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आगरा: 'गंगाजल' के लिए तरस रहे छह लाख लोग, तीन साल में शुरू हो पाएगी जल आपूर्ति
Tue, 28 Jan 2020 04:35 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 28 Jan 2020 04:35 AM IST
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पानी के लिए रोज जूझते हैं लोग
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में हर दिन 250 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति हो रही है, लेकिन छह लाख लोगों तक अभी भी गंगाजल नहीं पहुंच पाया है। सिकंदरा और जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स तक पहुंचे गंगाजल को जिन वितरण व्यवस्था के तहत दिया जा रहा है, उसका फायदा शहर के 12 लाख लोगों तक ही पहुंच रहा है।
करीब छह लाख लोग गंगाजल के इंतजार में हैं। ये सभी पेयजल के लिए खारे और अशुद्धियों से भरे भूगर्भ जल पर निर्भर हैं। शहर में यमुना पार, शाहदरा, अवधपुरी, राजपुर चुंगी, ग्वालियर रोड पर बनी कॉलोनियों में सबमर्सिबल पंप ही पानी का बड़ा जरिया है। टीटीएसपी और सबमर्सिबल पंप से पानी लाने के लिए इन इलाकों के लोगों के बीच मारामारी मच रही है।
1465 करोड़ की शासन को भेजी है पीएफआर
2887 करोड़ रुपये के गंगाजल प्रोजेक्ट में सिकंदरा वॉटर वर्क्स तक पानी पहुंचाने के बाद जल निगम ने पानी की पुरानी पाइप लाइनों को बदलने और गंगाजल की पाइप लाइनों से हर घर को जोड़ने के लिए प्राइमरी फाइनेंशियल रिपोर्ट बनाकर भेजी थी। 1465 करोड़ रुपये की यह योजना शासन को भेजी जा चुकी है, जिसमें दो हिस्सों में यह जोन वाइज स्वीकृत होनी है।
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करीब छह लाख लोग गंगाजल के इंतजार में हैं। ये सभी पेयजल के लिए खारे और अशुद्धियों से भरे भूगर्भ जल पर निर्भर हैं। शहर में यमुना पार, शाहदरा, अवधपुरी, राजपुर चुंगी, ग्वालियर रोड पर बनी कॉलोनियों में सबमर्सिबल पंप ही पानी का बड़ा जरिया है। टीटीएसपी और सबमर्सिबल पंप से पानी लाने के लिए इन इलाकों के लोगों के बीच मारामारी मच रही है।
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1465 करोड़ की शासन को भेजी है पीएफआर
2887 करोड़ रुपये के गंगाजल प्रोजेक्ट में सिकंदरा वॉटर वर्क्स तक पानी पहुंचाने के बाद जल निगम ने पानी की पुरानी पाइप लाइनों को बदलने और गंगाजल की पाइप लाइनों से हर घर को जोड़ने के लिए प्राइमरी फाइनेंशियल रिपोर्ट बनाकर भेजी थी। 1465 करोड़ रुपये की यह योजना शासन को भेजी जा चुकी है, जिसमें दो हिस्सों में यह जोन वाइज स्वीकृत होनी है।
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इनमें 180 करोड़ रुपये की दक्षिण और उत्तर विधानसभा के कुछ हिस्सों में पानी पहुंचाने की योजना स्वीकृत हो चुकी है। बाकी शहर में पाइप लाइन डालने के लिए शासन से मंजूरी का इंतजार है। मेयर नवीन जैन और दक्षिण क्षेत्र विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने दावा किया कि वह प्रदेश सरकार से लगातार पैरवी कर रहे हैं कि हर घर तक गंगाजल पहुंचे, इसलिए लाइनें डाली जाएं।
तीन साल का लग सकता है समय
जल निगम के गंगाजल इकाई से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक शहर में 40 फीसदी हिस्से में पानी की लाइन नहीं है। ऐसे में शासन सेमंजूरी मिलने के बाद कम से कम तीन साल का समय पानी पहुंचाने के नेटवर्क को तैयार करने में लग सकता है। पानी की टंकी का निर्माण, पंपिंग स्टेशन, मेन राइजिंग लाइन, घरों तक पाइप लाइन के कनेक्शन करने में समय लगेगा।
नल से जुड़ेगा शहर का हर एक घर
महापौर नवीन जैन ने बताया कि सिकंदरा के बाद जीवनी मंडी से भी स्वच्छ गंगाजल मिलने लगा है। अब हर घर तक गंगाजल पहुंचाने के लिए प्रयास हो रहा है। जो 35-40 फीसदी घर बाकी हैं, वहां भी नल से गंगाजल मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार से पैरवी कर रहे हैं। कई चरणों में यह काम होना है। यह बड़ा काम है, जिसमें दो से तीन साल का समय लग सकता है, लेकिन शहर के हर घर को सीवर लाइन और पानी की पाइप लाइन से कनेक्ट करना मेरी प्राथमिकता है।
तीन साल का लग सकता है समय
जल निगम के गंगाजल इकाई से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक शहर में 40 फीसदी हिस्से में पानी की लाइन नहीं है। ऐसे में शासन सेमंजूरी मिलने के बाद कम से कम तीन साल का समय पानी पहुंचाने के नेटवर्क को तैयार करने में लग सकता है। पानी की टंकी का निर्माण, पंपिंग स्टेशन, मेन राइजिंग लाइन, घरों तक पाइप लाइन के कनेक्शन करने में समय लगेगा।
नल से जुड़ेगा शहर का हर एक घर
महापौर नवीन जैन ने बताया कि सिकंदरा के बाद जीवनी मंडी से भी स्वच्छ गंगाजल मिलने लगा है। अब हर घर तक गंगाजल पहुंचाने के लिए प्रयास हो रहा है। जो 35-40 फीसदी घर बाकी हैं, वहां भी नल से गंगाजल मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार से पैरवी कर रहे हैं। कई चरणों में यह काम होना है। यह बड़ा काम है, जिसमें दो से तीन साल का समय लग सकता है, लेकिन शहर के हर घर को सीवर लाइन और पानी की पाइप लाइन से कनेक्ट करना मेरी प्राथमिकता है।