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वायरल फीवर का कहर: गले में दर्द-सूजन, तेज खांसी और स्वाद गायब...आगरा में तेजी से बढ़ रहे मरीज
Sat, 19 Sep 2026 10:15 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 19 Sep 2026 10:15 AM IST
सार
मौसम में बदलाव के बीच आगरा में वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं। तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द-सूजन और स्वाद गायब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 650 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि बाल रोग विभाग में भी वायरल लक्षण वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बार-बार बदल रहा मौसम लोगों को बीमार कर रहा है। तेज बुखार-खांसी, गले में सूजन-दर्द और मुंह का स्वाद भी नहीं आ रहा है। बीच में दवाएं छोड़ने से मर्ज कई दिन तक परेशान कर रहा है। इससे कमजोरी बहुत हो रही है। मरीज चिड़चिड़े भी हो रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में फॉलोअप में आने वाले मरीजों में दिक्कत बढ़ी हुई मिल रही है।
मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 650 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें फॉलोअप के मरीजों की संख्या करीब 30 फीसदी है। गर्मी-उमस में ठंडी सामग्री खाने-पीने और पारा कम होने से दिक्कत बन रही है। तेज बुखार के साथ तेजी से प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। कमजोरी और थकान ज्यादा मिल रही है। कई मरीज ऐसे भी हैं, जिन्होंने दवाएं बीच में बंद कर दी, जिससे मर्ज फिर से बढ़ गया।
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि वायरल फीवर लंबे समय तक परेशान कर रहा है। बाल रोग विशेषज्ञों के पास आ रहे मरीजों में से 80-90 फीसदी को तेज बुखार, उल्टी, गले में दर्द और सूजन की परेशानी हो रही है। गले में खराश होने से बच्चे सो नहीं पा रहे, जिससे चिड़चिड़ापन भी बढ़ रहा है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- हाईप्रोटीन वाला भोजन लें। दाल, सोयाबीन, शुद्ध पनीर, ड्राई फ्रूट्स खाएं।
- सुबह-शाम भाप लें, गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे जरूर करें।
- वायरल फीवर होने पर घर में अन्य परिजन से सीमित दूरी बरतें, मास्क लगाएं।
- आराम करें, मोबाइल-टीवी कम देखें, 3-5 लीटर पानी पिएं, फल खाएं।
- शरीर में दर्द, थकान, हल्का बुखार महसूस करें तो पैरासिटामॉल लें।
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मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 650 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें फॉलोअप के मरीजों की संख्या करीब 30 फीसदी है। गर्मी-उमस में ठंडी सामग्री खाने-पीने और पारा कम होने से दिक्कत बन रही है। तेज बुखार के साथ तेजी से प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। कमजोरी और थकान ज्यादा मिल रही है। कई मरीज ऐसे भी हैं, जिन्होंने दवाएं बीच में बंद कर दी, जिससे मर्ज फिर से बढ़ गया।
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इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि वायरल फीवर लंबे समय तक परेशान कर रहा है। बाल रोग विशेषज्ञों के पास आ रहे मरीजों में से 80-90 फीसदी को तेज बुखार, उल्टी, गले में दर्द और सूजन की परेशानी हो रही है। गले में खराश होने से बच्चे सो नहीं पा रहे, जिससे चिड़चिड़ापन भी बढ़ रहा है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- हाईप्रोटीन वाला भोजन लें। दाल, सोयाबीन, शुद्ध पनीर, ड्राई फ्रूट्स खाएं।
- सुबह-शाम भाप लें, गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे जरूर करें।
- वायरल फीवर होने पर घर में अन्य परिजन से सीमित दूरी बरतें, मास्क लगाएं।
- आराम करें, मोबाइल-टीवी कम देखें, 3-5 लीटर पानी पिएं, फल खाएं।
- शरीर में दर्द, थकान, हल्का बुखार महसूस करें तो पैरासिटामॉल लें।