{"_id":"62dd920265193e0dee19209a","slug":"water-discharged-from-haridwar-kasganj-news-agr541246045","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर बढ़ा हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर बढ़ा हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज
विज्ञापन
कासगंज कछला गंगा का जलस्तर
- फोटो : KASGANJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। गंगा के जलस्तर में लगातार उतारचढ़ाव का क्रम चल रहा है। रविवार को गंगा के जलस्तर में कमी आई थी, लेकिन अब यह जलस्तर फिर बढ़ने की उम्मीद है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी का डिस्चार्ज नरौरा बैराज की ओर बढ़ गया है। नरौरा पर जैसे ही पानी का दबाव बढ़ेगा वैसे ही डिस्चार्ज बढ़ जाएगा। इस बढ़े हुए डिस्चार्ज का प्रभाव जिले की सीमा में हो जाएगा।
हरिद्वार बैराज से 63 हजार क्यूसेक का डिस्चार्ज था। यह डिस्चार्ज 24 घंटे में 4 हजार क्यूसेक बढ़ गया। जबकि बिजनौर बैराज से 22 हजार क्यूसक का डिस्चार्ज बढ़ गया, लेकिन नरौरा बैराज का डिस्चार्ज करीब 9 हजार क्यूसेक घटा। इससे कछला ब्रिज पर जलस्तर 162.80 के निशान पर आ गया। अब हरिद्वार और बिजनौर का डिस्चार्ज बढ़ने से नरौरा पर पानी का दबाव बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में नरौरा से भी पानी का डिस्चार्ज बढ़ जाएगा और फिर से जलस्तर में वृद्धि होगी। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश होने के कारण जलस्तर बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। तटवर्ती इलाके लोग गंगा के जलस्तर में हो रहे उतारचढ़ाव को लेकर कटान की आशंका से परेशान है। मेहोला के बुद्धसेन का कहना है कि सिंचाई विभाग ने बांध की मरम्मत तो करा दी है, लेकिन पानी का प्रवाह तेज है। लगातार जलस्तर घटने बढ़ने से बांध में कटान हो सकता है।
बैराजों से पानी डिस्चार्ज-
- हरिद्वार से डिस्चार्ज - 63283 क्यूसेक।
- बिजनौर से डिस्चार्ज - 42918 क्यूसेक।
- नरौरा से डिस्चार्ज - 21961 क्यूसेक।
- हरिद्वार बैराज से डिस्चार्ज बढ़ा है, लेकिन जिले की सीमा में नरौरा से डिस्चार्ज कम होने पर जलस्तर में कमी आई है। आगामी समय में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार बैराज से 63 हजार क्यूसेक का डिस्चार्ज था। यह डिस्चार्ज 24 घंटे में 4 हजार क्यूसेक बढ़ गया। जबकि बिजनौर बैराज से 22 हजार क्यूसक का डिस्चार्ज बढ़ गया, लेकिन नरौरा बैराज का डिस्चार्ज करीब 9 हजार क्यूसेक घटा। इससे कछला ब्रिज पर जलस्तर 162.80 के निशान पर आ गया। अब हरिद्वार और बिजनौर का डिस्चार्ज बढ़ने से नरौरा पर पानी का दबाव बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में नरौरा से भी पानी का डिस्चार्ज बढ़ जाएगा और फिर से जलस्तर में वृद्धि होगी। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश होने के कारण जलस्तर बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। तटवर्ती इलाके लोग गंगा के जलस्तर में हो रहे उतारचढ़ाव को लेकर कटान की आशंका से परेशान है। मेहोला के बुद्धसेन का कहना है कि सिंचाई विभाग ने बांध की मरम्मत तो करा दी है, लेकिन पानी का प्रवाह तेज है। लगातार जलस्तर घटने बढ़ने से बांध में कटान हो सकता है।
विज्ञापन
बैराजों से पानी डिस्चार्ज-
- हरिद्वार से डिस्चार्ज - 63283 क्यूसेक।
- बिजनौर से डिस्चार्ज - 42918 क्यूसेक।
- नरौरा से डिस्चार्ज - 21961 क्यूसेक।
- हरिद्वार बैराज से डिस्चार्ज बढ़ा है, लेकिन जिले की सीमा में नरौरा से डिस्चार्ज कम होने पर जलस्तर में कमी आई है। आगामी समय में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।
विज्ञापन