने पर उसने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मामले की शिकायत की। जिस पर चिकित्सक ने उसे सहायता दिलाने का भरोसा दिया, लेकिन कोई अनुदान नहीं मिला।
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सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के गांव मिजखुरानी निवासी सुरेश चंद्र के पांच पुत्री और दो पुत्र हैं। इसके बाद उसने परिवार नियोजन अपनाने का निर्णय लिया। उसने अपनी पत्नी बेबी की 22 नबंबर 2016 को रजमऊ स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी करा दी।
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नसबंदी के बाद भी उसकी पत्नी में गर्भवती हो गई। पत्नी के गर्भवती होने पर उसने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मामले की शिकायत की। जिस पर चिकित्सक ने उसे सहायता दिलाने का भरोसा दिया, लेकिन कोई अनुदान नहीं मिला।
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महिला ने दिया बच्ची को जन्म
उसने 12 जुलाई 2017 को डीएम से मामले की शिकायत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद 12 सितंबर 2017 को तहसील दिवस में भी अपनी शिकायत की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
महिला ने 9 अक्तूबर 2017 को रजमऊ स्वास्थ्य केंद्र पर एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के जन्म के बाद भी उसे अनुदान नहीं मिला तो उसने चार मार्च 2018 को विधायक एवं सीएमओ को मामले की शिकायत की।
पीड़ित महिला के पति ने 21 मार्च को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी अपनी शिकायत भेजी, लेकिन आज तक उसकी सुनवाई नहीं की गई वहीं स्वास्थ्य विभाग समयसीमा का हवाला दे रहा है।
महिला ने 9 अक्तूबर 2017 को रजमऊ स्वास्थ्य केंद्र पर एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के जन्म के बाद भी उसे अनुदान नहीं मिला तो उसने चार मार्च 2018 को विधायक एवं सीएमओ को मामले की शिकायत की।
पीड़ित महिला के पति ने 21 मार्च को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी अपनी शिकायत भेजी, लेकिन आज तक उसकी सुनवाई नहीं की गई वहीं स्वास्थ्य विभाग समयसीमा का हवाला दे रहा है।
90 दिन के अंदर भरना होता है फार्म
सीएमओ डॉ. रंगजी दुबे के अनुसार फार्म पर स्पष्ट होता है कि नसबंदी फेल हो सकती है। यदि इस तरह का कोई मामला होता है तो नसबंदी कराने के 90 दिन के अंदर फार्म भरकर जमा करना होता है।
इसके बाद 30 हजार रुपये का मुआवजा मिलता है। इस अवधि के बाद शिकायत दर्ज कराने पर किसी भी प्रकार के मुआवजे का प्रावधान नहीं है।
इसके बाद 30 हजार रुपये का मुआवजा मिलता है। इस अवधि के बाद शिकायत दर्ज कराने पर किसी भी प्रकार के मुआवजे का प्रावधान नहीं है।