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आठ दिन तक भूखी रही मीलेश ने पति के इंतजार में दी जान
ब्यूरो/ अमर उजाला बाह (आगरा)
Updated Thu, 11 May 2017 02:30 PM IST
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मीलेश
- फोटो : अमर उजाला
शादी के बीस साल बाद भी वह हर दिन अपने पति को खाना खिलाने के बाद ही भोजन करती थी। पति से अनबन, विवाद के बाद भी इस नियम को उसने कभी नहीं तोड़ा। घर नहीं आ रहे पति के इंतजार में वह आठ दिनों से खाना नहीं खा रही थी। अंतत: धैर्य चुका और मंगलवार रात महिला ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। ऐसा कहना है, महिला के मायके वालों का।
मैनपुरी के गोकुलपुर की मीलेश की शादी 20 साल पहले बिजकौली बाह के अरविंद से हुई थी। शादी के बाद मीलेश ने चार पुत्रियों शोभा, आरती, कीर्ति, प्राची और पुत्र राहुल को जन्म दिया। पुत्री शोभा और आरती की शादी भी कर दी। 45 साल की उम्र के बावजूद मीलेश हर दिन पति को खिलाने के बाद ही भोजन करती थी।
मीलेश की मां जगरानी ने बताया कि पति के परेशान करने के बाद भी उसने अपना यह नियम नहीं छोड़ा। कई बार तीन चार दिन तक उसने बगैर खाना खाए बिताए। उन्होंने बताया कि पति अरविंद बाह के डाकघर में चौकीदार की नौकरी करते हैं। आठ दिन से वह घर नहीं गए थे। पति के इंतजार में मीलेश ने खाना नहीं खाया। मंगलवार रात को उसके सब्र का बांध टूट गया।
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उन्होंने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घर पर मौजूद राहुल की आंखें खुलीं तो मां का शव देख उसने चीख पुकार मचाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। ग्रामीणों का भी कहना है कि पति-पत्नी में अनबन के बाद अरविंद अपने घर नहीं आता था और खाना अपनी मां के यहां खाता था।
पति अरविंद कुमार का कहना है कि नाइट ड्यूटी के चलते वह दिन में ही घर जाते थे। पत्नी उन्हें खाना खिलाने के बाद ही खाना खाती थी। यह उनका नियम था। वह आठ दिन से खाना नहीं खा रही थी, इसकी जानकारी नहीं थी। उनके साथ कोई अनबन भी नहीं थी।
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मैनपुरी के गोकुलपुर की मीलेश की शादी 20 साल पहले बिजकौली बाह के अरविंद से हुई थी। शादी के बाद मीलेश ने चार पुत्रियों शोभा, आरती, कीर्ति, प्राची और पुत्र राहुल को जन्म दिया। पुत्री शोभा और आरती की शादी भी कर दी। 45 साल की उम्र के बावजूद मीलेश हर दिन पति को खिलाने के बाद ही भोजन करती थी।
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मीलेश की मां जगरानी ने बताया कि पति के परेशान करने के बाद भी उसने अपना यह नियम नहीं छोड़ा। कई बार तीन चार दिन तक उसने बगैर खाना खाए बिताए। उन्होंने बताया कि पति अरविंद बाह के डाकघर में चौकीदार की नौकरी करते हैं। आठ दिन से वह घर नहीं गए थे। पति के इंतजार में मीलेश ने खाना नहीं खाया। मंगलवार रात को उसके सब्र का बांध टूट गया।
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उन्होंने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घर पर मौजूद राहुल की आंखें खुलीं तो मां का शव देख उसने चीख पुकार मचाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। ग्रामीणों का भी कहना है कि पति-पत्नी में अनबन के बाद अरविंद अपने घर नहीं आता था और खाना अपनी मां के यहां खाता था।
पति अरविंद कुमार का कहना है कि नाइट ड्यूटी के चलते वह दिन में ही घर जाते थे। पत्नी उन्हें खाना खिलाने के बाद ही खाना खाती थी। यह उनका नियम था। वह आठ दिन से खाना नहीं खा रही थी, इसकी जानकारी नहीं थी। उनके साथ कोई अनबन भी नहीं थी।