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मथुरा: ठाकुर बांकेबिहारी के चरणों में अर्पित फूलों से गुलाल बना रहीं विधवा माताएं, भक्तों में खासी मांग

Sat, 27 Mar 2021 12:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 27 Mar 2021 12:07 AM IST
सार

  • मंदिर के फूलों से विधवा माताओं ने तैयार किया है हर्बल गुलाल 
  • ई-कामर्स साइट के जरिए भी की गई है इस बार गुलाल की बिक्री 

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Widow women making gulal of flowers for holi In Vrindavan
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों पर गुलाल डालते सेवायत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वृंदावन के श्रीबांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी के चरणों में अर्पित फूलों से तैयार गुलाल होली पर कान्हा के भक्तों के माथे पर सजेगा। तीर्थनगरी में विधवा माताओं द्वारा तैयार किए गए इस हर्बल गुलाल को अब तक देशभर में 10 हजार से अधिक परिवार खरीद कर ले जा चुके हैं।

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वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी के दर्शन को आने वाले करोड़ों भक्त उन्हें फूलमालाएं अर्पित करते हैं। किसी की माला बिहारी जी के गले का हार बनती है तो किसी की माला चरणों में अर्पित होती है। इन्हीं फूलों से वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महिला आश्रय सदन में ब्रजगंधा प्रसाद समिति के सहयोग से पिछले तीन वर्षों से विधवा माताएं हर्बल गुलाल बना रही हैं। 
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ठाकुरजी पर चढ़ाए गए फूलों से और विधवा माताओं द्वारा तैयार करने की वजह से इस हर्बल गुलाल के प्रति लोगों का लगाव और मांग बढ़ रही है। इस गुलाल को ई-कॉमर्स साइट के जरिये देशभर में बेचा जा रहा है। अब तक 10 हजार से अधिक पैकेट देश के विभिन्न राज्यों में कान्हा के भक्त खरीद चुके हैं।

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मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों से बनाया जाता है गुलाल 
जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी ने बताया कि मंदिरों में आने वाले फूलों का सद्पयोग करने के लिए फूलों से गुलाल बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसमें वृद्ध माताओं को कम मेहनत कर आजीविका के अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराने की सोच के साथ इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया। 

हालांकि सरकार की ओर से तो यहां रह रही निराश्रित माताओं को पेंशन मिलती ही है लेकिन अगरबत्ती और गुलाल बनाने के एवज में भी इन महिलाओं को इनके काम के समय के मुताबिक पारिश्रमिक दिया जाता है।

ब्रजगंधा प्रसाद समिति के प्रोडक्ट कोऑर्डिनेटर विक्रम शिवपुरी ने बताया कि हर्बल गुलाल हानिकारक नहीं है। इसमें किसी भी प्रकार का रसायन उपयोग नहीं किया गया। भक्तों की आस्था भी इस गुलाल से जुड़ी हुई है। 50 ग्राम गुलाल का पैकेट 50 रुपये और 100 रुपये का गुलाल सौ ग्राम पैकेट का है।
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