फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Without postmortem police do funeral of anidentified dead body

पोस्टमार्टम न शिनाख्त, लावारिस बताकर पुलिस ने फूंक दी लाश

Sun, 14 May 2017 02:54 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा Updated Sun, 14 May 2017 02:54 PM IST
विज्ञापन
Without postmortem police do funeral of anidentified dead body
शव
आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली फिर सवालों के घेरे में है। इस बार कटघरे में थाना हरीपर्वत पुलिस है, जिसने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के दौरे के दिन सात मई को एक व्यक्ति के शव की शिनाख्त और पोस्टमार्टम कराए बिना ही उसका अज्ञात में गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार कर दिया। 
विज्ञापन


इस सनसनीखेज मामले का खुलासा छह दिन बाद क्षेत्र बजाजा कमेटी के पदाधिकारियों ने किया है। खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सवाल उठ रहा है कि पुलिस ने यह अमानवीय कृत्य किसी गुनाह को छुपाने के लिए किया या लापरवाही में?
विज्ञापन


बता दें कि एमजी रोड पर आगरा कालेज के सामने स्थित क्षेत्र बजाजा कमेटी का मुख्य कार्यालय है। कमेटी के एक पदाधिकारी के मुताबिक, छह मई की रात तकरीबन 12 बजे एक गाड़ी में थाना हरीपर्वत के दरोगा कर्ण सिंह और अन्य पुलिसकर्मी कार्यालय आए। नाइट ड्यूटी पर तैनात मैनेजर से शव वाहन की मांग की। उन्होंने कहा कि एक शव मानसिक आरोग्यशाला के गेट पर पड़ा था और ताजगंज विद्युत शवदाह गृह में उसका अंतिम संस्कार करवाना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मैनेजर ने रात में वाहन देने से इनकार कर दिया। यह भी बताया कि रात में श्मशान घाट पर अंत्येष्टि नहीं होती है।  पुलिस कर्मियों ने मैनेजर पर दबाव बनाया। प्रबंधक से बात कराई। पुलिस ने शव के साथ परिवारीजनों के होने की बात कही। कहा कि परिवार गरीब है। उनके पास रुपये नहीं है। इस पर प्रबंधक राजी हो गए। 

हालांकि दरोगा कर्ण सिंह से एक पत्र भी लिखवा लिया, जिसमें उन्होंने मृतक का नाम खूबीराम पुत्र चरनलाल बताया। उसके भाई का नाम गेंदालाल हाल निवासी तोता का ताल लिखकर दिया। इस पर कर्मचारी ज्ञानवेंद्र सिंह ने वाहन उपलब्ध करा दिया। पुलिस वाहन को हरीपर्वत थाने के पास ले गई। यहां से वाहन में रखवाकर दो लोगों के साथ शव को श्मशान घाट भिजवा दिया। 

मगर, बजाजा कमेटी के कर्मचारियों ने रात में पुलिस की ओर से बिना सूचना और पोस्टमार्टम के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार किया। इस पर दोनों लोग शव के साथ वापस लौट आए। थाने पर वाहन दो घंटे तक खड़ा रखा। चालक के दबाव पर शव को पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया।

सात मई को सुबह दस बजे पुलिस निजी एंबुलेंस से शव को बिना पोस्टमार्टम के ही निकालकर ले गई। इस बार शव अज्ञात व्यक्ति का बताया। इस पर कमेटी के कर्मचारियों ने पोस्टमार्टम के बिना शव लाने का कारण पूछा। पुलिस के जवाब नहीं देने पर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। 

एक घंटे बाद पुलिसकर्मियों ने थाना एमएम गेट पुलिस की ओर से अज्ञात की रसीद दिखाकर अंतिम संस्कार करवा दिया। दोपहर में श्मशान घाट की रसीद आने पर बजाजा कमेटी के पदाधिकारियों को शक हुआ। उन्होंने पड़ताल की। शव का पोस्टमार्टम नहीं होने की जानकारी मिली। इस पर पदाधिकारियों ने शनिवार को एसएसपी आफिस में शिकायत की।

...लेकिन एसएसपी ने कहा, मामला संज्ञान में नहीं

Without postmortem police do funeral of anidentified dead body
आखिर किस का पुलिस ने अज्ञात बताकर किया अंतिम संस्कार - फोटो : agra
क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष सुनील विकल ने बताया कि शुक्रवार (12 मई) को आयुक्त कार्यालय में उनकी मुुलाकात एसएसपी से हुई थी। उन्होंने बैठक में आए एसएसपी को पूरा मामला बताया। उन्होंने शनिवार को मिलने का समय दिया। इस पर शनिवार को महामंत्री राजकुमार जैन, मंत्री विपिन गुप्ता के साथ कलक्ट्रेट उनके कार्यालय पर गए।

यहां पर एसएसपी नहीं मिले। उनके पीआरओ से फोन पर बात की। पूरा प्रकरण बताया। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। उन्होंने मांग की है कि घटना की कड़ाई से जांच होनी चाहिए। अगर, पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो मामले को शासन स्तर पर उठाया जाएगा। उधर, एसएसपी दिनेश चंद दुबे का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। अगर, ऐसा हुआ है तो मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी। कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed