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श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण: जानें क्या है विष्णु कंठ, जिसे हाईकोर्ट में साक्ष्य बनाने की है तैयारी
Mon, 19 Jun 2023 08:37 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, मथुरा
अमर उजाला, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 19 Jun 2023 08:37 AM IST
सार
फ्रांसीसी यात्री टेवर्नियर ने अपनी पुस्तक में विष्णु कंठ का जिक्र किया है, जिसके अनुसार योगेश्वर ट्रस्ट अष्ट भुजीय आकृति को ही केस का आधार बनाएगा।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा मंदिर की विष्णु कंठ आकृति के प्लेटफार्म को हाईकोर्ट में साक्ष्य के तौर पर पेश किया जाएगा। इसके साथ ही ईदगाह के वर्तमान में इस आकृति से मिलने वाली प्रत्येक आकृति को भी चुनौती दी जाएगी। पक्षकार का दावा है कि भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर निर्माण में जिस कला का प्रयोग किया गया है उसका बहुत सा भाग आज भी ईदगाह का हिस्सा है।
फ्रांसीसी यात्री टेवर्नियर जब सन् 1650 में मथुरा आए तो उन्होंने पाया कि मंदिर अष्ट भुजीय प्लेटफार्म पर टिका है। यह अष्ट भुजीय आकृति लाल पत्थर की बनी थी। मंदिर के तीन गुंबद थे, जिनमें से एक बड़ा गुंबद था तो दो छोटे-छोटे गुंबद बने थे। इसका जिक्र उसने अपनी पुस्तक में किया है। मंदिर की बाहरी दीवार पर बंदर व हाथी बने थे। पक्षकार ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस अष्ट भुजीय आकृति को विष्णु कंठ के नाम से जाना जाता है। क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण को विष्णु का अवतार माना गया है इसलिए उनके मंदिर निर्माण में इस कला का प्रयोग किया गया है। हमने इसे आधार बनाते हुए ईदगाह की उन सभी आकृतियों का अध्ययन किया है जोकि अष्टभुजीय यानि की विष्णु कंठ आकृति की हैं।
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फ्रांसीसी यात्री टेवर्नियर जब सन् 1650 में मथुरा आए तो उन्होंने पाया कि मंदिर अष्ट भुजीय प्लेटफार्म पर टिका है। यह अष्ट भुजीय आकृति लाल पत्थर की बनी थी। मंदिर के तीन गुंबद थे, जिनमें से एक बड़ा गुंबद था तो दो छोटे-छोटे गुंबद बने थे। इसका जिक्र उसने अपनी पुस्तक में किया है। मंदिर की बाहरी दीवार पर बंदर व हाथी बने थे। पक्षकार ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस अष्ट भुजीय आकृति को विष्णु कंठ के नाम से जाना जाता है। क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण को विष्णु का अवतार माना गया है इसलिए उनके मंदिर निर्माण में इस कला का प्रयोग किया गया है। हमने इसे आधार बनाते हुए ईदगाह की उन सभी आकृतियों का अध्ययन किया है जोकि अष्टभुजीय यानि की विष्णु कंठ आकृति की हैं।
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