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दिन में तेज धूप और रात में ठंड: बदलता मौसम दे रहा ये बीमारियां, चिकित्सकों ने दी खास सलाह
Wed, 25 Mar 2026 11:31 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:31 AM IST
सार
मौसम में अचानक बदलाव के कारण खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने, पर्याप्त पानी पीने और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है।
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एसएन ओपीडी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बारिश के बाद बीते कुछ दिनों से मौसम में आए बदलाव के कारण लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। दिन में धूप और रात में ठंड की वजह से खांसी, जुकाम, बुखार, शरीर में दर्द के मरीज बढ़े हैं। मंगलवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 2,679 मरीजों का उपचार किया गया। डॉक्टर बदलते मौसम में एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। एसी और कूलर में रहने के बाद अचानक गर्मी में निकलने से हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याएं हो रही हैं। इसके साथ ही बीपी के मरीज भी बढ़े हैं। उन्होंने सलाह दी कि पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें, बासी भोजन से बचें और भारी भोजन से परहेज करें, ताकि इस बदलते मौसम में स्वस्थ रहा जा सके।
रेस्पिरेटरी विभाग में खांसी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया और एलर्जी से संबंधित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि बदलते मौसम के कारण श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, उन्होंने कहा कि मास्क लगाकर बाहर निकलें और अस्थमा के मरीज इन्हेलर का अवश्य इस्तेमाल करें।
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त्वचा रोगियों की भी संख्या बढ़ी
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण त्वचा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन औसतन 250 मरीज आ रहे हैं। अर्टिकेरिया (त्वचा पर चकत्ते) और सोरायसिस जैसी समस्या के मरीजों की संख्या ज्यादा है। कई लोगों के चेहरे और त्वचा पर दाग-धब्बे और खुजली की शिकायत बढ़ी है। उन्होंने सलाह दी कि त्वचा में नमी बनाए रखें। पसीना आने पर तुरंत साफ करें। नियमित रूप से मॉइश्चराइजर का उपयोग करें। समस्या ज्यादा हो तो चिकित्सक की सलाह से ही उपचार करें।
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मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। एसी और कूलर में रहने के बाद अचानक गर्मी में निकलने से हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याएं हो रही हैं। इसके साथ ही बीपी के मरीज भी बढ़े हैं। उन्होंने सलाह दी कि पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें, बासी भोजन से बचें और भारी भोजन से परहेज करें, ताकि इस बदलते मौसम में स्वस्थ रहा जा सके।
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रेस्पिरेटरी विभाग में खांसी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया और एलर्जी से संबंधित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि बदलते मौसम के कारण श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, उन्होंने कहा कि मास्क लगाकर बाहर निकलें और अस्थमा के मरीज इन्हेलर का अवश्य इस्तेमाल करें।
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त्वचा रोगियों की भी संख्या बढ़ी
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण त्वचा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन औसतन 250 मरीज आ रहे हैं। अर्टिकेरिया (त्वचा पर चकत्ते) और सोरायसिस जैसी समस्या के मरीजों की संख्या ज्यादा है। कई लोगों के चेहरे और त्वचा पर दाग-धब्बे और खुजली की शिकायत बढ़ी है। उन्होंने सलाह दी कि त्वचा में नमी बनाए रखें। पसीना आने पर तुरंत साफ करें। नियमित रूप से मॉइश्चराइजर का उपयोग करें। समस्या ज्यादा हो तो चिकित्सक की सलाह से ही उपचार करें।