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Agra News: नहीं थम रहीं गंगा की लहरें, खादर क्षेत्र में कटान जारी
Sun, 01 Sep 2024 10:56 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 01 Sep 2024 10:56 PM IST
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कासगंज। पिछले छह दिनों से पटियाली तहसील क्षेत्र के नगला खंदारी व नेथरा के बांध पर निरंतर कटान जारी है। शनिवार को गंगा की लहरें, कुछ शांत हुई। रविवार को गंगा की लहरों से फिर से तीव्रता से कटान किया। नेथरा के कई किसानों के खेत गंगा में कटकर समाने लगे। सिंचाई विभाग बांध की मरम्मत और खेतों का कटान रोकने की कवायद में जुटा रहा। दोपहर बाद हुई बारिश ने कटान रोधी कार्य को रोक दिया और मिट्टी डालने के किए गए कार्यों को भी प्रभावित किया। तेज बारिश को देखकर किसान गंगा में फिर से उफान की आशंका को लेकर चिंतित हैं।
छह दिन पूर्व से नगला खंदारी और नेथरा के दो बांधों बढ़े हिस्से कट गए। सिंचाई विभाग का मुख्य बांध करीब 300 मीटर से अधिक कट गया। बांध कटने के बाद से ही सिंचाई विभाग लगातार कटे हुए बांध को बनाने और मरम्मत करने के काम में जुटा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली पा रही है। जो भी कटानरोधी कार्य सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे हैं, उन पर भी गंगा की तीव्र लहरों का प्रभाव है। इससे बार बार कटानरोधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
नगला खंदारी व नेथरा के दो बांधों पर मरम्मत का कार्य दिन रात चल रहा है। रविवार को हुई तेज बारिश ने इन कार्यों को बाधित कर दिया। बारिश थमने के बाद सिंचाई विभाग ने श्रमिकों को लगाकर कार्य शुरु कराया। बारिश में डाली गई मिट्टी दल-दली हो गई, इससे कार्य प्रभावित हुआ। नगला खंदारी के मुख्य बांध और गाइड बांध दोनों पर ही अलग अलग सिंचाई विभाग की टीमें कार्य कर रही हैंं।
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रविवार को गंगा की धारा तीव्रता से खादर के खेतों की ओर प्रहार करती नजर आई। इससे नेथरा के कई ग्रामों के खेतों में कई मीटर तक कटान हो गया। किसानों ने इन खेतों में धान की रोपाई की थी। खेतों के कटने से किसान परेशान हैं और उनकी निगाहें प्रशासन के कटान रोधी कार्य पर लगी है। छह दिनों में कटान अभी नहीं रुक पाया है।
रविवार को पटियाली इलाके में तेज बारिश हुई। इससे कटानरोधी कार्य का सिलसिला थम गया। बारिश की स्थिति को देखते हुए किसानों को आशंका है कि कहीं गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ जाए। पिछले कई दिनों से लगातार गंगा का जलस्तर कम होने और स्थिर होने से सिंचाई विभाग ने कटानरोधी कार्यों को आगे बढ़ाया था। यदि गंगा का जलस्तर बढ़ा तो अब किए गए कटानरोधी कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।
पांच सेमी गिरा जलस्तर
गंगा के जलस्तर में रविवार को पांच सेंटीमीटर की और कमी आई। जिले में अब साधारण बाढ़ के हालात हैं। वहीं बैरोजों से डिस्चार्ज में आंशिक कमी आई है। इससे आज सोमवार को भी जलस्तर में कुछ कमी आने की संभावना है। कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर शनिवार को 163.05 सेमी पर था, जो घटकर अब 163.00 सेमी पर पहुंच गया है।
बैरोजों से छोड़ा पानी
हरिद्वार - 66325 क्यूसेक
बिजनौर - 39321 क्यूसेक
नरौरा - 38740 क्यूसेक
कछला ब्रिज - 163.00 मीटर के निशान पर
गंगा के जलस्तर में कमी आई है, लेकिन अभी कटान हो रहा है। नेथरा के कई किसानों के धान के खेतों में कटान हुआ है। रविवार को बारिश होने के कारण कटानरोधी कार्य प्रभावित हुए। बारिश थमने के बाद कटानरोधी कार्य फिर से शुरु दिए गए हैं। - खूब सिंह, अभियंता सिंचाई विभाग कासगंज।
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छह दिन पूर्व से नगला खंदारी और नेथरा के दो बांधों बढ़े हिस्से कट गए। सिंचाई विभाग का मुख्य बांध करीब 300 मीटर से अधिक कट गया। बांध कटने के बाद से ही सिंचाई विभाग लगातार कटे हुए बांध को बनाने और मरम्मत करने के काम में जुटा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली पा रही है। जो भी कटानरोधी कार्य सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे हैं, उन पर भी गंगा की तीव्र लहरों का प्रभाव है। इससे बार बार कटानरोधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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नगला खंदारी व नेथरा के दो बांधों पर मरम्मत का कार्य दिन रात चल रहा है। रविवार को हुई तेज बारिश ने इन कार्यों को बाधित कर दिया। बारिश थमने के बाद सिंचाई विभाग ने श्रमिकों को लगाकर कार्य शुरु कराया। बारिश में डाली गई मिट्टी दल-दली हो गई, इससे कार्य प्रभावित हुआ। नगला खंदारी के मुख्य बांध और गाइड बांध दोनों पर ही अलग अलग सिंचाई विभाग की टीमें कार्य कर रही हैंं।
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रविवार को गंगा की धारा तीव्रता से खादर के खेतों की ओर प्रहार करती नजर आई। इससे नेथरा के कई ग्रामों के खेतों में कई मीटर तक कटान हो गया। किसानों ने इन खेतों में धान की रोपाई की थी। खेतों के कटने से किसान परेशान हैं और उनकी निगाहें प्रशासन के कटान रोधी कार्य पर लगी है। छह दिनों में कटान अभी नहीं रुक पाया है।
रविवार को पटियाली इलाके में तेज बारिश हुई। इससे कटानरोधी कार्य का सिलसिला थम गया। बारिश की स्थिति को देखते हुए किसानों को आशंका है कि कहीं गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ जाए। पिछले कई दिनों से लगातार गंगा का जलस्तर कम होने और स्थिर होने से सिंचाई विभाग ने कटानरोधी कार्यों को आगे बढ़ाया था। यदि गंगा का जलस्तर बढ़ा तो अब किए गए कटानरोधी कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।
पांच सेमी गिरा जलस्तर
गंगा के जलस्तर में रविवार को पांच सेंटीमीटर की और कमी आई। जिले में अब साधारण बाढ़ के हालात हैं। वहीं बैरोजों से डिस्चार्ज में आंशिक कमी आई है। इससे आज सोमवार को भी जलस्तर में कुछ कमी आने की संभावना है। कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर शनिवार को 163.05 सेमी पर था, जो घटकर अब 163.00 सेमी पर पहुंच गया है।
बैरोजों से छोड़ा पानी
हरिद्वार - 66325 क्यूसेक
बिजनौर - 39321 क्यूसेक
नरौरा - 38740 क्यूसेक
कछला ब्रिज - 163.00 मीटर के निशान पर
गंगा के जलस्तर में कमी आई है, लेकिन अभी कटान हो रहा है। नेथरा के कई किसानों के धान के खेतों में कटान हुआ है। रविवार को बारिश होने के कारण कटानरोधी कार्य प्रभावित हुए। बारिश थमने के बाद कटानरोधी कार्य फिर से शुरु दिए गए हैं। - खूब सिंह, अभियंता सिंचाई विभाग कासगंज।