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आगरा: वायुसेना स्टेशन की चारदीवारी में लगे घातक रेजर तार से अजगर को बचाया, एक घंटे तक चला बचाव अभियान

Sat, 27 Nov 2021 12:06 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sat, 27 Nov 2021 12:06 AM IST
सार

अजगर को बचाने के लिए टीम को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। तेज कंटीले तारों में उलझा अजगर एक घंटे की मेहनत के बाद बचाया जा सका।

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Wildlife SOS Rapid Response Unit Rescued Python From Air Force Station
आगरा: वायुसेना स्टेशन से बचाया अजगर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के अर्जुन नगर स्थित वायुसेना स्टेशन की चारदीवारी पर लगे घातक रेजर वायर में छह फुट लंबा अजगर बुरी तरह से उलझ गया था, जिसे बाद में वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने बचाव किया। सांप को टीम ने सुरक्षित बचा लिया। फिलहाल मेडिकल परीक्षण के लिए देख-रेख में रखा गया है।
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वाइल्डलाइफ एसओएस के हेल्पलाइन नंबर (+91-9917109666) पर आगरा एयरफोर्स स्टेशन से इमरजेंसी कॉल प्राप्त हुई कि स्टेशन की दीवार पर लगी रेजर वायर में एक अजगर बुरी तरह से लिपटा हुआ है। रात में गश्त कर रहे सुरक्षा अधिकारियों ने एयरफोर्स स्टेशन के अर्जुन नगर गेट के समीप बाउंड्री वॉल पर बड़े सांप को रेजर तार में फंसा पाया। वन्यजीव संरक्षण संस्था की दो सदस्यीय टीम पहुंची और अजगर को रेजर वायर से सुरक्षित निकालने में लगभग एक घंटे का समय लगा। अजगर को वर्तमान में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और जल्द ही वापस जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ और सह-संस्थापक, कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि हर साल हम सिंथेटिक गार्डन नेटिंग और ऐसे ही वायर मेश में से कई सांपों को बचाते हैं। सांप, पक्षी और छोटे स्तनधारी जीव अक्सर इनमें फंस जाते हैं और अंततः दम घुटने या सांस ना ले पाने के कारण मर जाते हैं। हमें घटना की सूचना देने के लिए हम वायुसेना के अधिकारियों के आभारी हैं। समय पर सही निर्णय लेने से हम अजगर के जीवन को बचा सके।
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वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी ने कहा कि चूंकि, रेजर वायर में लगी ब्लेड काफी हद तक नुकीली और तेज होती हैं, जिससे तार पर चढ़ना या काटना लगभग असंभव हो जाता है, इसलिए यह रेस्क्यू ऑपरेशन हमारी टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। पिछले कई सालों से, हमारी टीम ने एयरफोर्स स्टेशन और उसके आसपास से संकटग्रस्त वन्यजीवों को सफलतापूर्वक बचाया और स्थानांतरित किया है।


लगभग उसी समय, वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने आगरा के कालिंदी विहार में एक घर से तीन फुट लंबी मॉनिटर लिजार्ड (गोह) को भी बचाया। घर के अंदर एक स्टोर रूम में रखे लकड़ी के प्लाईवुड के बीच गोह दिखाई दी थी। मॉनिटर लिजार्ड को कुछ ही समय बाद सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
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