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आगरा: इलाज के दौरान पत्नी की मौत, पति ने अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप
Tue, 12 May 2020 01:16 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 12 May 2020 01:16 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Flickr
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आगरा के सिकंदरा क्षेत्र निवासी महिला की निजी अस्पताल में मौत हो गई है। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस में भी शिकायत की है। इधर, पति को होम क्वारंटीन कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
केके नगर (सिकंदरा) के रहने वाले युवक की 31 वर्षीय पत्नी को 28 अप्रैल को छाती में दर्द की शिकायत हुई, तो निजी अस्पताल लेकर गए। यहां कोरोना वायरस की जांच कराने के लिए कहा गया। इस पर 29 अप्रैल को जिला अस्पताल में उनका नमूना दिया।
महिला को 30 अप्रैल को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती करा दिया गया। इनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। पति का आरोप है कि पत्नी को इमरजेंसी में इलाज नहीं दिया जा रहा था, जिससे उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
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केके नगर (सिकंदरा) के रहने वाले युवक की 31 वर्षीय पत्नी को 28 अप्रैल को छाती में दर्द की शिकायत हुई, तो निजी अस्पताल लेकर गए। यहां कोरोना वायरस की जांच कराने के लिए कहा गया। इस पर 29 अप्रैल को जिला अस्पताल में उनका नमूना दिया।
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महिला को 30 अप्रैल को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती करा दिया गया। इनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। पति का आरोप है कि पत्नी को इमरजेंसी में इलाज नहीं दिया जा रहा था, जिससे उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
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मृतका का पति होम क्वारंटीन में
इस पर उन्होंने एनएच-2 स्थित निजी अस्पताल में पत्नी को भर्ती कराया। यहां पर रुपये जमा करा लिए। लेकिन यहां भी पत्नी की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। इस पर तत्कालीन सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स से इनका इलाज सरकारी खर्चे पर कराने को कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
रविवार की रात को अस्पताल संचालक ने पत्नी की मौत की जानकारी दी। अब तक इलाज में तीन लाख रुपये खर्च हो गए थे। उन्होंने 112 नंबर पर पुलिस से शिकायत की। बाद में पत्नी के शव को विशेष बैग में पैक कर अंतिम संस्कार कराने के बाद पति को होम क्वारंटीन कर दिया गया।
वो गाड़ी चलाते थे, लॉकडाउन के बाद से घर में ही हैं। तीन बच्चे हैं। उधर, अस्पताल के प्रबंधक का कहना है कि महिला की हालत गंभीर थी। उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
रविवार की रात को अस्पताल संचालक ने पत्नी की मौत की जानकारी दी। अब तक इलाज में तीन लाख रुपये खर्च हो गए थे। उन्होंने 112 नंबर पर पुलिस से शिकायत की। बाद में पत्नी के शव को विशेष बैग में पैक कर अंतिम संस्कार कराने के बाद पति को होम क्वारंटीन कर दिया गया।
वो गाड़ी चलाते थे, लॉकडाउन के बाद से घर में ही हैं। तीन बच्चे हैं। उधर, अस्पताल के प्रबंधक का कहना है कि महिला की हालत गंभीर थी। उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
बेड से गिर कर घायल हो गई थी पत्नी
मृतका के पति ने बताया कि पत्नी के भर्ती होने के बाद उसकी कोई खैर-खबर नहीं मिल रही थी। ऐसे में जैसे-तैसे उन तक फोन पहुंचाया। फोन पर वीडिया कॉल से देखा तो पत्नी दर्द से तड़प रही थी।
उसने बताया था कि यहां कोई देखभाल नहीं हो रही है। एक दिन बेड से गिरकर वो चुटैल भी हो गई हैं। राष्ट्रीय लोकदल के मंडल अध्यक्ष नरेंद्र बघेल ने शासन से मामले की जांच कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
उसने बताया था कि यहां कोई देखभाल नहीं हो रही है। एक दिन बेड से गिरकर वो चुटैल भी हो गई हैं। राष्ट्रीय लोकदल के मंडल अध्यक्ष नरेंद्र बघेल ने शासन से मामले की जांच कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।