{"_id":"5b4c974a4f1c1b41748b50d8","slug":"water-logging-in-government-primary-school-of-etah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ऐसी है सरकारी स्कूल की तस्वीर, कैसे बदलेगी बच्चों की तकदीर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐसी है सरकारी स्कूल की तस्वीर, कैसे बदलेगी बच्चों की तकदीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला एटा
Updated Tue, 17 Jul 2018 04:01 AM IST
विज्ञापन
स्कूल परिसर में कीचड़
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ओर सरकार स्कूल चलो अभियान चलाकर बच्चों को स्कूल लाने के लिए प्रेरित कर रही है। वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों की बदहाली देख बच्चे स्कूल से दूर भाग रहे हैं।
एटा शहर से सटी ग्राम पंचायत भगीपुर का सरकारी प्राथमिक विद्यालय बारिश के कारण तालाब बन चुका है। यहां गंदगी और दलदल से पढ़ाई ठप हो गई है। बच्चों ने स्कूल आना बंद कर दिया है।
प्राथमिक विद्यालय में बीते कुछ दिनों से जलभराव और दलदल का आलम लोगों की दिक्कत बढ़ा रहा है। बताया जाता है कि पास के तालाब का पानी ओवरफ्लो होने से विद्यालय में जलभराव बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एटा शहर से सटी ग्राम पंचायत भगीपुर का सरकारी प्राथमिक विद्यालय बारिश के कारण तालाब बन चुका है। यहां गंदगी और दलदल से पढ़ाई ठप हो गई है। बच्चों ने स्कूल आना बंद कर दिया है।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय में बीते कुछ दिनों से जलभराव और दलदल का आलम लोगों की दिक्कत बढ़ा रहा है। बताया जाता है कि पास के तालाब का पानी ओवरफ्लो होने से विद्यालय में जलभराव बढ़ रहा है।
विज्ञापन
स्कूल परिसर में कीचड़
आलम यह है कि विद्यालय के मैदान में कीचड़ और दलदल होने से पठन-पाठन बंद हो गया है। साथ ही परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ी विद्यालय की सुंदरता को बट्टा लगा रही है।
ऐसे में अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में छह आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। यहां भी जलभराव के चलते बच्चों ने आना बंद कर दिया है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग की अनदेखी को लेकर लोगों में आक्रोश है। उधर, विद्यालय को जाने वाले रास्ते में भी अतिक्रमण का राज है। रास्ते के बीच में सरिया डाल दी गई हैं। जिससे बच्चों के साथ हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
ऐसे में अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में छह आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। यहां भी जलभराव के चलते बच्चों ने आना बंद कर दिया है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग की अनदेखी को लेकर लोगों में आक्रोश है। उधर, विद्यालय को जाने वाले रास्ते में भी अतिक्रमण का राज है। रास्ते के बीच में सरिया डाल दी गई हैं। जिससे बच्चों के साथ हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
प्रधान पर गोलमाल करने का आरोप
शिक्षिका कई बार प्रधान से सरिया हटवाने की बात कह चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं है। लोगों का आरोप है कि प्रधान ने गांव के विकास को आए धन का गोलमाल कर दिया है।
आंगनबाड़ी केंद्र संचालिका रत्नेश कुमार का कहना है कि विद्यालय परिसर में गंदगी को लेकर कई बार विभाग और जनप्रतिनिधियों को अवगत करा चुकी हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
आंगनबाड़ी केंद्र संचालिका रत्नेश कुमार का कहना है कि विद्यालय परिसर में गंदगी को लेकर कई बार विभाग और जनप्रतिनिधियों को अवगत करा चुकी हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।