फिरोजाबाद: इलाज के लिए तड़पती रही बीमार बेटी, न अफसरों ने सुनी, न मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से मिली मदद
फिरोजाबाद जिले में डेंगू और वायरल फीवर के प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और संवेदनहीनता सामने आ रही है। बुधवार रात को एक बीमार बच्ची का इलाज कराने के लिए उसके परिजन रातभर सरकारी अस्पताल में भटकते रहे। न जिले के अफसरों ने उनकी गुहार सुनी और न ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से मदद मिली।
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फिरोजाबाद के राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित सौ शैय्या अस्पताल में बीमार बच्ची को भर्ती कराने के लिए परिजन बुधवार रात भर भटकते रहे। जिले के प्रशासनिक अफसरों को फोन कर बच्ची को भर्ती कराने की गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल किया गया, लेकिन बच्चे को भर्ती नहीं किया गया। आखिरकार परिजन बच्चे को घर ले आए। परिजन गुरुवार को भी बीमार बच्चे को लेकर सौ शैय्या अस्पताल पहुंचे, लेकिन बच्चे को भर्ती ना कर दवा देकर घर भेज दिया गया।
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दक्षिण थाना क्षेत्र के मोहल्ला हिमायूंपुर निवासी प्रिया (5) को बुधवार रात तबीयत खराब हो गई। रात करीब 11 बजे परिजन बच्ची को लेकर सौ शैय्या अस्पताल पहुंचे। यहां परिजनों ने चिकित्सक से बच्ची को भर्ती करने को कहा, लेकिन स्टाफ ने बेड न होने की बात कहकर बच्ची को भर्ती करने से इनकार कर दिया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी लगाई गुहार
बुखार से तप रही बच्ची को भर्ती कराने के लिए परिजन अस्पताल के बाहर बैठकर जिले के अफसरों को फोन लगाते रहे लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। बीमार बच्ची के परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी कॉल मिलाया लेकिन वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
थक-हारकर परिजन बच्ची को लेकर घर लौट गए। गुरुवार सुबह उपचार मिलने की आस में परिजन बच्ची को लेकर दोबारा सौ शैय्या अस्पताल पहुंचे। यहां दवा देकर चिकित्सक ने बच्ची को घर ले जाने को कह दिया।
दवाइयां देकर लौटाया
द्वारिकापुरी निवासी पवन अपनी बेटी शालिनी को बुखार आने पर सौ शैय्या अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां बच्ची को भर्ती करने की गुहार लगाई लेकिन यहां चिकित्सकों ने उन्हें दो गोलियां थमा दीं और रिपोर्ट आने के बाद भर्ती करने की बात कही। इसके बाद पवन बुखार से तपती बच्ची को लेकर पूरे दिन सौ शैय्या के बाहर रिपोर्ट के आने का इंतजार करता रहा।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. हंसराज ने कहा कि अस्पताल में किसी बालिका को भर्ती नहीं किए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है और कोई शिकायत करेगा तो जांच कराई जाएगी। भर्ती लायक आने वाले प्रत्येक मरीज को भर्ती किया जा रहा है।
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