{"_id":"677acac546d3506ec80d1463","slug":"what-kind-of-faith-is-this-devotees-leave-filth-on-the-ghats-of-ganga-kasganj-news-c-175-1-kas1002-126050-2025-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: यहां घाट का ऐसा हाल, जिम्मेदार भी नहीं दे रहे ध्यान, श्रद्धालु कैसे करेंगे गंगा स्नान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: यहां घाट का ऐसा हाल, जिम्मेदार भी नहीं दे रहे ध्यान, श्रद्धालु कैसे करेंगे गंगा स्नान
Mon, 06 Jan 2025 01:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Mon, 06 Jan 2025 01:59 PM IST
सार
एक ओर महाकुंभ को लेकर प्रदेश का पूरा सरकारी अमला व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है, वहीं कासगंज के गंगा घाट पर अव्यवस्थाओं का अंबार है। जिम्मेदार विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके चलते गंगा स्नान को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : adobestock
विस्तार
गंजडुंडवारा में सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए कादरगंज गंगा घाट आते हैं। स्नान के दौरान गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर पुण्य कमाया। इसके बाद श्रद्धालु अपने साथ लाने वाली पॉलीथिन एवं खंडित प्रतिमाएं घाट पर ही छोड़ देते हैं। कादरगंज गंगा घाट पर जिम्मेदारों की अनदेखी से इन दिनों गंदगी के ढेर लगे हैं।
घाट पर हर ओर गंदगी
पिछले सप्ताह सोमवती अमावस्या का स्नान हुआ था। वैसे भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन स्नान के लिए घाट पर आते जाते रहते हैं। स्नान के बाद पूजा अर्चना निष्प्रयोजन में जो सामग्री बचती है, उसे वह घाट पर ही छोड़ देते हैं। इसके अलावा प्रतिदिन घाट पर 15-20 शवों का दाह संस्कार इसी जगह किया जाता है। इससे घाट पर चौतरफा गंदगी ही गंदगी है।
रोज नहीं होती सफाई
श्रद्धालु निष्प्रयोजन सामग्री में कैलेंडर, मूर्ति, अगरबत्ती, धूपबत्ती तमाम पूजा पाठ की सामग्री छोड़ देते हैं। वहीं शव के दाह संस्कार के बाद ईंधन, राख, कपड़े, शव को लाने वाले बांस, रस्सी, डिब्बा, बोतल आदि सामग्री को घाट पर ही छोड़ दिया जाता है। घाट पर नियमित सफाई नहीं होने से यहां जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। लोगों का आरोप है कि घाट पर कोई सफाई कर्मचारी सफाई को नहीं आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घाट पर हर ओर गंदगी
पिछले सप्ताह सोमवती अमावस्या का स्नान हुआ था। वैसे भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन स्नान के लिए घाट पर आते जाते रहते हैं। स्नान के बाद पूजा अर्चना निष्प्रयोजन में जो सामग्री बचती है, उसे वह घाट पर ही छोड़ देते हैं। इसके अलावा प्रतिदिन घाट पर 15-20 शवों का दाह संस्कार इसी जगह किया जाता है। इससे घाट पर चौतरफा गंदगी ही गंदगी है।
विज्ञापन
रोज नहीं होती सफाई
श्रद्धालु निष्प्रयोजन सामग्री में कैलेंडर, मूर्ति, अगरबत्ती, धूपबत्ती तमाम पूजा पाठ की सामग्री छोड़ देते हैं। वहीं शव के दाह संस्कार के बाद ईंधन, राख, कपड़े, शव को लाने वाले बांस, रस्सी, डिब्बा, बोतल आदि सामग्री को घाट पर ही छोड़ दिया जाता है। घाट पर नियमित सफाई नहीं होने से यहां जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। लोगों का आरोप है कि घाट पर कोई सफाई कर्मचारी सफाई को नहीं आता है।
विज्ञापन