आगरा में बंगाल एनसीबी की कार्रवाई: जयपुर हाउस से ट्रांसपोर्टर को किया गिरफ्तार, पढ़ें क्या है मामला
पश्चिम बंगाल एनसीबी टीम ने शहर के पॉश एरिया से ट्रांसपोर्टर को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के मामले में गैर जमानती वारंट जारी हुए थे।
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पश्चिम बंगाल में दो साल पहले ट्रक से प्रतिबंधित कफ सीरप की 24 हजार बोतलें पकड़ी गईं थीं। इस मामले में बृहस्पतिवार को वांछित आगरा के जयपुर हाउस निवासी ट्रांसपोर्टर दमनदीप सिंह को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद टीम उसे अपने साथ ले गई।
थाना लोहामंडी के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में दो साल पहले एक ट्रक पकड़ा गया था। इसमें प्रतिबंधित कफ सीरप की 24 हजार बोतलें बरामद हुईं थीं। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर चालक को जेल भेजा था। ट्रक जयपुर हाउस निवासी दमनदीप सिंह के नाम पर था। वह ट्रांसपोर्टर हैं। मुकदमे में दमनदीप को भी नामजद किया गया। दमनदीप के हाजिर नहीं होने पर कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुए थे।
दो साल पुराने केस में था वांछित
बुधवार को लखनऊ एनसीबी के निरीक्षक वारंट तामील कराने के लिए आगरा आए थे। उन्होंने बताया कि दमनदीप दो साल पुराने केस में वांछित है। इसके लिए स्थानीय पुलिस की मदद मांगी। पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो वह मिल गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी आ चुकी है एनसीबी
- मार्च 2022 में मथुरा में एक फर्म से नारकोटिक्स की दवाएं पकड़ी गई थीं। यह दवाएं आगरा के 40 मेडिकल स्टोर से खरीदी गई थीं। बीते दिनों एनसीबी की टीम आई थी। टीम ने फव्वारा पर छापामारी की थी। दुकानदारों को नोटिस दिए थे। इसकी अभी जांच चल रही है। बिल खंगाले जा रहे हैं।
- वर्ष 2018 में एनसीबी की टीम ने दो गोदाम पकड़े थे। इसमें नारकोटिक्स की दवाएं पकड़ी गई थीं। मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें कार्रवाई चल रही है।