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UP: छत से कपड़े उतारने गई थी महिला...वहां मौत कर रही थी इंतजार, तीसरी मंजिल से चीख भी न सुनाई दी
Thu, 22 Jan 2026 01:18 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 22 Jan 2026 01:18 PM IST
सार
वेस्ट अर्जुन नगर में बंदरों के आतंक ने एक और जान ले ली। विरमा देवी नाम की महिला छत पर गई थीं, तभी अचानक बंदरों ने उन पर झपट्टा मार दिया। घबराहट में महिला संतुलन खो बैठीं और तीसरी मंजिल से नीचे गिर गईं।
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तीसरी मंजिल पर आई मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के थाना शाहगंज के वेस्ट अर्जुन नगर में बुधवार दोपहर 2:30 बजे मकान की दूसरी मंजिल की छत पर कपड़े लेने गईं 63 वर्षीय विरमा देवी पर बंदरों के झुंड ने झपट्टा मारा। धक्का लगने से वह पड़ोसी के घर में जा गिरीं। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। घटना से मृतका के परिजन और क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन बंदरों को नहीं पकड़वाया गया।
वेस्ट अर्जुन नगर निवासी चरन सिंह मजदूरी करते हैं। बड़ा बेटा मनोज बस्ती जिले में चेन कारीगर है। वहीं छोटा बेटा रवि भी अपना काम करता है। विरमा देवी घर की दूसरी मंजिल की छत पर कपड़े उतारने गई थीं। भतीजे ब्रजेश कुमार ने बताया कि छत पर बंदरों का झुंड बैठा था। अचानक बंदरों ने झपट्टा मार दिया। उन्होंने बचने का प्रयास किया मगर कुछ बंदर उनके ऊपर कूद गए। धक्का लगने से वह पड़ोसी सोनू भदाैरिया के घर के आंगन में जा गिरीं। शोर सुनकर परिजन पहुंचे और घायल विरमा देवी को अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिजन ने बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया।
बंदर पकड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
काॅलोनी के लोगों का कहना है कि बंदरों के झपट्टा मारने की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। विरमा देवी से पहले क्षेत्र में ही एक बच्ची को बंदर ने काट लिया था। उसका इलाज कराया गया। इससे अलावा भी बंदरों के काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस संबंध में नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। टीम बंदरों को पकड़ने के लिए नहीं आती है। बंदर पकड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
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जहां भी शिकायत मिलती है, वहां बंदरों को पकड़ने के लिए टीम जाती है। जिस जगह घटना हुई है, वहां भी टीम को भेजा जाएगा। -डाॅ. अजय कुमार सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम
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वेस्ट अर्जुन नगर निवासी चरन सिंह मजदूरी करते हैं। बड़ा बेटा मनोज बस्ती जिले में चेन कारीगर है। वहीं छोटा बेटा रवि भी अपना काम करता है। विरमा देवी घर की दूसरी मंजिल की छत पर कपड़े उतारने गई थीं। भतीजे ब्रजेश कुमार ने बताया कि छत पर बंदरों का झुंड बैठा था। अचानक बंदरों ने झपट्टा मार दिया। उन्होंने बचने का प्रयास किया मगर कुछ बंदर उनके ऊपर कूद गए। धक्का लगने से वह पड़ोसी सोनू भदाैरिया के घर के आंगन में जा गिरीं। शोर सुनकर परिजन पहुंचे और घायल विरमा देवी को अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिजन ने बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया।
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बंदर पकड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
काॅलोनी के लोगों का कहना है कि बंदरों के झपट्टा मारने की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। विरमा देवी से पहले क्षेत्र में ही एक बच्ची को बंदर ने काट लिया था। उसका इलाज कराया गया। इससे अलावा भी बंदरों के काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस संबंध में नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। टीम बंदरों को पकड़ने के लिए नहीं आती है। बंदर पकड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
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जहां भी शिकायत मिलती है, वहां बंदरों को पकड़ने के लिए टीम जाती है। जिस जगह घटना हुई है, वहां भी टीम को भेजा जाएगा। -डाॅ. अजय कुमार सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम